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Sawan 2023: नोहलेश्वर शिव मंदिर में है कल्चुरी कालीन शिवलिंग, आस्था और शिल्प कला का होता है अद्भुत संगम

Mon, 17 Jul 2023 11:55 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Mon, 17 Jul 2023 11:55 AM IST
सार

Sawan 2023: नोहलेश्वर शिव मंदिर में है कल्चुरी कालीन शिवलिंग, आस्था और शिल्प कला का होता है अद्भुत संगम

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Sawan 2023: Kalchuri Kal Shivling is in Nohleshwar Shiva temple a wonderful confluence of faith and craftsmans
नोहटा में ऐतिहासिक नोहलेश्वर शिव मंदिर - फोटो : अमर उजाला
दमोह जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर नोहटा में ऐतिहासिक नोहलेश्वर शिव मंदिर है, जो पुरातत्व विभाग के अधीन है। मंदिर का निर्माण कल्चुरी नरेश युवराज प्रथम ने अपनी प्रिय रानी नोहला के नाम पर कराया था। युवराज धर्मावलंबी थे, उन्होंने अपने शासन काल 915 से 945 ई. के बीच इस अद्वितीय मंदिर का निर्माण कराया था। मंदिर की खासियत यह है कि यह मुस्लिम आक्रांताओं के हमलों से यह सुरक्षित रहा।




100 फीट लंबे चौड़े चबूतरे पर बना है मंदिर 
यह मंदिर दमोह जबलपुर स्टेट हाईवे पर मुख्य सड़क के किनारे स्थित है। मंदिर का निर्माण 100 फीट लंबाई चौड़ाई वाले छह फीट ऊंचे चबूतरे पर किया गया है। मंदिर का प्रवेश द्वार पांच शाखाओं में विभक्त है । मंदिर  के चार मुख्य स्तंभ हैं । इस मंदिर के गर्भगृह का शिखर अत्यंत अलंकृत है, जिसमें शिवलिंग स्थापित है। मंदिर का शिल्प बहुत कुछ खजुराहो के मंदिरों जैसा है।
Sawan 2023: Kalchuri Kal Shivling is in Nohleshwar Shiva temple a wonderful confluence of faith and craftsmans
मंदिर में स्थित कल्चुरी कालीन शिवलिंग - फोटो : अमर उजाला
इसका बारीक नक्काशियों वाला मूर्ति शिल्प अनुपम है। दायीं ओर नर्मदा और बायीं ओर यमुना की मूर्तियां हैं। चबूतरे के निचले भाग पर सामने दोनों ओर चारों तरफ लक्ष्मी के आठ रूपों की मूर्तियां हैं। गजलक्ष्मी की मूर्ति अत्यंत मनोहारी है। मंदिर के अलंकरण में मातृका मूर्तियों का ज्यादा उपयोग किया है। मुख्य द्वार पर शीर्ष भाग में नवग्रह की मूर्तियां हैं ।

कल्चुरी काल का श्रेष्ठ मंदिर
नोहलेश्वर मंदिर में सरस्वती, विष्णु, अग्नि, कंकाली देवी, उमा-महेश्वर, शिव-पार्वती, लक्ष्मी नारायण के भी दर्शन होते हैं । पशु, पक्षियों को उनके ब्याल के रूप में उत्कीर्ण किया गया है। यह कल्चुरि काल की स्थापत्य कला के सर्वश्रेष्ठ मंदिरों में से एक है, जिसे मध्यप्रदेश राज्य द्वारा संरक्षित घोषित किया गया है।
Sawan 2023: Kalchuri Kal Shivling is in Nohleshwar Shiva temple a wonderful confluence of faith and craftsmans
अद्भुत है मंदिर की शिल्पकला - फोटो : अमर उजाला
आस्था व शिल्प कला का अद्भुत संगम
ग्राम नोहटा में बने नवमीं शताब्दी (950-60) का कल्चुरी कालीन प्राचीन शिव मंदिर की सुदंरता देखते ही बनती है। यह मंदिर आस्था व शिल्प कला का अदभुत संगम हैं।

अति प्राचीन शिवलिंग है विराजमान
वैसे तो वर्ष भर यहां लोगों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन सावन माह में लोगों की भारी भीड़ लगती है और पूरे प्रदेश से श्रद्धालु इस पुरातत्व महत्व के मंदिर को देखने आते हैं।
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