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डिब्बा बंद खाना और चिकनाई बिगाड़ रही हाजमा, डॉक्टरों ने दी इन चीजों का सेवन करने की सलाह
Wed, 29 May 2019 12:42 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 29 May 2019 12:42 PM IST
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लोगों की जीवनशैली में डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ, कैन वाली चीजें बढ़ी हैं। खानपान में चिकनाई वाली चीजों का सेवन ज्यादा करने से पाचन तंत्र बिगड़ रहा है। इसके मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। केजीएमयू और एसजीपीजीआई की गैस्ट्रो की ओपीडी में आने वाले करीब 50 फीसदी मरीज पाचन तंत्र की गड़बड़ी से परेशान होकर आ रहे हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि खाने में रेसेदार चीजों को बढ़ाने की बेहद जरूरत है। इससे पाचन तंत्र सुधरेगा और आंत से जुड़ी दूसरी बीमारियों से बचा जा सकेगा। बुधवार को वर्ल्ड डाइजेस्टिव हेल्थ डे है। पेश है रिपोर्ट...
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समझिए, कैसे काम करता है पाचन तंत्र
जो भी खाया जाता है वह आहार नाल से पेट तक जाता है। आहार नाल मुख से शुरू होकर गुदा द्वार तक पहुंचता है। जो भी चीजें खाई जाती हैं वह लार के साथ यकृत और अग्नाशय होते हुए पेट तक पहुंचती हैं। शरीर के विभिन्न रासायनिक पदार्थ खाने के साथ क्रिया कर उससे रस निकालते हैं। यह रस शरीर को एनर्जी देता है। भोजन को मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा और अल्प मात्रा में विटामिन एवं खनिज लवणों की जरूरत होती है। पाचन के दौरान शरीर सभी पोषक तत्वों को अवशोषित कर लेता है और गैरजरूरी तत्व मल-मूत्र के रास्ते बाहर निकल जाते हैं।
जो भी खाया जाता है वह आहार नाल से पेट तक जाता है। आहार नाल मुख से शुरू होकर गुदा द्वार तक पहुंचता है। जो भी चीजें खाई जाती हैं वह लार के साथ यकृत और अग्नाशय होते हुए पेट तक पहुंचती हैं। शरीर के विभिन्न रासायनिक पदार्थ खाने के साथ क्रिया कर उससे रस निकालते हैं। यह रस शरीर को एनर्जी देता है। भोजन को मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा और अल्प मात्रा में विटामिन एवं खनिज लवणों की जरूरत होती है। पाचन के दौरान शरीर सभी पोषक तत्वों को अवशोषित कर लेता है और गैरजरूरी तत्व मल-मूत्र के रास्ते बाहर निकल जाते हैं।
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योग से मजबूत होता है पाचन तंत्र
योग से भी पाचन तंत्र मजबूत होता है। गलत भोजन, गलत जीवनशैली और तनाव से उत्पन्न विष को शरीर से बाहर निकालने में मदद मिलती है। इसमें खासतौर से त्रिकोण आसन के जरिये भूख में वृद्धि, पाचन क्रिया को ठीक और कब्ज को दूर किया जा सकता है। इसी तरह पश्चिमोत्तानासन से कब्ज दूर होता है। पवनमुक्तासन से गैस संबंधी समस्याओं को दूर किया जा सकता है। मत्स्येन्द्र आसन से पेट के अंगों की मालिश करके पाचन के रोग ठीक किया जाता है। ऊष्ट्र आसन से पेट और आंतों को खींच कर कब्ज दूर किया जा सकता है।
इन बातों का रखें ध्यान
- खाने को चार या पांच हिस्से में बांट कर थोड़ा-थोड़ा खाएं।
- रेसेदार फल, सब्जी खाएं। पानी खूब पीएं। गर्मी में छाछ का सेवन भरपूर करें।
- जंग फूड न खाएं। चीनी के बजाय गुड़ ज्यादा फायदेमंद है।
- दिन में ज्यादा और रात में कम मात्रा में भोजन करें। रात को गरिष्ठ भोजन न करें।
- जल्दी सोएं और जल्दी उठें। सोने से दो घंटे पहले भोजन कर लें।
- सुबह व्यायाम जरूर करें। टहलना, साइकिल चलाना सबसे उपयुक्त है।
