सबसे कठिन यात्राओं में शुमार श्रीखंड महादेव यात्रा रविवार 15 जुलाई से शुरू होगी। यह 31 जुलाई तक होगी। 18570 फीट ऊंचाई पर स्थित श्रीखंड महादेव के दर्शन के लिए यात्रियों को 35 किलोमीटर का पैदल सफर करना पड़ता है। ग्लेशियरों से होकर गुजरने वाला यह रास्ता बेहद जोखिम भरा है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को 25 किलोमीटर की सीधी चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। हर वर्ष देश-विदेश के श्रद्धालु श्रीखंड यात्रा पर जाते हैं।
उधर, जिला प्रशासन का दावा है कि इस साल श्रीखंड महादेव यात्रा सुरक्षित होगी। प्रशासन ने 32 किलोमीटर लंबे रास्ते को लोनिवि के साथ वन विभाग की मदद से चकाचक किया है। 15 से 31 जुलाई तक चलने वाली ऐतिहासिक यात्रा में इस बार पुलिस की एक बटालियन के साथ होमगार्ड के 25 जवान तैनात किए जाएंगे।
15 जुलाई सुबह देवविधि से सिहंगाड़ से यात्रा का शुभारंभ होगा। श्रद्धालुओं को किसी तरह की समस्या न हो, इसके लिए जिला प्रशासन और श्रीखंड ट्रस्ट ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। आपातकालीन स्थिति से निपटने को एक टीम तैनात की गई है। एक रेस्क्यू वाहन भी रखा है। डॉक्टरों की एक टीम 17 दिन तक यहां रहेगी। सभी यात्रियों का पंजीकरण के साथ स्वास्थ्य जांचा जाएगा। इसके बाद ही श्रद्धालुओं को श्रीखंड भेजा जाएगा।
सिंहगाड़, थाचडू, कालीघाट, भीमडवार, पार्वतीबाग, नयन सरोवर आदि मनमोहक व आकर्षित स्थलों से होकर गुजरने वाली श्रीखंड यात्रा के दौरान रास्ते में ढाबे और लंगरों में बने खाने की रोजाना गुणवत्ता जांची जाएगी।
यात्रा वाली जगहों पर साफ पानी मिले, इसके लिए नई पाइप लाइनों को जोड़ा गया है। ात्रियों को अपने साथ गर्म कपड़े, मोटी जुराबें, टॉर्च, डंडा और जरूरी दवाएं साथ रखनी जरूरी हैं जो आपात स्थिति में यात्रियों के काम आएंगी। उपायुक्त कुल्लू एवं श्रीखंड यात्रा ट्रस्ट के अध्यक्ष यूनुस ने कहा कि श्रीखंड यात्रा 15 से 31 जुलाई तक चलेगी।