राजस्थान के जयपुर में दलित महिला शिक्षिका को जिंदा जलाने के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) ने सरकार से जवाब मांग है। एनसीएससी ने मुख्य सचिव को लिखे पत्र में सात दिन के अंदर मामले में दर्ज एफआईआर की प्रति, मुआवजे की राशि और जांच से संबंधित रिपोर्ट देने के लिए कहा है। साथ ही आयोग ने चेतावनी दी है कि अगर तय समय में जवाब नहीं दिया गया तो अदालत के जरिए सम्मन जारी किया जाएगा।
Rajasthan: पुलिस समय पर एक्शन लेती तो जिंदा होती दलित शिक्षिका, एनसीएससी ने सरकार से मांगा जवाब, जानें मामला
पुलिस समय पर कार्रवाई करती तो जिंदा होती दलित शिक्षका, एनसीएससी ने सरकार से मांगा जवाब,
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जानें क्या है मामला?
जयपुर के रायसर गांव में 10 अगस्त सुबह आठ बजे रैगरों के मोहल्ले में रहने वाली शिक्षिका अनीता रेगर (32) अपने बेटे राजवीर (6) के साथ स्कूल जा रही थी। इस दौरान कुछ दबंगों ने उसे घेर लिया और पेट्रोल डालकर शिक्षका को लगा दी। आग की लपटों में घिरी अनीता मदद मदद मांगती रही, लेकिन उसके पास नहीं आया। सूचना मिलने पर शिक्षिका का पति ताराचंद मौके पर पहुंचा और 70 फीसदी जल्द चुकी पत्नी अनीता को जमवारामगढ़ के सरकारी अस्पताल ले गया। जहां से डॉक्टरों ने अनीता को जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर कर दिया। बुधवार को अनीता की मौत हो गई। आरोप है कि उधार दिए गए रुपये मांगने पर आरोपियों ने उसे आग लगा दी थी।
आर्थिक मदद का एलान भी नहीं
बताया जा रहा है कि सरकार ने शिक्षिका की मौत के मामले में अब तक किसी तरह की आर्थिक मदद का ऐलान नहीं किया है। इससे परिवार और समाज के लोगों में नाराजगी का माहौल है। बता दें कि हाल ही में जालोर में कथित शिक्षक की पिटाई से हुई बच्चे की मौत के मामले में सरकार ने परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद दी है। वहीं, प्रदेश कांग्रेस ने भी 20 लाख रुपये देने की घोषणा की है।
अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं
शिक्षिका की मौत के मामले की जांच एसपी महिला उत्पीड़न भवानी सिंह को सौंपी गई है। हालाकि, पुलिस ने अब तक मामले में किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के पकड़ने के लिए जगह-जगह दबिश दी जा रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जालोर जिले के सायला थाना इलाके के सुराणा गांव में नौ साल के इंद्र मेघवाल की शिक्षक की कथित पिटाई से मौत हो गई थी। इंद्र सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ता था। आरोप है कि 20 जुलाई को बच्चे ने स्कूल में रखे एक मटके से पानी पी लिया था। इस बात पर शिक्षक छैल सिंह ने उसकी पिटाई कर दी थी। 24 दिन चले इलाज के बाद बीते शनिवार को अहमदाबाद इंद्र की मौत हो गई थी।