सवाई मानसिंह स्टेडियम में शहरी और ग्रामीण ओलंपिक की शुरुआत करते हुए सीएम अशोक गहलोत ने टॉस कर कबड्डी की शुरुआत की। लड़कियों की टीमों का फ्रेंडली कबड्डी मैच हुआ। इसके बाद मंत्रियों ने भी कबड्डी खेली। मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, महेश जोशी, अशोक चांदना, गोविंदराम मेघवाल और विधायक व राजस्थान स्पोर्ट्स काउंसिल के चेययपर्सन कृष्णा पूनिया ने भी बुजुर्गों, बच्चे और युवा खिलाड़ियों को साथ लेकर कबड्डी खेली।
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खेल का आनंद लेते हुए सीएम गहलोत सहित अन्य मंत्री और लोग
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उद्घाटन के दौरान मंत्री-विधायकों के बीच कबड्डी मैच खेला गया, जिसमे 'ए' टीम के कप्तान खेल राज्य मंत्री अशोक चांदना रहे। चांदना के साथ मंत्री कैबिनेट प्रताप सिंह खाचरियावास और कुछ खिलाड़ी मौजूद थे। जबकि 'बी' टीम के कप्तान कैबिनेट मंत्री महेश जोशी रहे। मंत्री लालचंद कटारिया और विधायक कृष्णा पूनिया, मंत्री गोविंद राम मेघवाल भी जोशी की टीम में शामिल रहे। कबड्डी में मंत्री महेश जोशी की टीम ने जीत दर्ज की।
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उद्घाटन करते हुए सीएम गहलोत
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SMS स्टेडियम में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश की 11 हजार 252 पंचायतों और 535 नगर निकाय में ओलंपिक खेलों की शुरुआत की। वीसी से सभी जिले जुड़े। मंच पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ खेल मंत्री अशोक चांदना, खाद्य आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह, मंत्री गोविंद राम मेघवाल, लालचंद कटारिया, राजस्थान स्पोर्ट्स काउंसिल के चेयरपर्सन विधायक कृष्णा पूनिया और पुलिस प्रशासन, खेल अधिकारी मौजूद रहे।
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कबड्डी खेलते हुए नेतागण
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सीएम अशोक गहलोत ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिंदुस्तान के इतिहास में हमने पहली बार शहरी और ग्रामीण ओलिंपिक की शुरुआत की है। राजस्थान में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। मैं चाहता हूं, राजस्थान के हर खिलाड़ी को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिले। इसलिए ओलिंपिक का आयोजन किया जा रहा है। मुझे खुशी है कि पिछली बार 30 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इस बार 58 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हुए हैं। राजस्थान को देखकर अब देश के दूसरे राज्यों में भी इस तरह के आयोजन करने की तैयारी की जा रही है।
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मंत्री खाचरियावास और चांदना सहित अन्य लोग
- फोटो : अमर उजाला
गहलोत ने कहा, हमारे देश में खिलाड़ियों की प्रतिभा कम नहीं है, राजस्थान में खिलाड़ियों की प्रतिभा कम नहीं है। उन्हें संरक्षण और माहौल मिलना चाहिए, सरकारी प्रोत्साहन मिलना चाहिए। तब जाकर ओलंपिक, नेशनल गेम्स में नाम रोशन कर सकते हैं। कृष्ण पूनिया जब ओलंपिक में मेडल ला सकती हैं, तो और भी खिलाड़ी ऐसा कर सकते हैं।