{"_id":"66b1b47ff22c1652160fbbcc","slug":"hariyali-teej-2024-first-time-vrat-fasting-rules-teej-vrat-ke-niyam-in-hindi-2024-08-06","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Hariyali Teej 2024: हरियाली तीज व्रत के दौरान इन नियमों का करें पालन, मिलेगा पूजा का पूर्ण फल","category":{"title":"Festivals","title_hn":"त्योहार","slug":"festivals"}}
Hariyali Teej 2024: हरियाली तीज व्रत के दौरान इन नियमों का करें पालन, मिलेगा पूजा का पूर्ण फल
Wed, 07 Aug 2024 06:34 AM IST
शिखर बरनवाल
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिखर बरनवाल
Updated Wed, 07 Aug 2024 06:34 AM IST
सार
हरियाली तीज, सावन महीने का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जिसे सुहागिन महिलाएं अपने सुहाग की लंबी उम्र के लिए मनाती हैं। इस साल हरियाली तीज 7 अगस्त 2024 को मनाई जाएगी। हरियाली तीज का व्रत रखने के कुछ नियम होते हैं, जिसके बारे में आपको भी जानना चाहिए।
विज्ञापन
Hariyali Teej Vrat Rules
- फोटो : Amar Ujala
Hariyali Teej Vrat Rules: हरियाली तीज, सावन महीने का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जिसे सुहागिन महिलाएं अपने सुहाग की लंबी उम्र के लिए मनाती हैं। यह त्योहार धार्मिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। इस दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। हरियाली तीज सावन महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। आज यानी 7 अगस्त 2024 को हरियाली तीज मनाई जा रही है। सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए यह व्रत रखती हैं, वहीं कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर पाने के लिए यह व्रत रखती हैं। यह व्रत पति-पत्नी के रिश्ते को मजबूत बनाने में मदद करता है। हरियाली तीज का व्रत रखने के कुछ नियम होते हैं, जिसके बारे में आपको भी जानना चाहिए।
कब है हरियाली तीज 2024 ?
- फोटो : Amar Ujala
हरियाली तीज व्रत के नियम
हरियाली तीज का व्रत निर्जला होता है, यानी इस दिन व्रत रखने वाली महिलाओं को पानी का एक बूंद भी नहीं पीना चाहिए। हरा रंग इस त्योहार का प्रमुख रंग है। महिलाओं को हरे रंग के कपड़े पहनने चाहिए और हरे रंग की चीजों का उपयोग करना चाहिए। इस दिन माता पार्वती को 16 शृंगार की वस्तुएं अर्पित की जाती हैं। इसमें मेहंदी, महावर, कुमकुम, सिंदूर, चूड़ी, चुनरी, साड़ी, आभूषण, पुष्प माला आदि शामिल हैं। इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। एक चौकी पर माता पार्वती और भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित करें और उनकी पूजा करें। अगले दिन सूर्योदय के बाद व्रत का पारण किया जाता है। खास बात ये है कि व्रत के दिन पति-पत्नी के बीच किसी भी तरह का झगड़ा या तनाव नहीं होना चाहिए।
ये भी पढ़ें- Hariyali Teej 2024: हरियाली तीज के दिन भूलकर भी न करें ये काम, वरना निष्फल हो जाएगा व्रत
हरियाली तीज का व्रत निर्जला होता है, यानी इस दिन व्रत रखने वाली महिलाओं को पानी का एक बूंद भी नहीं पीना चाहिए। हरा रंग इस त्योहार का प्रमुख रंग है। महिलाओं को हरे रंग के कपड़े पहनने चाहिए और हरे रंग की चीजों का उपयोग करना चाहिए। इस दिन माता पार्वती को 16 शृंगार की वस्तुएं अर्पित की जाती हैं। इसमें मेहंदी, महावर, कुमकुम, सिंदूर, चूड़ी, चुनरी, साड़ी, आभूषण, पुष्प माला आदि शामिल हैं। इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। एक चौकी पर माता पार्वती और भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित करें और उनकी पूजा करें। अगले दिन सूर्योदय के बाद व्रत का पारण किया जाता है। खास बात ये है कि व्रत के दिन पति-पत्नी के बीच किसी भी तरह का झगड़ा या तनाव नहीं होना चाहिए।
ये भी पढ़ें- Hariyali Teej 2024: हरियाली तीज के दिन भूलकर भी न करें ये काम, वरना निष्फल हो जाएगा व्रत
हरियाली तीज
- फोटो : Amar Ujala
क्यों मनाई जाती है हरियाली तीज?
