विश्व प्रसिद्ध रोहतांग दर्रा शनिवार को सैलानियों के लिए खुल गया। पहले दिन देशभर से हजारों पर्यटक 13050 फीट ऊंचाई पर स्थित दर्रा पहुंचे। एनजीटी के आदेश के तहत पहले दिन 1300 वाहन मनाली से रोहतांग के लिए भेजे गए। इनमें 800 पेट्रोल और 400 डीजल वाहन थे।
रोहतांग के लिए 100 वाहनों को स्पेशल परमिट जारी करने का भी प्रावधान है। 51 किलोमीटर लंगे रोमांचक सफर में आठ से दस फीट ऊंची बर्फ की दीवारें देखकर पर्यटक गदगद हो गए। सैलानियों ने बर्फ के बीच खूब मस्ती की। पिछले साल के मुकाबले इस बार रोहतांग दर्रा करीब डेढ़ महीना देरी से खोला गया।
निजी वाहनों के लिए अभी भी परमिट लेकर जाना होगा। इसके अलावा लाहौल जाने वाले पर्यटकों को भी हरी झंडी मिल गई। रोहतांग दर्रे पर भारी बर्फ होने से यहां वाहन पार्क करना अभी मुश्किल हो रहा है, लेकिन पर्यटकों को किसी तरह की समस्या न आए, इसके लिए प्रशासन ने जगह-जगह पुलिस की तैनाती की है।
एसडीएम मनाली अश्वनी कुमार ने बताया कि दर्रा शनिवार को सैलानियों को लिए खोल दिया है। पर्यटकों की सुविधा के लिए रोहतांग में स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा गया है। मढ़ी में एनजीटी के आदेश पर पर्यटकों के लिए ईको फ्रेंडली मार्केट तैयार की है।
गुजरात से रोहतांग पहुंचे जयंत, हेमंत शाह और विपुल पटेल ने कहा कि उनका सपना रोहतांग जाने का था, जो पूरा हो गया। दिल्ली से मनाली आए अनिल पुरोहित, पूजा, रवि कुमार तथा सुमेश सिंह ने बताया कि यहां उन्हें गर्मी से निजात मिली है और रोहतांग जाने की उनकी तमन्ना पूरी हो गई है।