धर्मगुरु दलाईलामा और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम होने के बावजूद जिला कांगड़ा विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद नहीं बन पाया है। जिला कांगड़ा प्रदेशभर में विदेशी पर्यटकों की दूसरी पसंद है, जबकि विदेशी नागरिकों की पहली पसंद राजधानी शिमला है। इसके अलावा हमीरपुर जिला प्रदेश का पहला ऐसा जिला है, जहां पर विदेशी पर्यटक रहना बिलकुल भी पसंद नहीं करते हैं।
पर्यटन विभाग के आंकड़ों से खुलासा, ये जगह है पर्यटकों की पहली पसंद
इसके बाद कुल्लू जिला विदेशी पर्यटकों की तीसरी पसंद बना है, जबकि शीत मरुस्थल कहा जाने वाला जिला लाहौल-स्पीति विदेशी पर्यटकों की चौथी पसंद है। इसके अलावा अन्य जिलों में विदेशी पर्यटकों का वर्ष 2018 में आंकड़ा दो हजार भी पार नहीं कर पाया है।
प्रदेश सरकार पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। लेकिन वर्ष 2018 में 31 लाख से अधिक देसी-विदेशी पर्यटकों ने हिमाचल प्रदेश से मुंह मोड़ा है। वर्ष 2017 में प्रदेश भर में 1,96,01,533 पर्यटक आए थे, जिनमें से 1,91,30,541 देसी, जबकि 4,70,992 विदेशी पर्यटक शामिल थे। वर्ष 2018 में 1,64,50,503 पर्यटकों ने प्रदेश का भ्रमण किया, जिनमें 16093935 देसी और 356568 विदेशी पर्यटक दर्ज हुए। 2018 में प्रदेश भर में 30, 03,606 देसी, जबकि 1,14,424 विदेशी पर्यटकों की कमी दर्ज हुई है।
2018 में किस जिले में आए कितने विदेशी पर्यटक
जिला विदेशी
शिमला 123000
कांगड़ा 107451
कुल्लू 96201
लाहौल-स्पीति 13764
सोलन 5505
मंडी 4440
किन्नौर 3028
सिरमौर 1873
चंबा 1035
बिलासपुर 186
ऊना 83
हमीरपुर 02
वर्ष 2018 में अवैध होटलों पर हुई कार्रवाई, राजधानी शिमला में पानी की किल्लत और मनाली की बाढ़ में तैरती बस ने पर्यटन व्यवसाय को नुकसान पहुंचाया है। इन सब चीजों का गलत संदेश पर्यटकों में गया है, जिसके चलते इस वर्ष पर्यटकों की संख्या में कमी दर्ज की गई है। - अश्वनी बांबा, अध्यक्ष, होटल एसोसिएशन मैक्लोडगंज।