मध्यप्रदेश की तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर पहुंचीं पूर्व मुख्यमंत्री और फायरब्रांड नेता उमा भारती पुरातत्व विभाग पर बरस पड़ी। दरअसल, पुरातत्व विभाग ने ममलेश्वर मंदिर में नंदी जी के पास जाली लगा दी थी। इससे रोड डायवर्शन हो गया था। इसी बात को लेकर उमा भारती नाराज हो गई।
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MP News: ओंकारेश्वर में नंदी को कैद देख भड़कीं उमा भारती, जाली तोड़ पुरातत्व विभाग को दी एफआईआर करने की चुनौती
Fri, 23 Dec 2022 11:57 AM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Fri, 23 Dec 2022 11:57 AM IST
सार
मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने ओंकारेश्वर में पुरातत्व विभाग की व्यवस्थाओं पर गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने ममलेश्वर मंदिर में लगाई रैलिंग हटाने के निर्देश दिए हैं।
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उमा भारती ने ओंकारेश्वर में ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग का पूजन किया।
- फोटो : अमर उजाला
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उमा भारती ने नंदी के चारों ओर लगी जाली हटवा दी।
- फोटो : अमर उजाला
धरोहरों के साथ खिलवाड़ का लगाया आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ओंकारेश्वर में ज्योतिर्लिंग दर्शन के दौरान जाली में कैद नंदी प्रतिमा को लेकर अफसरों पर भड़क गई। उन्होंने पुरातत्व विभाग के स्थानीय कर्मचारियों से कहा कि हजारों साल पहले विद्वानों ने वास्तु के अनुसार मंदिरों का निर्माण किया था। आज ऐसे विद्वानों को चुनौती देकर धरोहरों के साथ खिलवाड़ हो रहा है। अगर कुछ परिवर्तन जरूरी भी है तो इसके लिए वैदिक विद्वानों से सुझाव लेकर किए जाएं।
यह है दर्शन का वास्तु
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ओंकारेश्वर में मुख्य ज्योतिर्लिंग ममलेश्वर ही हैं। सामने ऊपर पहाड़ी पर तो विश्व के स्वामी ओंकार बिंदु संयुक्त बैठे हैं। ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग वृषभ राशि के स्वामी हैं। सामने नंदी भी वास्तु के हिसाब से बैठे हैं। वास्तु अनुसार मुझे दाएं होकर मंदिर में प्रवेश करना है लेकिन आपने रास्ता बंद कर रखा है। मुझे छोड़ दें लेकिन देशभर से नंगे पैर आने वाले भक्तों की आस्था से खिलवाड़ हो रहा है। मैं यह नहीं होने दूंगी।
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ओंकारेश्वर में ज्योतिर्लिंग दर्शन के दौरान जाली में कैद नंदी प्रतिमा को लेकर अफसरों पर भड़क गई। उन्होंने पुरातत्व विभाग के स्थानीय कर्मचारियों से कहा कि हजारों साल पहले विद्वानों ने वास्तु के अनुसार मंदिरों का निर्माण किया था। आज ऐसे विद्वानों को चुनौती देकर धरोहरों के साथ खिलवाड़ हो रहा है। अगर कुछ परिवर्तन जरूरी भी है तो इसके लिए वैदिक विद्वानों से सुझाव लेकर किए जाएं।
यह है दर्शन का वास्तु
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ओंकारेश्वर में मुख्य ज्योतिर्लिंग ममलेश्वर ही हैं। सामने ऊपर पहाड़ी पर तो विश्व के स्वामी ओंकार बिंदु संयुक्त बैठे हैं। ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग वृषभ राशि के स्वामी हैं। सामने नंदी भी वास्तु के हिसाब से बैठे हैं। वास्तु अनुसार मुझे दाएं होकर मंदिर में प्रवेश करना है लेकिन आपने रास्ता बंद कर रखा है। मुझे छोड़ दें लेकिन देशभर से नंगे पैर आने वाले भक्तों की आस्था से खिलवाड़ हो रहा है। मैं यह नहीं होने दूंगी।
उमा भारती तीन दिन के लिए ओंकारेश्वर आई हैं।
- फोटो : अमर उजाला
कर्मचारियों ने मांगा आवेदन, भारती ने किया विरोध
पूर्व सीएम भारती के कहने पर भक्तों ने नंदी के चारों ओर लगी जाली हथोड़े से हटवा दी। उन्हें रोकते हुए पुरातत्व विभाग के कर्मचारियों ने कहा कि आप आवेदन दे दीजिए। हम अफसरों तक पहुंचाकर निराकरण कराएंगे। इस पर वे फिर भड़क उठीं। उन्होंने कहा मैं क्या, कोई भक्त भी आवेदन नहीं देगा। मैंने जाली तोड़ी है। आप अफसरों को सूचना देकर एफआईआर दर्ज करा सकते हैं। मैं जेल जाने को तैयार हूं। लेकिन जाली दोबारा नहीं लगेगी। पूर्व सीएम के तेवर देख पुरातत्व विभाग के भी कर्मचारी डरे सहमे नजर आए।
सोशल मीडिया पर उमा भारती ने कहा-
आज मैं ओंकारेश्वर में हूं, बहुत ही सुंदर तरीके से परिक्रमा मार्ग का निर्माण कार्य चल रहा है। आदि शंकराचार्य जी की दीक्षा गुफा भी पहले की तुलना में बहुत ही साफ-सुथरी एवं व्यवस्थित मिली। द्वादश ज्योतिर्लिंग में से एक भगवान अमलेश्वर एवं ममलेश्वर हैं इसमें ओंकारेश्वर तो विश्व के मूल हैं एवं भगवान अमलेश्वर वृषभ राशि के स्वामी ज्योतिर्लिंग हैं। आज जब मैं वहां दर्शन करने के लिए पहुंची तो वहां कोरोना काल की, की गई प्रतिबंधित व्यवस्था जस की तस थी। पुजारियों को, यात्रियों को इस व्यवस्था से बहुत परेशानी थी एवं मंदिर का वास्तु पूरा बिगड़ गया था। कोरोना तो चला गया लेकिन सबके विरोध के बाद भी यह व्यवस्था बनी रही जो कि अनावश्यक थी, नियम विरुद्ध थी, परंपराओं का हनन कर रही थी तो मैंने अपने हाथ से ही वह व्यवस्था हटा ली। हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि भारत पर कोरोना का संकट ना आए। यदि कभी ऐसा हुआ तो फिर से पुरातत्व विभाग अपनी व्यवस्था को मान्यताओं से खिलवाड़ किए बगैर बहाल कर ले। कोरोना भारत की ओर नहीं झांकेगा ऐसा मुझे विश्वास है।
पूर्व सीएम भारती के कहने पर भक्तों ने नंदी के चारों ओर लगी जाली हथोड़े से हटवा दी। उन्हें रोकते हुए पुरातत्व विभाग के कर्मचारियों ने कहा कि आप आवेदन दे दीजिए। हम अफसरों तक पहुंचाकर निराकरण कराएंगे। इस पर वे फिर भड़क उठीं। उन्होंने कहा मैं क्या, कोई भक्त भी आवेदन नहीं देगा। मैंने जाली तोड़ी है। आप अफसरों को सूचना देकर एफआईआर दर्ज करा सकते हैं। मैं जेल जाने को तैयार हूं। लेकिन जाली दोबारा नहीं लगेगी। पूर्व सीएम के तेवर देख पुरातत्व विभाग के भी कर्मचारी डरे सहमे नजर आए।
सोशल मीडिया पर उमा भारती ने कहा-
आज मैं ओंकारेश्वर में हूं, बहुत ही सुंदर तरीके से परिक्रमा मार्ग का निर्माण कार्य चल रहा है। आदि शंकराचार्य जी की दीक्षा गुफा भी पहले की तुलना में बहुत ही साफ-सुथरी एवं व्यवस्थित मिली। द्वादश ज्योतिर्लिंग में से एक भगवान अमलेश्वर एवं ममलेश्वर हैं इसमें ओंकारेश्वर तो विश्व के मूल हैं एवं भगवान अमलेश्वर वृषभ राशि के स्वामी ज्योतिर्लिंग हैं। आज जब मैं वहां दर्शन करने के लिए पहुंची तो वहां कोरोना काल की, की गई प्रतिबंधित व्यवस्था जस की तस थी। पुजारियों को, यात्रियों को इस व्यवस्था से बहुत परेशानी थी एवं मंदिर का वास्तु पूरा बिगड़ गया था। कोरोना तो चला गया लेकिन सबके विरोध के बाद भी यह व्यवस्था बनी रही जो कि अनावश्यक थी, नियम विरुद्ध थी, परंपराओं का हनन कर रही थी तो मैंने अपने हाथ से ही वह व्यवस्था हटा ली। हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि भारत पर कोरोना का संकट ना आए। यदि कभी ऐसा हुआ तो फिर से पुरातत्व विभाग अपनी व्यवस्था को मान्यताओं से खिलवाड़ किए बगैर बहाल कर ले। कोरोना भारत की ओर नहीं झांकेगा ऐसा मुझे विश्वास है।
