कृषि प्रधान देश भारत में मानसून खुशियां और उम्मीद लेकर आता है लेकिन राजस्थान में इस बार मानसून की बारिश कहर बरपा रही है। रिकॉर्ड बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। तीन बांधों में सौ फीसदी पानी आ चुका है। ऐसे में राज्य के दस जिलों में स्थिति खतरे के निशान के आसपास है।
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करौली में भी बाढ़ जैसे हालात
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मीडिया रिपोर्टस के अनुसार प्रदेश में भारी बारिश ने पांच जिलों में हालात बिगाड़ दिए हैं। एनडीआरएफ (नेशनल डिजास्टर रिलीफ फोर्स) और एसडीआरएफ (स्टेट डिजास्टर रिलीफ फोर्स) की टीमें पांच जिलों में बचाव कार्य में जुटी है। कोटा में लगातार बारिश से हालात और खराब हो गए हैं। कोटा की निचली बस्तियों में पानी भरने से लोग घर छोड़ने के लिए मजबूर हो गए। लोग समान छोड़कर सुरक्षित स्थान पर निकल रहे हैं।
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रेस्कयू में जुटी एसडीआरएफ टीम
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छबड़ा में सेना ने किया एयरलिफ्ट
कोटा, धौलपुर, करौली और झालावाड़ में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। हजारों लोग पानी में फंसे हुए हैं। इन जिलों में लोगों को रेस्क्यू किया जा रहा है। वहीं दो दिन से बारां के छबड़ा क्षेत्र के खुरई, गोड़िया मेहर, बटावदापार में 500 से अधिक लोग फंस गए। जिसके बाद सेना बुलाई गई और लोगों को एयरलिफ्ट किया गया। वहीं भारी बारिश के कारण स्कूलों को बंद कर दिया गया है।
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कोटा के इटावा में भी बिगड़े हालात
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कोटा में नाव से किया गया रेस्कयू
कोटा के नयापुरा एरिया में नाव से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। जोधपुर के बाप में खेतों में पानी भर गया। बाबा घाट एरिया पूरी तरह पानी में डूब गया है। यहां रहने वाले लोगों को बाहर निकलने की सलाह दी गई है।
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खेतों में भरा पानी
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जालोर में नदी-नालों पर पुलिस तैनात
जालोर के जसवंतपुरा व रानीवाड़ा उपखंड मुख्यालय क्षेत्र में भी बाढ़ के हालात उत्पन्न हो गए हैं। भारी बारिश के कारण रानीवाड़ा-सांचोर, जसवंतपुरा सुंधा माता मार्ग, जसवंतपुरा सिरोही मार्ग, जसवंतपुरा रेवदर मार्ग, जसवंतपुरा जालोर मार्ग बंद हो गया है। जसवंतपुरा थाना अधिकारी मनीष सोनी ने नदी-नालों पर पुलिस तैनात की है। जिससे अनहोनी की घटना घटित ना हो।