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Ajmer: इस गांव में रहता है 185 सदस्यों वाला पांच पीढ़ी का अनोखा परिवार, एक समय बनती हैं 25 किलो आटे की रोटियां

Wed, 24 May 2023 03:19 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Wed, 24 May 2023 03:19 PM IST
सार

घर के मुखिया ने बताया कि घर के कुछ लोग डेयरी में काम करते हैं। वहीं कुछ लोग सरकारी कर्मचारी हैं। पूरा परिवार मिलजुल कर प्रेम के साथ एक दूसरे के साथ रहता है। हर मुसीबत में एक साथ खड़ा रहता है।

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Five generation joint family of 185 members live happily in Ramsar village of Ajmer
एक साथ पूरा परिवार - फोटो : अमर उजाला

राजस्थान के अजमेर जिले में एक ऐसा गांव है जहां 10-20 या 50 नहीं बल्कि 185 लोग परिवार के एक साथ मिलजुल कर रहते हैं। जी हां, सोचकर आप अचंभे में पड़ गए न। इस गांव का नाम रामसर है। यहां एक परिवार की पांच पीढ़ियां एक साथ रहती हैं। जहां एक साथ तेरह चूल्हों पर एक समय 25 किलो आटे की रोटियां बनाई जाती हैं। पूरे परिवार के पास 600 बीघा जमीन है।

Five generation joint family of 185 members live happily in Ramsar village of Ajmer
रसोई में काम करतीं परिवार की महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
12 लाख रुपये आता है परिवार पालने का खर्च
अजमेर जिले के नसीराबाद के आगे रामसर गांव में रहने वाला यह परिवार माली (सैनी) समाज से ताल्लुक रखता है। यह परिवार आज से नहीं पीढ़ियों से एक साथ रहता हुआ आया है। इनके घर में जो रसोई है वह एक बड़े हॉल की तरह है। उसमें खाना बनाने के लिए 11 चूल्हे  लगाए हुए हैं। इस परिवार में छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक और लड़कियों से लेकर औरतों तक सभी एक साथ रहते हैं। घर के मुखिया ने बताया कि परिवार के लोगों का खर्च महीने का लगभग 12 लाख के आसपास होता है।



‘सभी लोग अपना काम बखूबी करते हैं’
घर के मुखिया ने बताया कि घर के कुछ लोग डेयरी में काम करते हैं। वहीं कुछ लोग सरकारी कर्मचारी हैं। पूरा परिवार मिलजुल कर प्रेम के साथ एक दूसरे के साथ रहता है। हर मुसीबत में एक साथ खड़ा रहता है। परिवार के मुखिया ने बताया कि आज भी हमारे छह भाइयों का परिवार एक साथ रहता है।

उन्होंने बताया कि हम लोग खेतीबाड़ी भी करते हैं, हालांकि खेतीबाड़ी करना भी आसान नहीं है। परिवार में खेतीबाड़ी को लेकर भी काम बांटा जाता है और सभी अपने काम को बखूबी करते हैं। खेतीबाड़ी के साथ पशुपालन का काम भी किया जाता है। परिवार में सुबह घर की महिलाएं चार बजे उठ जाती हैं। कुछ महिलाएं रसोई में काम करती हैं तो कुछ खेतीबाड़ी का काम करती हैं।
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