शिमला शहर में पानी की भारी किल्लत को लेकर लोगों का गुस्सा फूटने लगा है। लोगों ने सड़कों पर उतरकर चक्का जाम शुरू कर दिया है। कई इलाकों में हफ्ते में एक दिन कुछ मिनटों के लिए पानी की सप्लाई मिल रही है। 8 दिनों से पानी की सप्लाई न मिलने से परेशान टूटु के लोगों ने बुधवार को टूटु-नालागढ़ सड़क पर चक्काजाम कर दिया।
शिमला में पानी के लिए मचा हाहाकार, गुस्साए लोगों ने किया चक्का जाम
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शाम करीब साढ़े चार बजे लोग टुटू बाजार में जमा हुए और नारेबाजी करते हुए सड़क पर बैठ गए। जाम लगने के कारण सड़क के दोनों और वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब दो घंटे तक स्थानीय लोग नारेबाजी करते रहे। साढ़े छह बजे नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे और समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद लोग सड़क से हटने के लिए तैयार हुए।
स्थानीय निवासी विजेंद्र मेहरा ने बताया कि टूटु में आठ से दस दिन बाद पानी की सप्लाई दी जा रही है। अधिकतर क्षेत्रों में आईपीएच की सप्लाई है। बार बार आईपीएच से लोगों की मांग के अनुरूप पानी का बंदोबस्त करने का आग्रह किया गया है बावजूद इसके विभाग गंभीर नहीं है। टूटु के कुछ क्षेत्रों में नगर निगम भी पानी की सप्लाई देता है लेकिन अधिकतर लोगों को पानी की किल्लत से जूझना पड़ रहा है।
उधर, कसुम्पटी में भी लोगों ने सड़क पर उतरकर पानी की किल्लत को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि नगर निगम और सरकार पानी की सप्लाई को लेकर गंभीर नहीं है। लोगों को बावड़ियों से पानी ढोना पड़ रहा है। पानी हफ्ते में एक बार मिलता है जबकि बिल पूरे महीने का वसूल होता है।
न्यू शिमला के कंगनाधार में पानी के असमान वितरण के कारण लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बीते आठ दिनों से कंगनाधार के एक ब्लॉक में पानी की सप्लाई हो रही है जबकि दूसरे ब्लाक में लोगों को पानी की एक बूंद तक नही मिली। लोगों का कहना है कि अगर एमसी ने पानी का असमान वितरण नहीं रोका और सभी लोगों को बराबर पानी नहीं दिया गया तो सड़क पर उतर कर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।