विदिशा में भुजरियों का त्यौहार बड़े ही अनोखे अंदाज में मनाया जाता है। यहां 50 फीट ऊंचे पेड़ पर एक नारियल को बांधा जाता है, फिर बंदूकधारी निशानेबाज उसमें बंदूक की गोली से निशाना लगाकर नारियल को फोड़ते हैं। यह परंपरा मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से लगभग 110 किलोमीटर दूर एक ग्राम झूकरजोगी में आज भी जारी है।
यहां बंदूकधारी जब तक बंदूक से 50 फीट ऊंचाई पर बंधे नारियल को फोड़ ना दे तब तक भुजरियां नहीं तोड़ी जा सकतीं, यह परंपरा बरसों पुरानी है जो वर्षों से लगातार आज भी जारी भी है।
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सदियों से जारी है बंदूक से नारियल तोड़ने की प्रथा
- फोटो : अमर उजाला
कहा जाता है कि यहां अच्छे-अच्छे निशानेबाज की एक नहीं चलती। इस प्रथा को जीवंत रखने के दौरान लगभग 25 से अधिक बंदूकधारी बंदूक से निशाना लगाते हैं। जब तक पेड़ की ऊंचाई पर बंधा वह नारियल बंदूक की गोली से नहीं फूटता तब तक गांव में भुजरियां नहीं मनाई जाती।
इस आयोजन के दौरान मंदिर के सामने एक चौक के समीप गांव की सभी भुजरियां इकट्ठी होती हैं। महिलाएं नृत्य करती हैं और मंगल गीत गाए जाते हैं। वहीं, एक से बढ़कर एक निशानेबाज बंदूक से निशाना आजमाते हैं। निशानेबाजी के इस त्यौहार पर कई गांवों के हजारों लोग इस आयोजन में शिरकत करते हैं।
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दूर-दूर से शामिल होने आते हैं लोग
- फोटो : अमर उजाला
बंदूकों की धमक से गूंज उठता है गांव
पुलिस की मौजूदगी में होने वाले इस आयोजन में हर हाथ में बंदूक नजर आती है। एक से बढ़कर एक बन्दूकधारी निशानेबाज दूर-दूर से इस आयोजन में शामिल होने आते हैं।