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उज्जैन ट्रिपल मर्डर: ब्लैंक चेक ने ले ली पूरे परिवार की जान, ब्याज के रुपये न देना पड़े इसलिए मां, बेटे और पोते को मार डाला

Thu, 14 Apr 2022 05:57 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा Updated Thu, 14 Apr 2022 05:57 PM IST
सार

उज्जैन में मां, बेटे व पोते की हत्या की वजह ब्लैंक चेक रहे। दो आरोपियों ने पूरे परिवार को मार डाला। ब्याज पर रुपये लिए थे। चुका नहीं पा रहे थे, इसलिए हत्या की साजिश रची। हत्या के बाद घर में अपने ब्लैंक चेक भी खंगाले लेकिन नहीं मिले।

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Ujjain Triple Murder: Blank check took the life of the whole family, killed mother, son and grandson so that he did not have to pay interest money.
पुलिस गिरफ्त में हत्या के आरोपी - फोटो : सोशल मीडिया
उज्जैन पुलिस ने तिहरे हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया है। परिवार साहूकारी करता था, जिसने उसकी जान ले ली। दो आरोपियों ने पूरे परिवार को खत्म कर दिया। पिता-पुत्र को रुपये देने के बहाने बड़नगर ले गए और रास्ते में हत्या कर दी। मां को घर में गला घोंटकर मार डाला और शव पलंग पेटी में रख दिया। हत्या की वजह वे ब्लैंक चेक थे जो आरोपियों ने मृतकों दिए थे। इन ब्लैंक चेक की वजह से पूरे परिवार को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।  


पिछले दिनों हरि नगर में रहने वाले एक परिवार की हत्या हो गई थी। मां सरोज नागर (74) का शव घर में पलंग पेटी से मिला था। सरोज के बेटे राजेश नागर (45) और पोते पार्थ (21) का शव इंगोरिया के पास चंबल नदी के पास झाड़ियों में मिले थे। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर छानबीन शुरू की थी। हर पहलू पर जांच हुई। पुलिस को कुछ ऐसे सुराग मिले, जिनसे वह आरोपियों तक पहुंच गई।  
Ujjain Triple Murder: Blank check took the life of the whole family, killed mother, son and grandson so that he did not have to pay interest money.
मृतक सरोज, राजेश व पार्थ - फोटो : सोशल मीडिया

उज्जैन एसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ला ने गुरुवार को मामले का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि राजेश और पार्थ का गला धारदार हथियार से काटा गया था। राजेश के पास से मिले मोबाइल के आधार पर उनकी शिनाख्त हुई थी। पुलिस दोनों के घर पहुंची और वहां ताला तोड़ा तो पलंग पेटी में राजेश की मां सरोजबाई का हाथ-पैर बंधा हुआ शव मिला था। पुलिस को राजेश के मोबाइल की कॉल डिटेल से महत्वपूर्ण सुराग मिला था।

जीवाजीगंज टीआई गगन बादल व टीम ने स्मार्ट सिटी योजना के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरे, पुलिस के कैमरे तथा हरि नगर व आसपास के क्षेत्रों में लगे 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों को खंगाला था। हरि नगर में 8 अप्रैल की शाम को एक संदिग्ध ऑटो नजर आया था, यही ऑटो बड़नगर रोड पर भी कैमरों में दिखा था। जिसके बाद पुलिस ऑटो नंबर के आधार पर मोहन नगर निवासी जयराम कुशवाह के घर पहुंची थी। जब पुलिस जयराम कुशवाह के घर पहुंची तो पता चला कि वह मूल रूप से सागर का रहने वाला है तथा 10 सालों से उज्जैन में किराये के मकान में रह रहा था। कुशवाह ऑटो चलाने के साथ ही सब्जी का भी ठेला लगाता था। जयराम के गायब होने पर पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और उसे जयसिंह नगर सागर से गिरफ्तार कर लिया था। उसने बताया कि राजेश नागर से 20 हजार रुपये उधार लिए थे। इसके एवज में ब्लैंक चेक साइन करके दिया था। पिता-पुत्र रुपये के लिए दबाव बना रहे थे।

इस तरह दिया वारदात का अंजाम
आरोपी जयराम ने पुलिस को बताया कि कमल कॉलोनी निवासी दिनेश जैन फेरी लगाकर चावल बेचने का काम करता है। राजेश नागर से उसने 2.75 लाख रुपये उधार ले रखे हैं। इसका ब्याज जोड़कर करीब साढ़े चार लाख रुपये उधार हो गए। दोनों पिता-पुत्र उसे भी परेशान कर रहे थे। जैन दो सालों से जयराम की ऑटो में ही चावल लेकर गांव-गांव में फेरी लगाकर बेचता था। दोनों ने मिलकर पिता-पुत्र की हत्या की योजना बनाई थी। जिससे उन्हें रुपये न देना पड़े। दिनेश जैन व जयराम ने राजेश नागर व उसके पुत्र पार्थ को झांसा दिया था कि बड़नगर से उनकी उधारी के रुपये आना है, वह भी साथ चले तो रुपये दे देंगे। पिता-पुत्र 8 अप्रैल को साढ़े चार बजे दिनेश जैन व जयराम के साथ ऑटो में गए थे।

इंगोरिया के समीप ग्राम धुरावदा के पास राजेश व उसके पुत्र पार्थ की आंखों में मिर्च पॉवडर डालकर जैन व कुशवाह ने चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी और शव को चंबल नदी के किनारे फेंक दिया था। पिता-पुत्र की हत्या करने के बाद दोनों आरोपी नागर के घर पहुंचे थे। जहां नागर की मां सरोजबाई से बात करने लगे और कपड़े से उसका गला घोंट कर उसे मौत के घाट उतार दिया। सरोज बाई लकवे की मरीज थी, इस कारण कोई विरोध नहीं कर पाई। हत्या के बाद शव को दोनों ने पलंग पेटी में डाला और पूरा घर खंगाल दिया। दोनों आरोपियों का कहना है कि उन्हें घर से नागर को दिए कोरे चेक नहीं मिले हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं। मामले को चिह्नित श्रेणी में शामिल कर जल्द चालान पेश कर आरोपियों को सजा दिलवाई जाएगी।
 
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