हरियाली तीज का त्योहार प्रकृति और महिलाओं के बीच के संबंध को दर्शाता है। इस दिन प्रकृति अपने सबसे हरे-भरे रूप में होती है और महिलाएं अपनी सुंदरता और सौभाग्य के लिए प्रार्थना करती हैं।
ये भी पढ़ें- Hariyali Teej 2024: हरियाली तीज पर सुहागिन महिलाएं जरूर करें ये काम, घर में हमेशा रहेगी सुख-समृद्धि
हरियाली तीज का त्योहार प्रकृति और महिलाओं के बीच के संबंध को दर्शाता है। इस दिन प्रकृति अपने सबसे हरे-भरे रूप में होती है और महिलाएं अपनी सुंदरता और सौभाग्य के लिए प्रार्थना करती हैं।
ये भी पढ़ें- Hariyali Teej 2024: हरियाली तीज पर सुहागिन महिलाएं जरूर करें ये काम, घर में हमेशा रहेगी सुख-समृद्धि
विज्ञापन
विज्ञापन
Vat Savitri Vrat 2024
- फोटो : istock
हरियाली तीज की पूजा विधि
इस दिन प्रातः काल जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ और सुन्दर वस्त्र पहनें। पूजा के समय आभूषण पहनना शुभ माना जाता है, इसलिए आभूषण भी धारण करें। फिर स्वच्छ स्थान पर पीला वस्त्र बिछाकर वहां चौकी पर माता गौरी और भगवान शिव की प्रतिमा को स्थापित करें। पूजा विधि पूर्वक शुरू करें, जिसमें सबसे पहले भगवान शिव और माता गौरी की पूजा की जाती है। इस अवसर पर हरे रंग की सजावट करें और हरे पत्ते चढ़ाएं।
इस दिन प्रातः काल जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ और सुन्दर वस्त्र पहनें। पूजा के समय आभूषण पहनना शुभ माना जाता है, इसलिए आभूषण भी धारण करें। फिर स्वच्छ स्थान पर पीला वस्त्र बिछाकर वहां चौकी पर माता गौरी और भगवान शिव की प्रतिमा को स्थापित करें। पूजा विधि पूर्वक शुरू करें, जिसमें सबसे पहले भगवान शिव और माता गौरी की पूजा की जाती है। इस अवसर पर हरे रंग की सजावट करें और हरे पत्ते चढ़ाएं।
विज्ञापन
Vat Savitri Vrat 2024
- फोटो : freepik
इन चीजों का लगाएं भोग
इसके बाद फल, मिठाई और अन्य भोग अर्पित करें, खासतौर पर फल, मेवे, और हरी चूड़ियां अर्पित की जाती हैं। पूजा के बाद हरियाली तीज की कथा पढ़ें या सुनें। अंत में, पूजा समाप्त करने के बाद परिवार के साथ प्रसाद वितरित करें । यह पूजा माता गौरी की कृपा प्राप्त करने और घर में सुख-समृद्धि लाने के लिए की जाती है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस लेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
इसके बाद फल, मिठाई और अन्य भोग अर्पित करें, खासतौर पर फल, मेवे, और हरी चूड़ियां अर्पित की जाती हैं। पूजा के बाद हरियाली तीज की कथा पढ़ें या सुनें। अंत में, पूजा समाप्त करने के बाद परिवार के साथ प्रसाद वितरित करें । यह पूजा माता गौरी की कृपा प्राप्त करने और घर में सुख-समृद्धि लाने के लिए की जाती है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस लेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।