Prisoners In Pakistan: गलती से ही सही, सरहद की सीमा लांघना कितना बड़ा अपराध हो सकता है यह भागु सिंह और उनके परिवार से बेहतर कोई और नहीं समझ सकता। और जब किसी ने पाकिस्तानी सीमा लांघी हो तो इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं की उस पर क्या बीत रही होगी। 40 साल पहले भागु सिंह भी गलती से पाकिस्तान की सीमा में प्रवेश कर गए थे। तब से वह पाकिस्तान की जेल में ही कैद होकर रह गए हैं। चार दशक का लंबा इंतजार, न कोई खबर, न कोई पहचान, बस परिवार के लिए एक उम्मीद का ही सहारा है।
परिवार को ये तक नहीं पता कि भागु सिंह किस हाल में हैं। इसके बाद भी परिवार उनकी वापसी की राह देख रहा है। इसी इंतजार के साथ घर में तमाम खुशियों का स्वागत किया जाता है, लेकिन इन खुशियों में भागु सिंह के साथ न होने का गम भी साफ झलता है। ऐसी ही खुशियों के बीच एक बार फिर यह गम ताजा हो गया। इसकी वजह है भागु सिंह के पोते की शादी। घर में शादियां की तैयारियां धुमधाम से चल रही हैं। लेकिन, दादा, पिता और पति की कमी का अहसास एक कमरे में बैठे परिवार के हर उस सदस्य को हो रहा है जिससे भागु सिंह का कोई न कोई रिश्ता है। आइए, अब जानते हैं भागु सिंह की कहानी जो 40 साल से परिवार से दूर हैं और पाकिस्तान की जेल में बंद है?
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भागु सिंह का परिवार
- फोटो : अमर उजाला
कैसे पाकिस्तान पहुंचे भागुसिंह?
भागु सिंह का परिवार बाड़मेर जिले के धनाऊ में रहता है। उनके बेटे अर्जुन सिंह ने बताया कि पिता भागु सिंह साल 1985 में सरहदी गांव गोहड़ का तला में मवेशी चराने गए थे। इस दौरान वे गलती से पाकिस्तान की सीमा में प्रवेश कर गए, फिर वह कभी वापस लौटकर घर नहीं आए। बाद में पता चला कि पिता पाकिस्तानी रेंजर ले गए थे, और फिर उन्हें जेल में डाल दिया था। परिवार ने उन्हें वापस लाने के लिए हर कोशिश की, सरकार से गुहार लगाई, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। हम बस उनके आने का इंतजार कर रहे हैं, वे पाकिस्तान में कहां है, किस हाल में हैं। इसकी हमें कोई जानकारी नहीं है।
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भागु सिंह की पत्नी।
- फोटो : अमर उजाला
दादा पाकिस्तान में कैद पोते की शादी आज
अर्जुन सिंह ने बताया कि उनके बड़े भाई प्रताप सिंह के बेटे जगदीश की आज रविवार 16 फरवरी को शादी है। शादी में पिता भागु सिंह कमी सबसे ज्यादा खल रही है। खुशी के माहौल में भी परिवार का हर सदस्य घर के मुखिया को याद उदास है। केंद्र सरकार से हमारी मांग है कि भागु सिंह और उनके जैसे लोगों की वतन वापसी के लिए कोई फैसला करे।
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धारा सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
बॉर्डर की तरफ टक-टकी लगाए रहता है परिवार
पाक विस्थापित संघ के जिलाध्यक्ष नरपतसिंह धारा बताते हैं कि भागुसिंह की कहानी उन कई परिवारों की पीड़ा है, जो अपनों को खो चुके हैं या कई दशकों से उनकी राह देख रहे हैं। यह सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह ऐसे लोगों के बारे में पता लगाए और उन्हें वापस लाने के लिए ठोस कदम उठाए। उन्होंने बताया कि भागुसिंह का परिवार कई बार सरकार से गुहार लगा चुका है, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं आए। उनका परिवार आज भी बॉर्डर की तरफ टक-टकी लगाए हुए है कि शायद जैसे भागु सिंह गए थे, वैसे ही वापस लौट आएं। लेकिन, इस इंतजार में अब 40 साल गुजर गए।
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भागु सिंह के बेटे अर्जुन सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
मोदी सरकार लौटाए खुशियां
नरपतसिंह ने बताया कि भागु सिंह के घर में पत्नी लक्ष्मी कंवर, दो बेटे और एक बेटी है। दोनों बेटे शादीशुदा हैं, उनके बच्चे भी बड़े हो गए हैं। भागु सिंह के बड़े बेटे प्रतापसिंह के लड़के जगदीश की आज शादी है। अगर, भागु सिंह यहां होते तो शादी में चार चांद लग जाते। उन्होंने कहा कि अब मोदी सरकार से उम्मीद है कि वह पता लगाए कि आखिर भागू सिंह पाकिस्तान में किन हालातों में हैं। सरकार उनकी वतन वापसी करवाए, जिससे 40 साल से इंतजार कर रहे परिवार की खुशियां फिर से लौट आए।