फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Indian Railway: तूफान से भी तेज चलेगी ट्रेन, सैटेलाइट से खोजा अंग्रेजों के जमाने का ट्रैक, नमक के नीचे दबा था

Sat, 30 Aug 2025 03:11 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डीडवाना कुचामन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डीडवाना कुचामन Published by: उदित दीक्षित Updated Sat, 30 Aug 2025 03:11 PM IST
सार

राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले में देश का पहला हाई स्पीड ट्रेन ट्रायल ट्रैक लगभग बनकर तैयार है। 967 करोड़ रुपये की लागत से बने इस डेडिकेटेड ट्रैक 220 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनों के ट्रायल किए जाएंगे।

विज्ञापन
Indian Railways: High-Speed Trial Track Built Under Salt Lake, Trains to Run Faster Than Storms
राजस्थान के डीडवाना-कुचामन में बना हाई स्पीड ट्रायल ट्रैक। - फोटो : अमर उजाला

देश भर में चलने वाली ट्रेने धीरे-धीरे हाईटैक होती जा रही हैं। ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाकर सफर में लगने वाले समय को कम किया जा रहा है। इस काम को और आसान बनाने के लिए देश का पहला हाई स्पीड डेडिकेटेड ट्रायल ट्रैक राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के नांवा शहर में सांभर झील के बीच बनकर लगभग तैयार हो गया है। 967 करोड़ की लागात से बने इस 64 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर हाई स्पीड, सेमी हाई स्पीड, बुलेट और मेट्रो ट्रेन का ट्रायल किया जाएगा। ट्रायल के दौरान इन ट्रेनों रफ्तार 220 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है। 

Indian Railways: High-Speed Trial Track Built Under Salt Lake, Trains to Run Faster Than Storms
आठ गांवों से जमीन अधिग्रहण की थी। - फोटो : अमर उजाला

अंग्रेजों के समय बिछी लाइन को सैटेलाइट से खोजा
दरअसल, आजादी से पहले नांवा शहर में सांभर झील के बीच अंग्रेजों ने जयपुर-जोधपुर के बीच रेलवे लाइन बिछाई थी। लेकिन, अनेदखी के चलते पिछले 50 साल में यह लाइन लाइन मिट्टी में दब गई थी। रेलवे ने सैटेलाइट की मदद से इसे खोजा। इस दौरान अंग्रेजों के समय बनाए गए रेलवे कार्यालय भी दबे मिले। इसके बाद अवैध नमक की क्यारियां हटाकर खुदाई की गई, तब पुराना ट्रैक मिला। इस पूरे काम में रेलवे ने 8 गांवों से जमीन भी अधिग्रहण की थी। कई साल की मेहनत के बाद अब यह ट्रैक लगभग बनकर तैयार हो गया है। 

Indian Railways: High-Speed Trial Track Built Under Salt Lake, Trains to Run Faster Than Storms
नांवा सिटी मुख्य स्टेशन रहेगा। - फोटो : अमर उजाला

पड़ोसी देश भी कर सकेंगे अपनी ट्रेनों का परीक्षण  
रेलवे ने देश के पहले और 64 किलोमीटर लंबे डेडिकेटेड ट्रायल ट्रैक को हर उस चुनौती के साथ तैयार किया गया है, जो हाई-स्पीड ट्रेन चलाने के दौरान सामने आएंगी। इस ट्रैक पर पुल, 125 अंडर ब्रिज और ओवर ब्रिज भी बनाए गए हैं। ट्रायल के दौरान हाई स्पीड ट्रैन जैसे बुलेट ट्रेन को यहां से गुजारकर स्पीड का परीक्षण किया जाएगा। इस ट्रैक पर सिर्फ भारत ही नहीं, पड़ोसी देश भी अपनी ट्रेनों का परीक्षण कर सकेंगे। आने वाले समय में इस ट्रैक पर हाई-स्पीड, सेमी-स्पीड, बुलेट और मेट्रो ट्रेनों का परीक्षण होगा। मिठड़ी से गूढ़ा तक बनने वाले इस ट्रैक पर चार स्टेशन बनाए जाएंगे। इसमें मिठड़ी, नांवा, जाबड़ी नगर और गूढ़ा स्टेशन शामिल होंगे, इनमें से नांवा सिटी मुख्य स्टेशन रहेगा।

ये भी पढ़ें: एसआई भर्ती का फाइनल आरएलपी ने लड़ा- बोले बेनीवाल, किरोड़ी से बढ़ी तल्खी का राज खोला

विज्ञापन
विज्ञापन
Indian Railways: High-Speed Trial Track Built Under Salt Lake, Trains to Run Faster Than Storms
टाइल के लिए कई पैरामीटर किए गए तय। - फोटो : अमर उजाला

ट्रैक में क्या है खास? 

घुमावदार टेस्ट ट्रैक
64 किलोमीटर लंबा यह ट्रायल ट्रैक पूरी तरह सीधा नहीं है। इसमें कई घुमावदार पॉइंट बनाए गए हैं, जिससे यह पता चल सके कि इन टर्न पर ट्रैन कितनी रफ्तार में गुजर सकती है। क्या बिना स्पीड कम किए भी ट्रेन को गुजारा जा सकता है। 

स्टील और आरसीसी से बने पुल
इस ट्रैक पर स्टील और आरसीसी के पुल बनाए गए हैं। इन्हें कंपनरोधी तकनीक से तैयार किया गया है। इससे तेज रफ्तार पर ट्रेन गुजरने से वाइब्रेशन कम होगा और स्टील पर जंग भी नहीं लगेगी। इन पुल पर ट्रेन की अधिकतम रफ्तार कितनी रह सकती है, ट्रायल में यह जांचा जाएगा। 

लूप लाइन और कर्व लाइन
देश के पहले 64 किलोमीटर लंबे ट्रायल ट्रैक की मुख्य लाइन 23 किलोमीटर लंबी है। गूढ़ा में 13 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड लूप बनाया गया है, जिससे आमने-सामने आती ट्रेनों को बिना रुके क्रॉस कराया जाएगा। ट्रायल के दौरान यह देखा जाएगा कि क्रॉसिंग के समय ट्रेनों की रफ्तार की रह सकती है। 

ये भी पढ़ें: मीट झटका या हलाल, अब जयपुर में दुकानों के बाहर ही करना होगा बोर्ड चस्पा

विज्ञापन
Indian Railways: High-Speed Trial Track Built Under Salt Lake, Trains to Run Faster Than Storms
सात किलोमीटर लंबा ट्विस्ट ट्रैक भी बिछाया। - फोटो : अमर उजाला

ट्विस्टी ट्रैक पर भी परीक्षण
खराब ट्रैक पर ट्रेन की स्थिरता जांचने के लिए 7 किलोमीटर लंबा ट्विस्ट ट्रैक भी बिछाया गया है। इससे पता चलेगा कि खराब ट्रैक पर ट्रेन की स्पीड कितनी रखी जा सकती है और उसका ट्रेन पर क्या असर होगा।

ये भी पढ़ें: राजसमंद विधायक की कार का भीषण एक्सीडेंट, अस्पताल में भर्ती, उदयपुर के अंबेरी के पास हुआ हादसा

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed