हिमाचल के राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में अमर उजाला की ओर से शुक्रवार को आयोजित मंडल स्तरीय मुरारीलाल माहेश्वरी स्मृति वाद-विवाद प्रतियोगिता में शहीद कैप्टन विक्रम बत्तरा कॉलेज पालमपुर की टीम प्रथम रही। प्रतियोगिता में प्रतिभागी विद्यार्थियों ने ‘राजनीतिज्ञों के लिए आयु सीमा होनी ही चाहिए’ विषय पर पक्ष-विपक्ष में अपनी बात तर्कों के साथ रखी। शाहपुर कॉलेज और डीएवी बनीखेत के प्रतिभागी दूसरे और डीएवी बनीखेत व चंबा कॉलेज के प्रतिभागी तीसरे स्थान पर रहे।
ऊना, चंबा और कांगड़ा जिलों में पहले और दूसरे स्थान पर रहने वाली टीमों ने मंडल स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लिया। चंबा कॉलेज के यशराज और ऊना कॉलेज की कंचन राणा ने सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किए। प्रतियोगिता में पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की, जबकि उपायुक्त कांगड़ा राकेश प्रजापति विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
शिक्षाविद् सेवानिवृत्त कॉलेज प्राध्यापक डॉ. बीपी भड़ोला, तकनीकी विभाग में नेशनल इन्फर्मेटिक्स सेंटर के वरिष्ठ तकनीकी निदेशक भूपेंद्र पाठक और ऑल इंडिया रेडियो के आकाशवाणी केंद्र धर्मशाला के वरिष्ठ अधिकारी सुमित शर्मा ने निर्णायक मंडल की भूमिका निभाई। पहला स्थान पाने वाली शहीद कैप्टन विक्रम बत्तरा कॉलेज की टीम की खुशबू और मुस्कान को सात हजार के नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
दूसरे स्थान पर रही शाहपुर कॉलेज की भावना और डीएवी बनीखेत कॉलेज की रश्मि को पांच हजार के नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र, जबकि तीसरे स्थान पर रही डीएवी बनीखेत कॉलेज की शिवानी और चंबा कॉलेज के देवेंद्र को तीन हजार रुपये के नकद पुरस्कार से नवाजा गया। दूसरे स्थान पर रही शाहपुर कॉलेज की भावना और डीएवी बनीखेत कॉलेज की रश्मि को पांच हजार के नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र, जबकि तीसरे स्थान पर रही डीएवी बनीखेत कॉलेज की शिवानी और चंबा कॉलेज के देवेंद्र को तीन हजार रुपये के नकद पुरस्कार से नवाजा गया।
इससे पहले धर्मशाला कॉलेज के संगीत विभाग के छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना पेश की। मंच संचालन फोर्टिस अस्पताल कांगड़ा के मैनेजर एवं समाजसेवी विजय कुमार ने किया। इसके अलावा धर्मशाला कॉलेज के एनएसएस प्रभारी मलकीत सिंह की अगुवाई में स्वयंसेवियों ने सहयोग दिया। इस मौके पर धर्मशाला कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल मीनाक्षी दत्ता सहित बीना चौधरी, संजय पठानिया, डॉ सतीश ठाकुर, पूजा धवन, सतीश सूद, मोनिका मक्कड़, हेमंत शर्मा आदि प्राध्यापक मौजूद रहे।