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Ashadha Purnima 2025: आषाढ़ पूर्णिमा आज, कब करें पूजा और दान? जानें शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

Thu, 10 Jul 2025 10:04 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Thu, 10 Jul 2025 10:04 AM IST
सार

Ashadha Purnima 2025: आषाढ़ पूर्णिमा का दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन पूजा, व्रत और दान करने से सौभाग्य बढ़ता है और पापों का नाश होता है।

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Ashadha Purnima and Guru Purnima Today Know the Auspicious Time Puja Vidhi, Mantras Daan
Ashadha Purnima Vrat Shubh Muhurat - फोटो : adobe stock

Ashadha Purnima Vrat Shubh Muhurat: आषाढ़ पूर्णिमा का दिन सनातन धर्म में विशेष महत्व रखता है। यह तिथि भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की आराधना के लिए अत्यंत पावन मानी जाती है। शास्त्रों के अनुसार, आषाढ़ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को किए गए जप, तप, व्रत, दान और पूजा का सौगुना फल प्राप्त होता है। यह दिन गुरु पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता है, जो गुरु के ज्ञान, आशीर्वाद और मार्गदर्शन का स्मरण कर उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का श्रेष्ठ अवसर होता है।


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वर्ष 2025 में आषाढ़ पूर्णिमा का यह पर्व जुलाई माह में मनाया जाएगा। इस दिन विशेष पूजा, स्नान, दान और व्रत रखने से पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है। माना जाता है कि इस दिन श्रीहरि विष्णु और मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने वाले उपाय करने से दुर्भाग्य दूर होता है और सौभाग्य में वृद्धि होती है। आइए जानते हैं इस खास दिन का शुभ मुहूर्त और करने योग्य पुण्यदायक कार्य कौन-कौन से हैं।
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Ashadha Purnima and Guru Purnima Today Know the Auspicious Time Puja Vidhi, Mantras Daan
आषाढ़ पूर्णिमा का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत पावन माना गया है। - फोटो : adobe stock

आषाढ़ पूर्णिमा का महत्व
आषाढ़ पूर्णिमा का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत पावन माना गया है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने, भगवान विष्णु की भक्ति करने और जरूरतमंदों को दान देने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्यों से पुराने पापों का नाश होता है और जीवन में शांति व समृद्धि का प्रवेश होता है। यह तिथि गुरु पूर्णिमा के रूप में भी जानी जाती है, जो गुरु के सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने का विशेष अवसर है। इस दिन गुरुजनों की पूजा, संतों के दर्शन और उनका आशीर्वाद लेना विशेष फलदायक माना गया है। इसलिए आषाढ़ पूर्णिमा सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि और सद्गुणों को अपनाने का भी शुभ अवसर है।

Ashadha Purnima and Guru Purnima Today Know the Auspicious Time Puja Vidhi, Mantras Daan
आषाढ़ पूर्णिमा की तिथि 10 जुलाई 2025 को रात 1:36 बजे से शुरू होकर 11 जुलाई की रात 2:06 बजे तक रहेगी। - फोटो : adobe stock

आषाढ़ पूर्णिमा 2025 की तिथि
पंचांग के अनुसार, आषाढ़ पूर्णिमा की तिथि 10 जुलाई 2025 को रात 1:36 बजे से शुरू होकर 11 जुलाई की रात 2:06 बजे तक रहेगी। लेकिन हिंदू परंपरा में सूर्योदय के समय मौजूद तिथि को ही मान्यता दी जाती है। चूंकि 10 जुलाई को सूर्योदय के समय पूर्णिमा की तिथि रहेगी, इसलिए यही दिन आषाढ़ पूर्णिमा के पर्व के रूप में मनाया जाएगा।

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आषाढ़ पूर्णिमा के शुभ मुहूर्त

आषाढ़ पूर्णिमा के शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः  04:10 से प्रातः  04:50 बजे तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:45 से दोपहर 03:40 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: सायं 07:21 से सायं 07:41 बजे तक
  • निशिता मुहूर्त: रात्रि 12:06 से  रात्रि12:47 बजे तक
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पूजन के बाद पूर्णिमा की व्रत कथा का पाठ करें या ध्यानपूर्वक सुनें। - फोटो : Adobe Stock

आषाढ़ पूर्णिमा के दिन क्या करें?

  • आषाढ़ पूर्णिमा के दिन स्नान, पूजा और दान का विशेष महत्व होता है।
  • इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र पहनकर व्रत का संकल्प लें।
  • इसके बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा करें।
  • पूजा में तुलसी के पत्ते, पीले फूल, पंचामृत और घी का दीपक अर्पित करना शुभ माना जाता है।
  • पूजन के बाद पूर्णिमा की व्रत कथा का पाठ करें या ध्यानपूर्वक सुनें।
  • अंत में जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, धन या अन्य सामग्री का दान करें, जिससे पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
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