जिला अस्पताल में शुक्रवार को हुई नर्सिंग कॉलेज की प्रायोगिक परीक्षा में सामूहिक नकल के मामले में सीएमएचओ ने जिला अस्पताल के सिविल सर्जन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। साथ ही सीएमएचओ ने इन परीक्षाओं के साथ नर्सिंग कॉलेजों की जांच कराने के लिए पांच सदस्यीय समिति बना दी है। अस्पताल प्रबंधन इन परीक्षाओं से खुद को पूरी तरह से अनभिज्ञ बता रहा है। नकल के वीडियो भी वायरल हो रहे हैं।
2 of 4
वेटिंग रूम और पार्किंग में भी पेपर देते परीक्षार्थी नजर आ रहे थे।
- फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि नर्सिंग कालेज में पढ़ रहे छात्रों के पहले वर्ष की प्रायोगिक परीक्षा शुरू हुईं हैं जो 6 अप्रैल तक चलेंगी। इस परीक्षा में नर्सिंग कॉलेज के छात्र-छात्राओं को जिला अस्पताल में मरीजों से मिलाया जाता है, उसके बाद कापी में प्रश्नों के उत्तर लिखवाए जाते हैं। शुक्रवार को मुरैना जिला अस्पताल में सैकड़ों नर्सिंग छात्र-छात्राएं प्रायोगिक परीक्षा देने पहुंचे थे। परीक्षा में कोई रोकटोक नहीं दिखी। जिसे जहां मन किया, वहां बैठकर परीक्षा दी। यहां तक कि वेटिंग रूम और पार्किंग में भी पेपर देते परीक्षार्थी नजर आ रहे थे।
3 of 4
जिसे जहां मन किया, वहां बैठकर परीक्षा दी।
- फोटो : सोशल मीडिया
परीक्षा तब मजाक बनकर रह गई, जब सभी छात्र-छात्राओं के लिए एक जैसे प्रश्न दिए गए। जिनके जवाब सभी परीक्षार्थियों के वॉट्सअप पर आबिद सर नाम के मोबाइल नंबर 7976353031 से आ रहे थे। जिला अस्पताल में प्रायोगिक परीक्षा देने आए छात्र-छात्राओं में से अधिकांश बिहार, झारखण्ड व उप्र के हैं, जो खुद को मुरैना के जयमां वैष्णो नर्सिंग कॉलेज, उमा नर्सिंग कॉलेज और हिंदुस्तान नर्सिंग कॉलेज का विद्यार्थी बता रहे थे। लेकिन इन्होंने कभी अपना कॉलेज नहीं देखा। नर्सिंग कालेज की इन परीक्षाओं को करवाने के लिए सागर नर्सिंग कालेज से दो महिला प्रोफेसर जिला अस्पताल में आई हुई हैं।
4 of 4
मुरैना जिला अस्पताल में सैकड़ों नर्सिंग छात्र-छात्राएं प्रायोगिक परीक्षा देने पहुंचे थे।
- फोटो : सोशल मीडिया
खुलेआम नकल के वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं। मामला तूल पकड़ने के बाद अस्पताल प्रबंधन से जवाब मांगे जा रहे हैं। सीएमएचओ राकेश शर्मा ने जिला अस्पताल के सिविल सर्जन विनोद गुप्ता को नोटिस दिया है। पांच सदस्यों की टीम बनाई है, जो दई बिंदुओं पर मामले की जांच करेगी। जांच के बिंदुओ में परीक्षा में ये अव्यवस्थाएं कैसे बनीं, किन लोगों को संरक्षण था, क्यों इसे रोका नहीं जा सका आदि भी शामिल रहेंगे।