एक साइको किलर जिसने अपने लिव इन पार्टनर को खत्म करने से पहले अपने मां-बाप को भी मौत के घाट उतारा था। खूनी मंजर को दिमाग में भरकर रखने वाले इस हत्यारे का इन सब से मन नहीं भरा तो और बेरहम हो गया। घटना भोपाल की है और ये खूनी खेल एक हाइप्रोफाइल हत्याकांड की वजह से सुर्खियों में बना हुआ है।
भोपाल हत्याकांड: तो इस वजह से बेटे ने उतारा था मां-बाप को मौत के घाट
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उसने बताया कि उसे मैथेमेटिक्स यानि अकंगणित पर जोर देने के लिए मजबूर किया जाता था। ये वजह उसे इस कदर परेशान करती थी कि उसके मन में मां-बाप के लिए नाराजगी बैठ गई। पुलिस ने बताया कि मां-बाप उसे अंकगणित का अभ्यास करने के लिए हर समय डांटा करते थे। इतना ही नहीं उसे कई बार पीटा भी गया।
हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक उदयन अपने मां-बाप को इस व्यवहार की वजह से मिस्टर एंड मिसेज हिटलर मानने लग गया था।
पुलिस के मुताबिक उदयन क्लास 8वीं तक पढ़ाई में अव्वल था, लेकिन उसके बाद वो भटकने लग गया। मां-बाप की ओर से उसे तकनीकी में करियर बनाने का दबाव आने लगा, लेकिन उदयन आर्ट्स में अपना भविष्य देख रहा था।
उदयन ने बताया कि उसके माता-पिता हर चीज के लिए रोका करते थे। इसमें सबसे ज्यादा वो फिजूलखर्ची के लिए रोके जाने से खासा परेशान था। इसी वजह से उसने दंपत्ति को मौत के घाट उतार दिया। उसने इस घटना को अंजाम साल 2010 में दिया था, जहां उसने पहले माता को मारा था। थोड़े दिनों बाद उसने अपने पिता को भी खत्म कर दिया। लाशों को दफनाने के बाद उसने मकान को बेच दिया और प्रेमिका के साथ रहने के लिए वो भोपाल आ गया।
उदयन के बिगड़ने की वजह यह भी थी कि उसे खर्चे के लिए पैसे हर महीने टाइम पर मिल जाया करते थे। दरअसल, उदयन और उसके मां-बाप रायपुर में रहते थे, लेकिन उनके दिल्ली और भोपाल में भी घर थे। इन तीनों जगहों से परिवार को 80 हजार रुपये किराया आता था। उदयन भोपाल में रहने लग गया था और उसे परिवार की ओर से महीने के 30 हजार रुपये मिलने लगे थे।