समुद्रतल से लगभग 12 हजार फीट की ऊंचाई पर चूड़धार के समीप तीसरी नामक स्थान से लापता पांच साल की श्रुति की तलाश को चलाए मेगा सर्च ऑपरेशन में भी कामयाबी हाथ नहीं लगी है। चूड़धार की ढांक, गुफाओं, कंदराओं और गहरी खाई में उतरकर श्रुति की तलाश की गई। लेकिन, उसका कोई पता नहीं चल पाया है।
अब पुलिस इस मामले को आपराधिक नजरिए से भी देखने लगी है। लिहाजा, गत सोमवार को जब वह लापता हुई, उस दिन इलाके में पहुंचे श्रद्धालुओं, गुज्जरों और अन्य लोगों से पुलिस पूछताछ कर सकती है। इसके अलावा इलाके में मोबाइल का डंप डाटा भी निकाला जाएगा।
पांच साल की श्रुति को तलाशने के लिए सुबह लोग अपने घरों से निकले। कहीं से एक तो कहीं से दो आदमी रोटी लेकर अलग-अलग टोलियों में चूड़धार के जंगलों को निकले। देवमानल, नौहराधार, छोगटाली, देवना थनगा, चौरास, घंडूरी, तलांगना, चाडऩा के ग्रामीणों के अलावा चौपाल तहसील के कई गांवों से भी लोग यहां पहुंचे।
जंगल में 600 से 700 लोगों ने श्रुति की तलाश में चप्पा-चप्पा छाना। भालुओं की डराबनी गुफाओं में भी लोग टॉर्च की रोशनी में भीतर तक पहुंचे। चूड़धार में भारी ठंड के साथ गहरी धुंध और घना जंगल खतरे से खाली नहीं है। बावजूद लोग मासूम की तलाश को जंगलों में भटकते रहे। नौहराधार बाजार को बंद रखकर दुकानदारों ने भी तलाश में अपना सहयोग किया।
चडूधार का जंगल लगभग 80 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। नौहराधार क्षेत्र के करीब 40 से 50 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में श्रुति की तलाश की जा चुकी है। एसडीएम राजेश धीमान ने बताया कि बच्ची का कोई पता नहीं चल पाया है। सैकड़ों लोग मेगा सर्च ऑपरेशन में जुटे। पुलिस के 3 दर्जन से ज्यादा जवानों के अलावा होमगार्ड वन विभाग के दर्जनों कर्मचारी भी अभियान में शामिल हुए। लेकिन, श्रुति का कोई पता नहीं चल पाया।