जनमंच के दौरान शहीद की पत्नी की समस्या पर अफसर की ओर से अंग्रेजी में जवाब देने पर आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर भड़क गए। मंत्री ने अफसर को फटकार लगाने के साथ ही हिदायत देते हुए कहा कि सभी अफसर हिंदी में जवाब दें। उन्होंने कहा ‘हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है’। यह वाकया सिरमौर के भंगानी का है।
दरअसल, जनमंच कार्यक्रम के दौरान शहीद की पत्नी ने कहा कि वह नौकरी के लिए पिछले तीन साल से भटक रहीं है। उनके पति पुरूवाला के सोहन सिंह मणिपुर में जून 2015 में शहीद हो गए थे। तब से वे (रजनी देवी) नौकरी के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही हैं। मंत्री से मुखातिब महिला के सवालों पर अधिकारी ने अंग्रेजी में जवाब देना शुरू कर दिया। इसी पर आईपीएच एवं सैनिक कल्याण मंत्री संबंधित अधिकारी पर भड़क गए। उन्होंने चेतावनी दी कि सभी के साथ हिंदी में बात करें।
खास कर अपनी समस्याओं से पीड़ित लोगों से। इस दौरान वहां मौजद अन्य अधिकारी भी हक्के-बक्के रह गए। इसके बाद लोगों के सवालों से पहले अधिकारी मंत्री के साथ समस्या लेकर आए ग्रामीण को भी नमस्कार करते हुए देखे गए। उन्होंने मौके पर ही महिला की नौकरी में आ रही हड़चनों को दूर कर दस्तावेज भेजने के भी संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए।
कांगड़ा के भडियाड़ा में 91 वर्षीय बुजुर्ग ने गांव को मांगा रास्ता। दिव्यांग कुशल ने नौकरी मांगी। जनमंच कार्यक्रम में वन मंत्री गोविंद राम ठाकुर ने समस्याएं सुनीं।
बिलासपुर के घुमारवीं में कुल 227 शिकायतें सामने आईं। इनमें से 59 मामले ऑनलाइन व 168 मौके पर पंजीकृत किए गए। चंबा के छतराड़ी में जनमंच कार्यक्रम में कुल 219 शिकायतों में से 177 मांगों का मौके पर निपटारा कर दिया गया। मंडी के नेरचौक के गुरुकोठा में जनमंच के दौरान 280 शिकायतें आईं जिनमें से 253 का निपटारा किया गया। गुरूकोठा के जनमंच में मिलीं सभी 269 शिकायतों का निपटारा कर दिया गया।
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