भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने मिनी सचिवालय हमीरपुर के मुख्य गेट पर ताला जड़कर डेढ़ घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान उपायुक्त, डिविजनल कमिश्नर, अतिरिक्त उपायुक्त, सह आयुक्त, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजिलेंस, एसडीएम और डीएसपी समेत मिनी सचिवालय में विभिन्न विभागों के सैकड़ों कर्मचारियों को बंधक बनाए रखा।
मिनी सचिवालय के बाहर हमीरपुर- सुजानपुर और हमीरपुर-सरकाघाट मार्ग पर चक्का जाम कर वाहनों की आवाजाही भी बंद रखी। जिला प्रशासन और मिनी सचिवालय में बैठे आला अधिकारी तमाशा देखते रहे। जिला प्रशासन और पुलिस के बड़े अधिकारियों के सामने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ नारेबाजी की गई। मुख्यमंत्री का पुतला भी फूंका गया।
एसएचओ समेत आधा दर्जन पुलिस कर्मी भाजयुमो कार्यकर्ताओं से शांति की अपील करते रहे। वीरवार सुबह 11 बजे भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने तालाबंदी की। मिनी सचिवालय में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा अपने कार्य करवाने आए लोग भी गेट के अंदर ही कैद रहे। दोपहर 12 बजे जिला प्रशासन की तरह से एसडीएम अरिंदम चौधरी गेट पर आए। उन्होंने अपने सरकारी वाहन से लाउड स्पीकर के माध्यम से कार्यकर्ताओं को चेतावनी देते हुए मुख्य गेट का ताला खोलने और चक्काजाम खत्म करने की अपील की।
इसके बाद भाजपा नेता अरुण धूमल और भाजयुमो राष्ट्रीय सचिव नरेंद्र अत्री को पुलिस अधीक्षक रमन कुमार मीणा ने समझाया। काफी देर तक गहमागहमी के बाद साढ़े बारह बजे गेट का ताला खोला गया। पुलिस अधीक्षक रमन कुमार मीणा ने कहा कि भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने कानून को अपने हाथ में लेने का प्रयास किया है। पुलिस शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटेगी। कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ केस दर्ज होंगे।
उपायुक्त मदन चौहान ने कहा कि भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने गत दिवस गांधी चौक पर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन की परमिशन ली थी। उन्होंने मिनी सचिवालय के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर कानून को तोड़ा है। साथ ही हमीरपुर-सुजानपुर-सरकाघाट मुख्य सड़क मार्ग पर चक्का जाम किया। दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।