येलो अलर्ट के बीच मंगलवार को हिमाचल के जिला कांगड़ा में बादल झमाझम बरसे। धर्मशाला में सबसे अधिक 89 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। गगल के पास समीरपुर में मांझी खड्ड के उफान पर आने से वहां एक बुजुर्ग फंस गया। स्थानीय प्रशासन ने बुजुर्ग को सुरक्षित बाहर निकाला। कुल्लू के न्यूली-शैंशर मार्ग पर चट्टान गिरने से सब्जियों के वाहन फंस गए। रोहतांग सहित लाहौल स्पीति की ऊंची चोटियों पर मंगलवार को भी फाहे गिरने का दौर जारी रहा।
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मांझी खड्ड में बुजुर्ग फंसा।
- फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को शिमला, बिलासपुर, हमीरपुर, सुंदरनगर और मनाली में भी बरसे बादल। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने बुधवार को प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पूरे प्रदेश में एक अगस्त तक भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। प्रदेश में जारी बारिश से पहाड़ी क्षेत्रों के मौसम में ठंडक बढ़ गई है। मैदानी जिलों के लोगों को उमस भरी गर्मी से कुछ राहत मिली है।
राजधानी शिमला में मंगलवार सुबह करीब 11 बजे बारिश हुई। दोपहर बाद शहर में मौसम साफ हो गया। जिला कांगड़ा में सोमवार देर रात से लेकर मंगलवार दोपहर तक धर्मशाला, दाड़ी, सकोह, गगल, कांगड़ा के आसपास के अधिकतर हिस्सों में लगातार बारिश हुई। पालमपुर, भवारना, बैजनाथ, सहित आसपास के क्षेत्रों में दोपहर तक तेज बारिश हुई। जिला कुल्लू में सोमवार रात को कई इलाकों में भारी बारिश हुई।
मनाली के साथ बंजार व सैंज घाटी में बारिश से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पागलनाला लोगों के लिए परेशानी बन गया है। बारिश से 14 किलोमीटर लंबे न्यूली-शैंशर मार्ग पर चट्टानों के गिरने का क्रम जारी है। इस पर मंगलवार सुबह भी एक विशालकाय चट्टान आने से मार्ग बंद हो गया और लोगों को अपने बच्चों के साथ पैदल ही गंतव्य की ओर रवाना होना पड़ा। ऐसे में कई छोटी गाड़ियों के साथ सब्जियां की गाड़ियां यहां फंस गईं।
मानसून आने के बाद लारजी-सैंज मार्ग कई बार बंद हो गया है। इसके चलते मंगलवार सुबह भी यहां पर करीब दो घंटे तक सब्जियों से भरी गाड़ियां फंसी रहीं। बारिश से पागलनाला में पानी के साथ मलबा आ गया और सड़क के दोनों तरफ बहने लगा। इससे यहां सुबह के समय सब्जी मंडी को जाने वाली सेब, नाशपाती व सब्जियों से भरी दर्जनों गाड़ियां दो घंटे तक फंसी रहीं।