योग से भी पाचन तंत्र मजबूत होता है। गलत भोजन, गलत जीवनशैली और तनाव से उत्पन्न विष को शरीर से बाहर निकालने में मदद मिलती है। इसमें खासतौर से त्रिकोण आसन के जरिये भूख में वृद्धि, पाचन क्रिया को ठीक और कब्ज को दूर किया जा सकता है। इसी तरह पश्चिमोत्तानासन से कब्ज दूर होता है। पवनमुक्तासन से गैस संबंधी समस्याओं को दूर किया जा सकता है। मत्स्येन्द्र आसन से पेट के अंगों की मालिश करके पाचन के रोग ठीक किया जाता है। ऊष्ट्र आसन से पेट और आंतों को खींच कर कब्ज दूर किया जा सकता है।
इन बातों का रखें ध्यान
- खाने को चार या पांच हिस्से में बांट कर थोड़ा-थोड़ा खाएं।
- रेसेदार फल, सब्जी खाएं। पानी खूब पीएं। गर्मी में छाछ का सेवन भरपूर करें।
- जंग फूड न खाएं। चीनी के बजाय गुड़ ज्यादा फायदेमंद है।
- दिन में ज्यादा और रात में कम मात्रा में भोजन करें। रात को गरिष्ठ भोजन न करें।
- जल्दी सोएं और जल्दी उठें। सोने से दो घंटे पहले भोजन कर लें।
- सुबह व्यायाम जरूर करें। टहलना, साइकिल चलाना सबसे उपयुक्त है।
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डॉ अभय कुमार
- फोटो : अमर उजाला
पिज्जा, बर्गर नहीं भूना चना और मुरमुरा खाएं
खाने में मोटा अनाज शामिल करें। सिर्फ पिज्जा बर्गर में फंसे रहने के बजाय भूने हुए चने, मुरमुरे का सेवन करें। हरी और पत्तीदार सब्जियों का हर हाल में खाएं। भोजन पूरी तरह से पकाकर खाएं। सब्जियों की सफाई पर ध्यान दें। पाचनतंत्र बिगड़ने की दूसरी बड़ी वजह गंदा पानी है। घर में आने वाले पानी की जांच कराएं। वह दूषित है तो उसके शोधन का इंतजाम करें। ज्यादा गंदा पानी है तो उसे उबाल कर पीएं। इसके बाद अचानक दस्त होने लगे या कब्ज बना रहे तो चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए। खुद से दवाएं न लें। खुद से ली गई दवाएं भी कई बार पाचन तंत्र को खराब कर देती हैं।
- डॉ. अभय कुमार वर्मा, एसजीपीजीआई
खाने में मोटा अनाज शामिल करें। सिर्फ पिज्जा बर्गर में फंसे रहने के बजाय भूने हुए चने, मुरमुरे का सेवन करें। हरी और पत्तीदार सब्जियों का हर हाल में खाएं। भोजन पूरी तरह से पकाकर खाएं। सब्जियों की सफाई पर ध्यान दें। पाचनतंत्र बिगड़ने की दूसरी बड़ी वजह गंदा पानी है। घर में आने वाले पानी की जांच कराएं। वह दूषित है तो उसके शोधन का इंतजाम करें। ज्यादा गंदा पानी है तो उसे उबाल कर पीएं। इसके बाद अचानक दस्त होने लगे या कब्ज बना रहे तो चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए। खुद से दवाएं न लें। खुद से ली गई दवाएं भी कई बार पाचन तंत्र को खराब कर देती हैं।
- डॉ. अभय कुमार वर्मा, एसजीपीजीआई
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प्रो. विजय पुष्कर
- फोटो : अमर उजाला
होम्योपैथिक की मीठी गोली से दुरुस्त रहेगा हाजमा
पाचन तंत्र को दुरुस्त करने के लिए होम्योपैथिक में कई दवाएं हैं। खाना खाने के बाद एक गोली खाने से हाजमा दुरुस्त रहता है। खाने का न पचना और कब्ज रहना दोनों बड़ी समस्या है। कुछ लोग ऐसे भी होते हैं कि खाना खाने के तत्काल बाद उन्हें शौचालय जाने की जरूरत पड़ती है। यह भी बीमारी है। इसके इलाज के लिए होम्योपैथिक सबसे कारगर मानी गई है। ज्यादातर लोगों को कब्ज की शिकायत रहती है, जो बाद में चलकर आंतों से जुड़ी तमाम बीमारियों को जन्म देती है। इसके लिए लाइकोपोडियम, कार्बोवेडा, चाइना समूह की तमाम दवाएं हैं। - प्रो. विजय पुष्कर, संयुक्त निदेशक शिक्षा होम्योपैथिक
पाचन तंत्र को दुरुस्त करने के लिए होम्योपैथिक में कई दवाएं हैं। खाना खाने के बाद एक गोली खाने से हाजमा दुरुस्त रहता है। खाने का न पचना और कब्ज रहना दोनों बड़ी समस्या है। कुछ लोग ऐसे भी होते हैं कि खाना खाने के तत्काल बाद उन्हें शौचालय जाने की जरूरत पड़ती है। यह भी बीमारी है। इसके इलाज के लिए होम्योपैथिक सबसे कारगर मानी गई है। ज्यादातर लोगों को कब्ज की शिकायत रहती है, जो बाद में चलकर आंतों से जुड़ी तमाम बीमारियों को जन्म देती है। इसके लिए लाइकोपोडियम, कार्बोवेडा, चाइना समूह की तमाम दवाएं हैं। - प्रो. विजय पुष्कर, संयुक्त निदेशक शिक्षा होम्योपैथिक