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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Amar Ujala Apanatva Abhiyan : coronavirus snached the shadow of parent from their childrens in himachal pradesh

अमर उजाला अपनत्व अभियान: हंसते-खेलते परिवारों पर कहर बनकर टूटा कोरोना

Sun, 30 May 2021 12:26 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, पांवटा/ऊना
अमर उजाला नेटवर्क, पांवटा/ऊना Published by: Krishan Singh Updated Sun, 30 May 2021 12:26 PM IST
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Amar Ujala Apanatva Abhiyan :  coronavirus snached the shadow of parent from their childrens in himachal pradesh
हंसते-खेलते परिवारों पर कहर बनकर टूटा कोरोना - फोटो : अमर उजाला

वैश्विक महामारी कोरोना कई हंसते खेलते परिवारों पर कहर बनकर टूटी है। कोरोना ने किसी का पिता छीन लिया तो किसी का बेटा। कई बच्चों के सिर से माता-पिता दोनों का साया उठ गया। कहीं तो एक ही परिवार में कुछ दिन के अंतराल में दो-दो लोगों की जान चली गई। ऐसे में परिवार के शेष सदस्यों के पालन पोषण की समस्या इस समय सबसे बड़े चुनौती बनकर सामने आ रही है। कहीं बच्चों की पढ़ाई जारी रखने में परेशानी आ रही है तो कहीं पेट पालने की। पेश है रिपोर्ट : 

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 हंसते-खेलते परिवार को लगी नजर, खो दिए दो बेटे
कोरोना ने पांवटा साहिब में किराये के मकान में रह रहे हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। निर्मला ने अपने दो जवान बेटे खो दिए। बड़ा बेटा बीते साल कोरोना की चपेट में आया था। उसकी सराहां कोविड सेंटर में पहुंचते ही मौत हो गई गई थी। दूसरे बेटे की 10 मई को मौत हो गई।  बेड़े बेटे के जाने के बाद छोटे का सहारा था, लेकिन अब वह भी नहीं रहा। दो साल पहले किसी बीमारी से एक बेटे की पत्नी का भी देहांत हो गया था। 
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 पिता की मौत के बाद  पढ़ाई छोड़ वाटर गार्ड बना बेटा

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में ऊना जिले की चताड़ा पंचायत के प्रमोद का भी निधन हो गया। ऐसे में परिवार के सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले प्रमोद अपने पीछे 18 वर्षीय बेटा  और पत्नी को छोड़ गया है। कोरोना संकट के बीच अब मां-बेटे दोनों ही परेशान हैं। बेटा रोजी-रोटी चलाने के लिए पढ़ाई छोड़कर वाटर गार्ड का कार्य कर रहा है। प्रमोद की मौत से परिवार पूरी तरह से टूट गया है। वर्तमान में जैसे-तैसे रोजी रोटी का इंतजाम हो रहा है। 12वीं कर चुका बेटा आगे पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं, लेकिन उच्च शिक्षा के लिए रुपये के अभाव में उसका भविष्य में भी अधर में लटकता नजर आ रहा है। 

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