पंजाब में बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पठानकोट पर कुदरत की बड़ी मार पड़ी है। इस दाैरान सेना ने मोर्चा संभाला है। जिले की बाढ़ प्रभावित इमारत से सेना ने एक साहसिक अभियान में नागरिकों और सीआरपीएफ कर्मियों को निकाला।
भारतीय सेना विमानन ने बुधवार को पठानकोट में एक उच्च जोखिम हेलीकॉप्टर बचाव अभियान चलाया और बाढ़ के पानी से घिरी एक इमारत से फंसे नागरिकों और सीआरपीएफ कर्मियों को निकाला। यह इमारत कुछ ही देर बाद ढह गई।
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पठानकोट में सेना ने पानी में फंसे लोगों को रेस्क्यू किया।
- फोटो : संवाद
भारतीय सेना ने अपने एक्स हैंडल पर इस साहसिक कार्य के दृश्य साझा किए। सेना के मुताबिक इसके लिए उच्चतम स्तर के उड़ान कौशल और बेजोड़ बहादुरी की आवश्यकता थी। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार की सुबह सेना विमानन के हेलीकॉप्टरों को बचाव अभियान के लिए रवाना किया गया।
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पठानकोट में बचाव अभियान
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पठानकोट के माधोपुर में रावी नदी पर बने बांध माधोपुर हेडवर्क्स पर उच्च जोखिम वाला हेलीकॉप्टर बचाव अभियान चलाया गया, जिसमें बाढ़ के पानी से घिरी और ढहने के कगार पर खड़ी एक इमारत से फंसे नागरिकों और सीआरपीएफ कर्मियों को निकाला गया। सेना ने कहा कि चुनौतीपूर्ण मौसम और तेजी से बढ़ते पानी का सामना करते हुए, टीम की त्वरित और निडर प्रतिक्रिया ने सुनिश्चित किया कि हर जीवन सुरक्षित रहे।
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पठानकोट में सेना ने चलाया बचाव अभियान
- फोटो : संवाद
एक्स पर पोस्ट की गई इस पोस्ट में दिख रहा है कि खतरनाक परिस्थितियों के बावजूद, सेना के पायलटों ने हेलीकॉप्टर को उस इमारत पर उतारा, जो पहले से ही आधी ढह चुकी थी। अधिकारियों ने बताया कि अपनी जान जोखिम में डालकर, सैनिकों ने हर फंसे हुए व्यक्ति को सुरक्षित निकाला। जिस इमारत पर हेलीकॉप्टर उतरा था, वह निकासी के तुरंत बाद ढह गई।
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पठानकोट में सेना ने संभाला मोर्चा
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पंजाब में बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिलों में पठानकोट, होशियारपुर, गुरदासपुर, कपूरथला, तरनतारन, फाजिल्का और फिरोजपुर शामिल हैं। हालात बेकाबू होते देख पंजाब पुलिस के साथ सेना, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई हैं।