हिमाचल प्रदेश में शनिवार को मौसम तो खुल गया लेकिन दुश्वारियां बरकरार हैं। भारी बर्फबारी के कारण लाहौल अभी भी कुल्लू से कटा हुआ है। अटल टनल रोहतांग पर्यटकों के लिए शनिवार को दूसरे दिन भी बंद रही। प्रदेश में करीब 100 सड़कें शनिवार को भी प्रभावित रहीं। हालांकि, टनल को शनिवार शाम तक सड़क फोर बाई फोर वाहनों के लिए खोल दिया। फिलहाल आपात स्थिति में ही वाहनों को लाहौल घाटी की ओर भेजा जा रहा है। पर्यटकों के लिए फिलहाल अटल टनल को बंद रखा गया है। मनाली में आए पर्यटक भी नेहरू कुंड तक ही जा सके। इससे आगे सोलंगनाला तक पर्यटकों को फोर बाई फोर वाहनों में ही जाने की अनुमति दी गई। अटल टनल के नॉर्थ और साउथ पोर्टल में दो फीट से अधिक बर्फबारी हुई है। शनिवार को लाहौल में 177, कुल्लू में 55 सड़कों पर यातायात ठप रहा। लोग बर्फ में पैदल सफर करने का मजबूर है। वहीं, कुल्लू और लाहौल में करीब 45 पेयजल स्कीमें जाम हो गई हैं।
2 of 7
बर्फ के बीच बच्चे की अठखेलियां।
- फोटो : संवाद
जिला में बिजली के 42 ट्रांसफार्मर भी ठप होने से लोगों को सर्द रातें अंधेरे में गुजारनी पड़ रही हैं। खासकर ऊझी घाटी के मनाली सहित मणिकर्ण, लगवैली, सैंज तथा बंजार क्षेत्र में 60 से अधिक गांवों में ब्लैकआउट रहा। बर्फबारी के कारण पोल व तारें टूटने से बिजली की आपूर्ति अवरुद्ध हो गई।
3 of 7
अटल टनल रोहतांग।
- फोटो : संवाद
वहीं, बर्फबारी के दूसरे दिन भी शिमला जिले में बसों की आवाजाही सामान्य नहीं हो पाई। शनिवार को मुख्य सड़कें बहाल हो गईं लेकिन संपर्क सड़कें अभी भी ठप हैं। एचआरटीसी के 64 रूट शनिवार को भी बहाल नहीं हो पाए। 18 बसें भी अब तक विभिन्न रूटों पर फंसी हुई हैं। शनिवार को रामपुर और रिकांगपिओ के लिए वाया नारकंडा बसों की आवाजाही बहाल हो गई। रोहड़ू और जुब्बल के लिए भी बसें वाया खड़ापत्थर रवाना हुईं।
4 of 7
बर्फ से ढका वाहन।
- फोटो : संवाद
ठियोग-चौपाल सड़क देहा और खिड़की के पास दोपहर 12:00 बजे बसों की आवाजाही के लिए बहाल हुई लेकिन सड़क पर बर्फ जमी होने के कारण खतरा बना हुआ है। नारकंडा के आसपास ग्रामीण रूटों पर बसों की आवाजाही ठप रही। खड़ापत्थर से होते हुए रवाना होने वाले टिक्कर, देवनगर रूटों पर भी बसें सेवा बहाल नहीं हो पाई है। एचआरटीसी तारादेवी डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक पंकज ठाकुर ने बताया कि शनिवार को सभी मुख्य सड़कें बहाल होने के बाद बस सेवा शुरू कर दी गई है, लेकिन ग्रामीण रूट बंद होने के कारण बसों का संचालन शुरू नहीं हो पाया है।
5 of 7
बर्फ से लकदक गाड़ी।
- फोटो : संवाद
बर्फबारी के दूसरे दिन भी किन्नौर जिले में जिंदगी पटरी पर नहीं लौट पाई। इससे लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। जिले अभी भी छह सड़कों पर वाहनों की आवाजाही अवरुद्ध है जबकि चार ग्रामीण रूटों पर आधे रास्ते तक ही एचआरटीसी की बसे जा रही है। इससे आगे लोगों को पैदल ही आवाजाही करनी पड़ रही है। हालांकि लोक निर्माण विभाग युद्धस्तर पर बर्फबारी से बाधित सड़कों को बहाल करने में जुटा है।