बीकानेर में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ऊंट महोत्सव की शुरुआत रविवार से हो गई है। महोत्सव में सजे-धजे ऊंट और इन पर बैठे रोबीले लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने बाड़मेर के गेर नृत्य शानदार प्रदर्शन किया। जोधपुर के कालबेलिया, गुजरात के सिद्धि धमाल और खाजूवाला के मशक वादकों की सूरताल लोगों को उत्साहित कर रही है। आएइ...अब आपको दिखाते हैं ऊंट महोत्सव की तस्वीरें
2 of 7
अंतरराष्ट्रीय ऊंट महोत्सव में सज-धजकर पहुंचे ऊंट।
- फोटो : अमर उजाला
महोत्सव में ऊंटों को सजाने को लेकर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। पर्यटन विभाग ने प्रतियागिता में विजेता बने ऊंटों को पुरस्कार भी दिया गया। लक्ष्मणराम ने पहला, इमरान खान ने दूसरा और गोधुराम ने तीसरा पुरस्कार जीता।
3 of 7
सजे-धजे ऊंटों पर सवार हुए रोबीले।
- फोटो : अमर उजाला
महोत्सव में सजे-धजे ऊंटों पर बैठकर घूम रहे रोबीले लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे। पारंपरिक वेशभूषा में इनका रौब देखते ही बन रहा था।
4 of 7
कलाकारों किया प्रदर्शन।
- फोटो : अमर उजाला
तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ऊंट महोत्सव के पहले दिन राजस्थानी लोक कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य किया। कलाकारों के इस नृत्य ने सभी को रोमांचित कर दिया। लोगों उत्साह के साथ तालियां बजा रहे थे।
5 of 7
ऊंटों ने दिखाए अलग-अलग करबत।
- फोटो : अमर उजाला
मालिकों के इशारे पर करतब दिखाने के साथ ही ऊंटों ने ढोल की धाप पर जमकर डांस भी किया। ऊंची छलांगे मारकर ऊंटों ने लोगों को अचंभित कर दिया। ऊंटों का डांस और करतब देख लोग हैरान हुए और फिर जमकर तालियां बजाई।