लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती, ये पंक्तियां मध्यप्रदेश के सीहोर जिले की कावेरी ढीमर पर सटीक उतरती हैं। कावेरी ढीमर ने एक मछली पकड़ने वाली लड़की से देश की कैनोइंग चैंपियन बनने का सफर तय किया है। कावेरी आज 'मध्यप्रदेश की गोल्डन गर्ल' के रूप में पहचानी जाती हैं। कावेरी ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का नाम गौरवान्वित किया है। वह अब तक नेशनल लेवल पर करीब 30 गोल्ड मेडल और एक सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं।
2 of 3
सीएम शिवराज के साथ गोल्डन गर्ल कावेरी
- फोटो : सोशल मीडिया
मजदूर परिवार की बेटी है कावेरी
कावेरी ढीमर की सफलता की कहानी उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा का सबब है जो मुसीबतों का रोना रोकर अपना जीवन बदलने की कोशिश नहीं करते। कावेरी एक मजदूर परिवार की बेटी हैं। बचपन में वह पिता का कर्ज चुकाने और परिवार चलाने के लिए वह नर्मदा नदी में पिता के साथ मछलियां पकड़ा करती थी। नाव में मछलियां पकड़ने के हुनर ने ही कावेरी को आज कैनोइंग चैंपियन बना दिया है।
3 of 3
कावेरी ढीमर
- फोटो : सोशल मीडिया
उत्तराखंड में जीते पांच स्वर्ण पदक
हाल ही में कावेरी ढीमर ने उत्तराखंड में 22 से 25 अगस्त तक आयोजित 33वीं राष्ट्रीय कैनो स्प्रिंट सीनियर महिला एवं पुरुष वर्ग चैंपियनशिप में 5 स्वर्ण पदक एवं एक रजत पदक जीता है। कावेरी को कयाकिंग और कैनोइंग की 1000, 500, 200 मीटर की छह रेसों में से पांच स्वर्ण पदक मिले हैं। वहीं, 17 वर्षीय कावेरी ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में बीए प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया है।