गुरु नानक जयंती का पर्व कार्तिक पूर्णिमा के दिन देश भर में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल यह पर्व 12 नवंबर, मंगलवार को मनाया जाएगा। यह पर्व सिख समुदाय के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता है। आइए, आज आपको गुरु नानक जयंती के बारें में सब कुछ बताते हैं...
Guru Nanak 550 Birth Anniversary: जानिए गुरु नानक देव जी कैसे बने सिख धर्म के संस्थापक
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गुरुपर्व हर साल गुरु के जन्मदिन पर मनाया जाता है। गुरु नानक जयंती का पर्व सिख समुदाय के पहले गुरु, गुरु देव नानक जी के जन्मदिन के तौर पर मनाया जाता है।
गुरुपर्व की तिथि
गुरुनानक जयंती या गुरुपर्व हर साल कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है।
महत्त्व
गुरु नानक देव जी सिख धर्म के प्रथम गुरु और संस्थापक थे। गुरु नानक जी के उपदेश और शिक्षाएं उनके अनुयायियों के बीच आज भी काफी लोकप्रिय हैं। गुरु नानक देव जी ने अध्यात्मिक शिक्षा के आधार पर ही सिख धर्म की स्थापना की।
गुरु नानक जी बहुमुखी प्रतिभा वाले व्यक्तित्व थे। गुरु नानक देव जी को धार्मिक नवप्रवर्तनक भी माना जाता है। सिख धर्म के प्रथम गुरु होने के साथ-साथ वे एक महान दार्शनिक, समाजसुधारक, देशभक्त, धर्मसुधारक, योगी आदि भी थे। उन्होंने अंधविश्वास, मूर्ति पूजा आदि का कट्टर विरोध किया।
गुरु नानक जी ने धार्मिक कुरोतियों के खिलाफ अपनी आवाज उठाई और दुनिया के कोने-कोने में सिख धर्म का प्रचार किया। गुरु नानक देव जी ने अनुयायियों को भगवान तक पहुंचने का मार्ग बताया। उन्होंने लोगों को प्रेम करना, जरूरतमंदों की सहायता करना, महिलाओं का आदर करना आदि के लिए भी प्रेरित किया और अपने अनुयायियों को ईमानदारी पूर्वक जीवन जीने की शिक्षा दी और जीवन से संबंधित कई उपदेश दिए।
गुरु ग्रंथ साहिब
गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं को 974 भजनों के रूप में अमर किया गया था, जिसे सिख धर्म के पवित्र पाठ ‘गुरु ग्रंथ साहिब’ के नाम से जाना जाता है।