करीब दो सौ साल पुराना कोटला गांव (कुल्लू, हिमाचल प्रदेश) भले ही जलकर राख का ढेर बन गया हो, लेकिन लोगों में जातपात की दीवार यह अग्निकांड भी नहीं तोड़ पाया। आज भी लोग यहां जातपात के फेर में फंसे हुए हैं। अग्निकांड के बाद जब प्रभावितों के लिए लंगर लगाया गया तो अपर और लोअर जाति वालों के लिए अलग-अलग मैस लगानी पड़ी। रिपोर्ट: रितेश गुलेरिया, फोटो: अजय कुमार
राज्यपाल के सामने जातपात, साथ नहीं किया भोजन
Updated Fri, 04 Dec 2015 09:21 AM IST
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राज्यपाल के सामने जातपात, साथ नहीं किया भोजन
राज्यपाल के सामने जातपात, साथ नहीं किया भोजन
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