हिमाचल को देवभूमि यूं ही नहीं कहा जाता है। सदियों पुरानी परंपराएं आज भी कायम हैं। ऐसी ही एक परंपरा मंडी जिले की सराज घाटी में सदियों से चली आ रही है। बरसात के मौसम में यहां कई स्थानों पर मेले होते हैं। इन मेलों में गंधर्व विवाह की परंपरा भी है। एक-दूसरे को पसंद करने वाले युवा इन मेलों का बेसब्री से इंतजार करते हैं।
सदियों पुरानी परंपरा आज भी कायम, कुंडली न मिलने पर यहां ऐसे होती है शादी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडी
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 25 Jul 2019 05:26 PM IST
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