मध्यप्रदेश के सागर जिले के राहतगढ़ कस्बे में करीब 900 वर्ष पुराना एक अद्भुत शिव मंदिर स्थित है। इस मंदिर में एक ही जलहरी में 108 शिवलिंग स्थापित हैं, और एक लोटा जल चढ़ाने से सभी शिवलिंगों का एक साथ अभिषेक हो जाता है।
Sawan Somwar: एक लोटा जल से होता है 108 शिवलिंगों का अभिषेक, 900 साल पुराना है यह अद्भुत शिवालय
मध्य प्रदेश के सागर जिले के राहतगढ़ कस्बे में 900 वर्ष पुराना अद्भुत शिवालय है। यहां एक लोटा जल से आप 108 शिवलिंगों का अभिषेक कर सकते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राहतगढ़ का इतिहास
राहतगढ़ का नाम मुगलकाल में मिला, जिसका अर्थ है 'शांति का गढ़ या स्थल'। हालांकि, इस कस्बे का प्राचीन इतिहास स्थानीय स्तर पर अधिक ज्ञात नहीं है। लोग इसे महाभारत काल और आल्हा-ऊदल के समय से जोड़ते हैं। ऐतिहासिक जानकारी के अनुसार यहां परमार, चंदेल, गौंड और मुगल राजाओं का आधिपत्य रहा। 18वीं शताब्दी में यह सिंधिया के हाथ में चला गया और बाद में अंग्रेजों के कब्जे में रहा। राहतगढ़ में परमार वंश के राजा भोज के उत्तराधिकारी जयसिंह के समय का एक खंडित शिलालेख मिला था, जिसमें इस जगह का नाम "उपराहड मंडल" लिखा है।
मंदिर की विशेषताएं
यह शिव मंदिर पूर्णतः वास्तु शास्त्र के हिसाब से पत्थर से निर्मित है। मंदिर के प्रवेश द्वार पर नंदी विराजमान हैं, और गर्भ गृह में शिवलिंग स्थापित है। इस शिवलिंग को एक ही पत्थर पर निर्मित किया गया है। मुख्य शिवलिंग की जलहरी में छोटे-छोटे 108 पूर्ण शिवलिंग स्थापित हैं, जो हिंदू मान्यताओं में दुर्लभ माने जाते हैं। मंदिर के वर्तमान पुजारी बबलू महाराज और उनके पूर्वज बताते हैं कि इस शिवलिंग पर एक लोटा जल चढ़ाने से 108 शिवलिंगों का स्वतः अभिषेक हो जाता है। इसके अलावा, मंदिर की एक परिक्रमा करने से 108 परिक्रमा का फल प्राप्त होता है।
श्रावण मास में विशेष आकर्षण
श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को और महाशिवरात्रि पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन करने आते हैं। मंदिर की विशेषता और प्राचीनता इसे एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल बनाती है।
कैसे पहुंचें राहतगढ़
राहतगढ़ सागर से विदिशा-भोपाल मुख्य सड़क मार्ग पर स्थित है, जिसकी दूरी सागर से 35 किलोमीटर है। यहां आने-जाने के लिए चौबीसों घंटे वाहन उपलब्ध हैं। आप अपने वाहन से भी यहां पहुंच सकते हैं।
