प्रदेश की ऊंची चोटियों पर वीरवार को दूसरे दिन भी हिमपात हुआ। लाहौल के बाद मनाली की चोटियों पर बर्फबारी हुई है। राजधानी शिमला में दोपहर बाद झमाझम बारिश और ओलावृष्टि हुई। दोपहर डेढ़ से शाम चार बजे तक शहर में गर्जन के साथ जमकर बादल बरसे। शिमला में 20 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। मूसलाधार बारिश से राजधानी के आधा दर्जन से ज्यादा एंबुलेंस रोड बंद हो गए हैं।
पांच गाड़ियां मलबे में दब गईं तथा कई जगह पेड़ गिरने से घरों और वाहनों को नुकसान हुआ है। भट्ठाकुफर के पास मलबा आने से नेशनल हाईवे पर वाहनों की आवाजाही ठप रही। नाहन-कुमारहट्टी-शिमला हाईवे पर पानवा के समीप भूस्खलन से वीरवार को करीब सात घंटे यातायात ठप रहा। जिला कुल्लू की पार्वती घाटी के जरी स्थित डुंखरा में मलबे में दबने से दो मजदूर घायल हो गए। यहां होटल निर्माण कार्य चल रहा है।
शिमला के अलावा फागू-चायल में 30 और सुन्नी में 34 मिलीमीटर बारिश हुई। वीरवार को मनाली की ऊंची चोटियों मकरवे, शिकरवे, सेवन सिस्टर पीक, मनाली पीक, लद्दाखी पीक, पतालसू पीक में ताजा हिमपात हुआ। इससे घाटी में ठंड बढ़ गई है। बारिश से ऊझी घाटी में सेब तुड़ान प्रभावित हुआ है। सोलन के परवाणू में सेक्टर-4 में वीरवार सुबह दोमंजिला मकान गिर गया। हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है।
मकान गिरने के बाद आसपास के दो ब्लॉक में 9 फ्लैट खाली करवा लिए गए हैं। वीरवार को ऊना में अधिकतम तापमान 35.8, हमीरपुर-सुंदरनगर में 33.0, कांगड़ा में 32.9, बिलासपुर में 32.8, भुंतर में 30.2, चंबा में 29.6, सोलन में 29.0, नाहन में 28.0, धर्मशाला में 27.4, शिमला में 23.9 और डलहौजी में 21.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने शुक्रवार को भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है। 12 सितंबर तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं।