लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Sehore Pride Day: सीएम ने की शहीदों को किया याद, कहा- शहीद स्थल पर भव्य स्मारक बनाएंगे

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: दिनेश शर्मा Updated Wed, 30 Nov 2022 07:56 AM IST
सीएम शिवराज सैकड़ाखेड़ी स्थित शहीद स्थल पहुंचे।
1 of 3
विज्ञापन
मध्य प्रदेश के सीहोर नगर का गौरव दिवस धूमधाम से मनाया गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी यहां पहुंचे। उन्होंने यहां के शहीदों को नमन किया और यहां भव्य शहीद स्मारक बनाने की घोषणा की। 

सीएम शिवराज ने कहा कि 14 जनवरी 1858 को सीहोर में स्वतंत्रता के प्रथम संग्राम में 356 क्रांतिकारियों ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। इस स्थान पर हम भव्य स्मारक बनाएंगे। सीहोर का यह स्थल हम सबके लिए पवित्र स्थान है। यह स्थान हमें उन वीरों की वीर गाथा याद दिलाता है, जिन्होंने हमारे देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने में जरा भी संकोच नहीं किया। 
 
सीएम ने भव्य शहीद स्मारक बनाने की घोषणा की।
2 of 3
बता दें कि अंग्रेजी शासन के खिलाफ मध्य भारत में चल रहे विद्रोह में सीहोर की घटना को जलियांवालाबाग हत्याकांड की तरह देखा जाता है। दस मई 1857 को मेरठ की क्रांति से पहले ही सीहोर में क्रांति की ज्वाला सुलग गई थी। मेवाड़, उत्तर भारत से होती हुई क्रांतिकारी चपातियां 13 जून 1857 को सीहोर और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच गई थी। चौदह जनवरी 1858 को अंग्रेजों से बगावत करने वाले 356 क्रांतिकारियों को जनरल ह्यूरोज के आदेश पर सीवन नदी के किनारे सैकड़ाखेड़ी स्थित चांदमारी मैदान में गोलियों से भून दिया गया था। उन वीर क्रांतियों के स्मृति में सैकड़ाखेड़ी रोड के पास चांदमारी मैदान पर शहीद स्मारक बनाया गया है।
 
विज्ञापन
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सीहोर का यह स्थल हम सबके लिए पवित्र स्थान है।
3 of 3
कुंवर चैनसिंह की समाधि पर भी पहुंचे सीएम
मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने सीहोर के इंदौर नाका स्थित स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम योद्धा अमर शहीद कुंवर चैनसिंह की समाधि पर पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। चौहान ने कहा कि हमारे देश के साथ-साथ प्रदेश के लिए गौरव की बात है कि भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 के पहले सीहोर जिले में सन् 1824 में आजादी की एक मशाल जल उठी थी। इस मशाल का ज्वालामुखी रूप सन 1857 प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के रूप में पहचाना जाता है। कुंवर चैन सिंह ने अतुलनीय साहस का परिचय देते हुए अपने 41 सैनिकों के साथ आजादी के लिए हजारों अंग्रेजो से लड़ते हुए स्वयं को शहीद कर दिया। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री चौहान के साथ उनके बेटे कार्तिकेय चौहान, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, विदिशा सांसद रमाकांत भार्गव, भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, विधायक सुदेश राय, आष्टा विधायक रघुनाथ मालवीय, जिला भाजपा अध्यक्ष  रवि मालवीय, जिला पंचायत अध्यक्ष गोपाल सिंह इंजीनियर, नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने भी शहीद कुंवर चैनसिंह को पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया।
 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Election
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00