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किसानों का शोषण, नोटबंदी से दिल्ली में फंस गई खून-पसीने की कमाई

Sat, 17 Dec 2016 08:37 AM IST
अशोक चौहान/अमर उजाला, शिमला
अशोक चौहान/अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 17 Dec 2016 08:37 AM IST
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Vegetables Traders in Azadpur Mandi not Making Payment to Farmers.

नोटबंदी की मार से किसान अब बेहाल हो गए हैं। इस साल इनकी खून पसीने की कमाई दिल्‍ली में फंस गई है। कमाया हुआ पैसा भी इन्हें नहीं मिल रहा है। आइए जानते हैं आखिर क्यों किसानों को उनका पैसा नहीं दिया जा रहा-

Vegetables Traders in Azadpur Mandi not Making Payment to Farmers.

दरअसल जून से नवंबर तक भेजी हजारों किसानों की फसलों की अधिकतर पेमेंट दिल्ली की आजादपुर मंडी के आढ़तियों के पास फंस गई है। आढ़ती नए नोट न होने का तर्क दे रहे हैं जबकि किसान पुराने नोट नहीं चाहते हैं।

Vegetables Traders in Azadpur Mandi not Making Payment to Farmers.

आढ़तियों को बार-बार फोन करने के बावजूद किसानों के अकाउंट में पैसा नहीं आ रहा है। गौरतलब है कि हिमाचल के सोलन, सिरमौर, शिमला आदि जिलों के हजारों किसान दिल्ली की आजादपुर मंडी में ही अपनी फसलें बेचते हैं। सेब, अन्य फलों के अलावा टमाटर, शिमला मिर्च, फ्रासबीन, मटर जैसी नकद फसलें यहां बड़े पैमाने पर होती हैं।

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Vegetables Traders in Azadpur Mandi not Making Payment to Farmers.

नई फसल के लिए बीज-कीटनाशक और पुरानी पेमेंट के लिए किसानों को पैसा चाहिए जो नहीं मिल रहा है। फसलों के पैसे से ही किसान घर की मरम्मत और अन्य काम भी करवाते हैं। एचपी स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड के एमडी एचएस बवेजा का कहना है कि प्रदेश में ऐसे मामले हो सकते हैं, लेकिन हमारे पास अभी इस तरह की शिकायतें नहीं आई हैं। नोटबंदी के बाद रेट कम होने की शिकायतें जरूर आ रही हैं।

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Vegetables Traders in Azadpur Mandi not Making Payment to Farmers.

सोलन के चेवण निवासी प्रकाश चंद का कहना है कि मैंने कुछ पैसा तो अक्तूबर में ले लिया है लेकिन 50 हजार रुपये आढ़तियों के पास ही फंसे हैं। किसान अमित कुमार का कहना है कि मेरे दो लाख जबकि कई किसानों के पांच लाख रुपये तक फंसे हुए हैं। इस बार टमाटर की बंपर फसल हुई थी और रेट भी अच्छा मिला। मगर नोटबंदी के कारण आढ़तियों से पैसा नहीं मिल रहा है। सतीश कुमार का कहना है कि दिल्ली के आढ़ती फरवरी में ही पैसा देने की बात कर रहे हैं।

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