फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Gangaur 2025: गणगौर व्रत कब है? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

Thu, 06 Mar 2025 07:09 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Thu, 06 Mar 2025 07:09 AM IST
सार

Gangaur Vrat 2025 Date: हिंदू धर्म में गणगौर का व्रत अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। इस व्रत के आयोजन से भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आइए, जानते हैं कि इस वर्ष गणगौर का व्रत कब मनाया जाएगा।

विज्ञापन
Gangaur 2025 Date Time Puja vidhi Muhurat and Mahatv in hindi
gangaur 2025 - फोटो : amar ujala

Gangaur Vrat Kab Hai 2025: हिंदू धर्म में गणगौर व्रत को विशेष महत्व दिया जाता है। यह व्रत चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है और इसे भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित किया गया है। इसे तृतिया तीज के नाम से भी जाना जाता है। "गणगौर" नाम "गण" (भगवान शिव) और "गौर" (माता पार्वती) के संयोजन से बना है। 

Navpancham yog 2025: 8 मार्च को बनेगा नवपंचम राजयोग, इन तीन राशि वालों को करियर में मिल सकता है विशेष लाभ

गणगौर व्रत का विशेष महत्व विवाहित महिलाओं के लिए है, जो इसे अपने पति की लंबी उम्र के लिए करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को रखने वाली महिलाओं को भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके अलावा, कुंवारी कन्याएं भी इस व्रत को रखती हैं, क्योंकि मान्यता है कि इससे उन्हें मनचाहा वर मिलता है। आइए जानते हैं कि इस वर्ष गणगौर व्रत कब मनाया जाएगा, इसकी पूजा विधि और महत्व क्या है।

Chaturgrahi Yog 2025: मार्च में ग्रहों की अद्भुत युति से इन राशियों को मिलेगा जबरदस्त आर्थिक लाभ

Gangaur 2025 Date Time Puja vidhi Muhurat and Mahatv in hindi
gangaur 2025 - फोटो : adobe stock

इस साल कब है गणगौर व्रत ?
चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि आरंभ: 31 मार्च, प्रातः 9 बजकर 11 मिनट पर 
चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि समाप्त: 1 अप्रैल, प्रातः 5 बजकर 42 मिनट पर 
ऐसे में इस साल गणगौर का व्रत 31 मार्च को रखा जाएगा। 

Gangaur 2025 Date Time Puja vidhi Muhurat and Mahatv in hindi
gangaur 2025 - फोटो : adobe stock

गणगौर पूजा विधि

  • गणगौर व्रत के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनना चाहिए। इसके बाद, मिट्टी से भगवान शिव और माता गौरी की मूर्तियाँ बनाकर उन्हें सुंदर वस्त्र पहनाने चाहिए। 
  • इसके पश्चात, विधिपूर्वक भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करनी चाहिए। पूजा के दौरान माता पार्वती को श्रृंगार का सामान अर्पित करना चाहिए। 
  • भगवान शिव और माता पार्वती को चंदन, अक्षत, रोली, और कुमकुम लगाना चाहिए। इसके साथ ही, उन्हें दूर्वा चढ़ानी चाहिए। 
  • भगवान शिव और माता पार्वती के समक्ष धूप और दीप जलाना चाहिए। उन्हें चूरमे का भोग भी अर्पित करना चाहिए। 
  • एक थाली में चांदी का सिक्का, सुपारी, पान, दूध, दही, गंगाजल, हल्दी, कुमकुम, और दूर्वा डालकर सुहाग जल तैयार करें। 
  • फिर, दूर्वा से इस सुहाग जल को भगवान शिव और माता पार्वती पर छिड़कें, और अंत में इसे घर के सदस्यों पर भी छिड़कें।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
Gangaur 2025 Date Time Puja vidhi Muhurat and Mahatv in hindi
gangaur 2025 - फोटो : adobe stock

गणगौर का महत्व
राजस्थान में विवाहित, नवविवाहित और अविवाहित महिलाएं गणगौर की पूजा करती हैं। इस पर्व के संबंध में मान्यता है कि यदि विवाहित और नवविवाहित महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती के प्रतीक ईशर और गणगौर की पूजा करती हैं, तो उनके पतियों की उम्र लंबी होती है। वहीं, अविवाहित महिलाएं इस त्योहार को मनाकर भगवान शिव जैसे पति की प्राप्ति की कामना करती हैं।

विज्ञापन
Gangaur 2025 Date Time Puja vidhi Muhurat and Mahatv in hindi
gangaur 2025 - फोटो : adobe stock

गणगौर उत्सव क्यों मनाया जाता है?
गणगौर पूजा महिलाओं के लिए बहुत महत्व रखती है। यह देवी गौरी या पार्वती का सम्मान करते हुए विवाह और प्रेम का जश्न मनाने के लिए है। खास तौर पर राजस्थान में, यह माना जाता है कि वैवाहिक प्रेम और पूर्णता देवी पार्वती का प्रतिनिधित्व करती है। विवाहित और अविवाहित दोनों महिलाएं गणगौर उत्सव में उत्साहपूर्वक भाग लेती हैं, शिव और पार्वती की मिट्टी की मूर्तियां बनाती हैं, उन्हें आकर्षक कपड़े पहनाती हैं और गणगौर पूजा करते समय उनकी पूजा करती हैं। वैवाहिक सुख की प्रार्थना के लिए महिलाएँ दिन भर उपवास रखती हैं। गणगौर के दिन स्वादिष्ट भोजन तैयार किया जाता है।


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed