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Kuno National Park: कूनो से आई अच्छी खबर, आशा ने किया चीतल का शिकार, फिलहाल नर चीतों से दूर रहेंगी मादा
Wed, 30 Nov 2022 10:59 AM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्योपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्योपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 30 Nov 2022 10:59 AM IST
सार
कूनो नेशनल पार्क से अच्छी खबर आई है। आशा चीता ने भी पहला शिकार कर लिया है। अन्य मादा चीता भी जल्द ही शिकार कर सकती हैं। यह प्रोजेक्ट के लिए काफी अहम माना जा रहा है।
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बड़े बाड़े में छोड़े जाने के बाद मादा चीता आशा ने भी चीतल का शिकार किया है। (प्रतीकात्मक चित्र)
- फोटो : फाइल फोटो
कूनो नेशनल पार्क में सभी आठ चीतों को बड़े बाड़ों में छोड़ दिया गया है। नर चीतों के बाद अब मादा चीता आशा ने भी चीतल का शिकार किया है। यह प्रोजेक्ट चीता के लिए अहम है। इससे साफ होता है कि चीते कूनो के माहौल में अच्छे से ढल रहे हैं। अन्य मादा चीता अलग-अलग शिकार की कोशिशें कर रही हैं। वन विभाग के अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही वह अपना पहला शिकार कर लेंगी।
सभी आठों चीतों को बड़े बाड़े में छोड़ दिया गया है।
- फोटो : Social Media
चार साल की आशा ने किया पहला शिकार
चार साल की मादा चीता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आशा नाम दिया था। मंगलवार सुबह छह बजे मॉनिटरिंग के लिए गई टीम को बाड़ा नंबर सात में चीतल के अवशेष मिले हैं। रविवार को इसी बाड़े में आशा और तिबलिसी को छोड़ा गया था। यह शिकार आशा ने किया है। तब्लिसी अब तक शिकार नहीं कर सकी है। वन विभाग के अफसरों का दावा है कि आशा का शिकार करते अन्य मादाओं ने देखा है। इससे उन्हें भी शिकार की प्रेरणा मिलेगी।
फिलहाल अलग-अलग रहेंगे नर और मादा
सोमवार को तीन मादा चीतों को बाड़ा नंबर पांच में छोड़ा गया था। 120 हैक्टेयर के इस बाड़े में तीनों अलग-अलग रह रही हैं। तीनों मादा चीते स्वस्थ नजर आ रही हैं। फिलहाल तीनों अलग-अलग हो गई हैं और अपने क्षेत्र बना रही हैं। इनके व्यवहार में बदलाव संभव है। खास बात यह है कि इन पांचों मादा चीतों को फिलहाल नर चीतों से अलग रखा गया है। फरवरी में इन्हें खुले जंगल में छोड़ा जाएगा, तब मादा और नर चीते साथ आ सकते हैं। यह पूरी तरह से प्राकृतिक माहौल में हो, इसका खास ध्यान रखा जा रहा है।
चार साल की मादा चीता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आशा नाम दिया था। मंगलवार सुबह छह बजे मॉनिटरिंग के लिए गई टीम को बाड़ा नंबर सात में चीतल के अवशेष मिले हैं। रविवार को इसी बाड़े में आशा और तिबलिसी को छोड़ा गया था। यह शिकार आशा ने किया है। तब्लिसी अब तक शिकार नहीं कर सकी है। वन विभाग के अफसरों का दावा है कि आशा का शिकार करते अन्य मादाओं ने देखा है। इससे उन्हें भी शिकार की प्रेरणा मिलेगी।
फिलहाल अलग-अलग रहेंगे नर और मादा
सोमवार को तीन मादा चीतों को बाड़ा नंबर पांच में छोड़ा गया था। 120 हैक्टेयर के इस बाड़े में तीनों अलग-अलग रह रही हैं। तीनों मादा चीते स्वस्थ नजर आ रही हैं। फिलहाल तीनों अलग-अलग हो गई हैं और अपने क्षेत्र बना रही हैं। इनके व्यवहार में बदलाव संभव है। खास बात यह है कि इन पांचों मादा चीतों को फिलहाल नर चीतों से अलग रखा गया है। फरवरी में इन्हें खुले जंगल में छोड़ा जाएगा, तब मादा और नर चीते साथ आ सकते हैं। यह पूरी तरह से प्राकृतिक माहौल में हो, इसका खास ध्यान रखा जा रहा है।
सभी नामीबिया चीतों को बड़े बाड़े में शिफ्ट कर दिया गया है।
- फोटो : सोशल मीडिया
दिन में चार बार मिलेगी चीतों की लोकेशन
बड़े बाड़े में छोड़े गए चीतों को कॉलर आईडी पहनाए गए हैं, जिससे दिन में चार बार उनकी लोकेशन ली जाएगी। सैटेलाइट मैपिंग की जा रही है। इससे मदद की जरूरत के अनुसार चीतों के पास टीम पहुंच सकेगी। जिन बाड़ों में चीतों को छोड़ा गया है, वहां जंगली सुअर, नीलगाय और चीतल समेत अन्य जानवर हैं। तीन-चार महीने यहां बिताने के बाद उन्हें खुले जंगल में छोड़ा जाएगा।
चीतों की सुरक्षा के लिए तेंदुओं को बाहर निकाला
कूनो नेशनल पार्क में जो बड़े बाड़े बनाए गए हैं, उनमें छह तेंदुएं आ गए थे। चीतों को तेंदुओं से खतरा हो सकता था, इस वजह से उन्हें बाहर निकालने में वन विभाग को सफलता मिली है। रविवार रात को बड़े बाड़े में फंसा एक तेंदुआ भी बाहर कर दिया गया। यह सकारात्मक है। इससे चीतों पर मंडराता खतरा फिलहाल टल गया है। फरवरी के बाद इन चीतों को खुले जंगल में छोड़ा जाएगा, तब तक चीते तेंदुओं के साथ रहने के अभ्यस्त हो जाएंगे।
बड़े बाड़े में छोड़े गए चीतों को कॉलर आईडी पहनाए गए हैं, जिससे दिन में चार बार उनकी लोकेशन ली जाएगी। सैटेलाइट मैपिंग की जा रही है। इससे मदद की जरूरत के अनुसार चीतों के पास टीम पहुंच सकेगी। जिन बाड़ों में चीतों को छोड़ा गया है, वहां जंगली सुअर, नीलगाय और चीतल समेत अन्य जानवर हैं। तीन-चार महीने यहां बिताने के बाद उन्हें खुले जंगल में छोड़ा जाएगा।
चीतों की सुरक्षा के लिए तेंदुओं को बाहर निकाला
कूनो नेशनल पार्क में जो बड़े बाड़े बनाए गए हैं, उनमें छह तेंदुएं आ गए थे। चीतों को तेंदुओं से खतरा हो सकता था, इस वजह से उन्हें बाहर निकालने में वन विभाग को सफलता मिली है। रविवार रात को बड़े बाड़े में फंसा एक तेंदुआ भी बाहर कर दिया गया। यह सकारात्मक है। इससे चीतों पर मंडराता खतरा फिलहाल टल गया है। फरवरी के बाद इन चीतों को खुले जंगल में छोड़ा जाएगा, तब तक चीते तेंदुओं के साथ रहने के अभ्यस्त हो जाएंगे।
