श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में खोले गए करतापुर कॉरिडोर को बंद हुए एक साल पूरा हो गया है। कोरोना के कारण 16 मार्च 2020 की रात को कॉरिडोर के दरवाजे बंद कर दिए थे। कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए भारत सरकार ने पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री करतापुर साहिब के दर्शनों के लिए जाने वाले यात्रियों की रजिस्ट्रेशन रद्द कर दी थी। एक साल में श्रद्धालुओं ने कई बार सरकार से इस कॉरिडोर को खोलने का आग्रह किया। पाकिस्तान सरकार ने भी मार्च 2020 से लेकर जून 2020 तक करतापुर कॉरिडोर को बंद रखा था। 29 जून को कॉरिडोर की पाकिस्तान वाली साइड को खोल दिया गया ताकि भारत से आने वाले श्रद्धालु गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शन कर सकें। पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष भाई सतवंत सिंह भी भारत सरकार से कॉरिडोर खोलने का आग्रह कर चुके हैं। कोरोना का हवाला देकर केंद्र सरकार अभी तक इस कॉरिडोर को खोलने पर कोई भी फैसला नहीं कर सकी है।
अभी दूर है बाबे नानक का दर : एक साल से बंद हैं करतारपुर कॉरिडोर के दरवाजे, कई अपीलों के बाद भी नहीं मान रहा केंद्र
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अब दूरबीन से हो रहे गुरुद्वारा साहिब के दर्शन
करतापुर कॉरिडोर के दरवाजे बंद होने के बावजूद गुरुद्वारा साहिब के दर्शनों के लिए संगत डेरा बाबा नानक स्थित धुस्सी बांध के किनारे पहुंच रही है। इस बांध पर स्थित बीएसएफ की एक चौकी के पास स्थापित दूरबीन की मदद से संगत गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शन कर रही है। हालांकि पाकिस्तान के धुस्सी बांध पर उगे सरकंडे व घास के कारण संगत को गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन करने में मुश्किल आ रही है।
श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर करतापुर कॉरिडोर का निर्माण किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय साइड के इस कॉरिडोर का उद्घाटन किया था। नौ नवंबर 2019 से 31 जनवरी 2020 तक इस कॉरिडोर के रास्ते से गुरुद्वारा करतापुर साहिब के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 44 हजार 951 थी। दोनों देशों के बीच हुए समझौते के अंतर्गत प्रति दिन पांच हजार श्रद्धालु इस कॉरिडोर के माध्यम से श्री करतारपुर साहिब के दर्शन करने जा सकते हैं लेकिन कठोर शर्तों के कारण 16 महीनों के दौरान श्रद्धालुओं की एक दिन की संख्या 1800 से कम ही रही।
- कोई भी भारतीय किसी भी धर्म या मजहब को मानने वाला हो, उसे इस यात्रा के लिए वीजा की जरूरत नहीं होगी।
- यात्रियों के लिए पासपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (ईटीए) की जरूरत होगी। यह कॉरिडोर पूरे साल खुला रहेगा।
- भारतीय विदेश मंत्रालय यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की लिस्ट 10 दिन पहले पाकिस्तान को देगा। हर श्रद्धालु को 20 डॉलर यानी करीब 1400 रुपये देने होंगे।
- एक दिन में पांच हजार लोग इस कॉरिडोर के जरिए दर्शन करने जा सकेंगे।
- अभी अस्थायी पुल का इस्तेमाल किया जा रहा है और आने वाले वक्त में एक स्थायी पुल बनाया जाएगा।
- श्रद्धालुओं को इस यात्रा के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाना होगा
- आवेदकों के मेल और मैसेज के जरिए चार दिन पहले उनके आवेदन के कन्फर्मेशन की जानकारी दी जाएगी।
श्री करतारपुर कॉरिडोर को बंद करने के एक वर्ष पूरा होने पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने केंद्र से कॉरिडोर को खोलने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अब जबकि देश के सभी धार्मिक स्थान श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं और देश भर के लोग अपने-अपनी आस्था के अनुसार अपने पर्व मना रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार को करतारपुर साहिब का कॉरिडोर भी खोल देना चाहिए ताकि सिख श्रद्धालु अपने धार्मिक स्थान पर नतमस्तक हो सकें। जत्थेदार ने कहा कि केंद्र सरकार सेहत विभाग के निर्देशों के अनुसार प्रतिदिन 50 से 100 श्रद्धालुओं को गुरुद्वारा साहिब के दर्शनों के लिए जाने की आज्ञा दे सकती है।