पंजाब में उंगलियां काटने के वायरल हो रहे वीडियो के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। एसएसपी मोहाली संदीप गर्ग ने बताया कि 9 फरवरी को एक वायरल वीडियो में तीन लोगों को एक व्यक्ति की उंगलियां काटते हुए दिखाई देने मामले में दो आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।
मुठभेड़: उंगलियां काटने के आरोपियों व पुलिस के बीच टोल पर चली गोलियां, Punjab-Haryana बॉर्डर पर दो को दबोचा
दो आरोपियों को पकड़ा
सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया। इस वीडियो को जिसने भी देखा उसके रोंगटे खड़े हो गए। लोगों को तालिबान की याद आ गई। पंजाब के मोहाली के फेज-1 से 8 फरवरी को एक युवक को तीन युवकों ने अगवा कर लिया। अगवा करने के बाद वे उसे गांव बड़माजरा के जंगल लेकर पहुंचे। वहां जाकर मुख्य आरोपी गौरी ने अपने भाई बंटी के कत्ल के शक में हरदीप का हाथ होने के शक में साथियों के साथ मिलकर उसके हाथ की अंगुलियां दातर से काट डालीं।
आरोपियों ने इस सारे घटनाक्रम का वीडियो भी बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। शुक्रवार को वीडियो वायरल होने के बाद इस घटना का खुलासा हुआ। इस संबंध में फेज-1 थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
पुलिस ने अब मामले में दो आरोपियों को पकड़ लिया है। आरोपियों की पहचान बड़माजरा निवासी गौरी और दो अज्ञात व्यक्तियों के रूप में हुई थी। शिकायतकर्ता हरदीप सिंह (24) उर्फ राजू निवासी गांव मोहाली ने बताया कि 8 फरवरी को वह फेज-1 स्थित सब्जी मंडी के पास बैठा था। इस दौरान दो व्यक्ति उसके पास आए और उनमें से लाल टीशर्ट पहने व्यक्ति कहने लगा कि वे सीआईए स्टाफ से आए हैं और उसके खिलाफ शिकायत आई है। वह पूछताछ के लिए उसे अपनी गाड़ी की तरफ ले जा रहे थे तो आगे देखा कि गाड़ी के पास बड़माजरा का रहने वाला गौरी खड़ा था। उसने गाड़ी के पास पहुंचते ही पीटना शुरू कर दिया। वे उसे गाड़ी में बैठा कर दारा स्टूडियो से होते हुए बड़माजरा श्मशानघाट के पीछे जंगल में पहुंचे। उनके पास दातर और सिक्सर (तेजधार हथियार) था।
वहां जाकर गौरी ने साथियों के साथ मिलकर धमकाते हुए उसके भाई बंटी के कातिलों के बारे में पूछा और कहा कि अगर उसने उनके नाम नहीं बताए तो वह उसे मार देगा। जब उसने कहा कि उन्हें भी तो पता है कि उसके भाई के कातिल कौन हैं। इसके बाद गौरी और लाल टी-शर्ट वाले आदमी ने उनके बाएं हाथ को जमीन पर रखकर पकड़ लिया और काली टी-शर्ट पहने व्यक्ति ने उनके हाथ पर दातर से तीन वार किया और चार अंगुलियां कट दी। इसके बाद उन्होंने उसे वहां से जान बचाकर भाग जाने को कहा और खुद कार में बैठकर फरार हो गए। इस वारदात के दौरान आरोपी उनका मोबाइल भी ले गए। हरदीप ने बताया कि वह किसी तरह घर पहुंचा और उनका चचेरा भाई मनिंदर सिंह फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल ले गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज देकर उन्हें पीजीआई रेफर कर दिया।
हरदीप के भाई का आरोप- पुलिस देरी से रवाना हुई
हरदीप के भाई मनिंदर सिंह ने बताया कि वारदात के बाद वे अपने भाई को सिविल अस्पताल ले गए। वहां पर डॉक्टरों ने अंगुलियां लाने को कहा। इसके बाद वे डरे हुए थे कि कहीं हमलावर उन पर हमला न कर दें इसलिए उन्होंने फेज-6 स्थित पुलिस चौकी के मुलाजिमों को साथ चलने को कहा। उन्होंने उनके कहने के काफी देर तक भी सरकारी वाहन नहीं निकाला तो वे एक ऑटो में पुलिसकर्मियों को साथ लेकर घटनास्थल पहुंचे लेकिन वहां पर उन्हें भाई की अंगुलियां नहीं मिली। इसके बाद वे लौट आए। इसके तीन घंटे बाद वे फिर से अंगुलियां ढूंढने पहुंचे तो उन्हें अंगुलियां मिलीं जिन्हें लेकर वे अस्पताल पहुंचे और फिर डॉक्टरों ने भाई को पीजीआई रेफर कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस फौरन उनके साथ चलती और अंगुलियां जल्द मिलतीं तो शायद आज अंगुलियां जुड़ होतीं।