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Ganesh Utsav 2022: जबलपुर में कैदियों ने बनाए इको फ्रेंडली गणेश, प्रतिमा विसर्जन के बाद मिट्टी से उगेगी तुलसी
Tue, 30 Aug 2022 11:04 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Tue, 30 Aug 2022 11:04 PM IST
सार
Ganesh Utsav 2022: जबलपुर में कैदियों ने बनाई इको फ्रेंडली गणेश, प्रतिमा विसर्जन के बाद मिट्टी से उगेगी तुलसी
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गणेश प्रतिमाओं से सजे बाजार
- फोटो : अमर उजाला
देशभर में गणेश उत्सव की तैयारियों जोरों पर हैं। मध्यप्रदेश के कई शहरों में गणेश प्रतिमाओं के बाजार सज गए हैं। वहीं पंडालों में भी अंतिम तैयारियों का दौर जारी है। कोरोना महामारी के सारे प्रतिबंध खत्म होने के दो साल बाद इस साल लोग भारी उत्साह के साथ गणेश उत्सव मनाने की तैयारी कर रहे हैं। पर्यावरण को नुकसान न हो इसलिए जिला प्रशासन ने लोगों से इको फ्रेंडली गणेश प्रतिमाएं स्थापित करने की अपील की है। जबलपुर में केंद्रीय जेल के कैदी और कई संगठनों के लोग मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं का निर्माण कर समाज को इको फ्रेंडली प्रतिमाएं स्थापित करने की अपील कर रहे हैं। वहीं कुछ लोगों ने ऐसी प्रतिमाओं का निर्माण किया है जिनके विसर्जन के बाद बचने वाली मिट्टी से तुलसी का पौधा निकलेगा।
केंद्रीय जेल के कैदियों ने बनाई इको फ्रेंडली प्रतिमाएं
- फोटो : अमर उजाला
पांच साल से कैदी बना रहे गणेश प्रतिमाएं
जबलपुर के केंद्रीय जेल में बंद कैदी बीते पांच साल से हर साल गणेश प्रतिमाओं का निर्माण कर आ हैं। इस साल भी बंदियों द्वारा इको फ्रेंडली गणेश प्रतिमाओं का निर्माण किया गया है। मिट्टी और बिना केमिकल युक्त रंगों से बनी इन प्रतिमाओं को लोग घरों में स्थापित करने के बाद घर पर ही बाल्टी और टब में विसर्जित कर सकते हैं। जेल में कैदियों ने मिट्टी, वाटर कलर, गोबर और तुलसी के बीज से गणेश प्रतिमाओं का निर्माण किया है। प्रतिमा में तुलसी के बीज होने की वजह से इसके विसर्जन के बाद बची मिट्टी से तुलसी का पौधा उगेगा। कैदियों द्वारा बनाई गई प्रतिमाओं को हर साल आम लोगों की मदद से स्टॉल्स में बेचने के लिए रखा जाता है। कैदी पूरे उत्साह के साथ हर साल इन गणेश प्रतिमाओं का निर्माण करते हैं।
जबलपुर के केंद्रीय जेल में बंद कैदी बीते पांच साल से हर साल गणेश प्रतिमाओं का निर्माण कर आ हैं। इस साल भी बंदियों द्वारा इको फ्रेंडली गणेश प्रतिमाओं का निर्माण किया गया है। मिट्टी और बिना केमिकल युक्त रंगों से बनी इन प्रतिमाओं को लोग घरों में स्थापित करने के बाद घर पर ही बाल्टी और टब में विसर्जित कर सकते हैं। जेल में कैदियों ने मिट्टी, वाटर कलर, गोबर और तुलसी के बीज से गणेश प्रतिमाओं का निर्माण किया है। प्रतिमा में तुलसी के बीज होने की वजह से इसके विसर्जन के बाद बची मिट्टी से तुलसी का पौधा उगेगा। कैदियों द्वारा बनाई गई प्रतिमाओं को हर साल आम लोगों की मदद से स्टॉल्स में बेचने के लिए रखा जाता है। कैदी पूरे उत्साह के साथ हर साल इन गणेश प्रतिमाओं का निर्माण करते हैं।
स्वस्थम जयते फाउंडेशन के सदस्यों ने बनाई भगवान गणेश की अनोखी प्रतिमा
- फोटो : अमर उजाला
स्वस्थम जयते फाउंडेशन ने तैयार की अनोखी प्रतिमा
जबलपुर के स्वस्थम जयते फाउंडेशन के सदस्यों ने भगवान गणेश की अनोखी प्रतिमा बनाई है। बिना किसी केमिकल और पीओपी के तैयार की गई इस प्रतिमा के विसर्जिन के बाद प्रतिमा से तुलसी का पौधा बनेगा, जिसकी लोग बाद में भी अपने घरों में पूजा कर सकेंगे। इको फ्रेंडली गणेश प्रतिमाओं का निर्माण तुलसी के बीच के साथ नेचुरल कलर और मिट्टी से किया गया है। यह प्रकृति केंद्रित गणेश प्रतिमा है जो फाउंडेशन द्वारा नि:शुल्क लोगों को वितरित की जा रहा है। फाउंडेशन के सदस्य लोगों से आग्रह कर रहे हैं कि वह 10 दिनों तक भगवान गणेश की पूजा करें और उसके बाद गमले में इस प्रतिमा का विसर्जन करें, जिससे विसर्जन के बाद भगवान गणेश तुलसी के पौधे के रूप में सजीव रहेंगे। अनोखी प्रतिमा फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ शोभना बिलैया और उनके परिवार और फाउंडेशन के सहयोग से तैयार की गई है। इको फ्रेंडली गणेश प्रतिमा को विसर्जित करने के लिए किसी घाट या कुंड पर जाने की जरूरत नहीं होगी।
जबलपुर के स्वस्थम जयते फाउंडेशन के सदस्यों ने भगवान गणेश की अनोखी प्रतिमा बनाई है। बिना किसी केमिकल और पीओपी के तैयार की गई इस प्रतिमा के विसर्जिन के बाद प्रतिमा से तुलसी का पौधा बनेगा, जिसकी लोग बाद में भी अपने घरों में पूजा कर सकेंगे। इको फ्रेंडली गणेश प्रतिमाओं का निर्माण तुलसी के बीच के साथ नेचुरल कलर और मिट्टी से किया गया है। यह प्रकृति केंद्रित गणेश प्रतिमा है जो फाउंडेशन द्वारा नि:शुल्क लोगों को वितरित की जा रहा है। फाउंडेशन के सदस्य लोगों से आग्रह कर रहे हैं कि वह 10 दिनों तक भगवान गणेश की पूजा करें और उसके बाद गमले में इस प्रतिमा का विसर्जन करें, जिससे विसर्जन के बाद भगवान गणेश तुलसी के पौधे के रूप में सजीव रहेंगे। अनोखी प्रतिमा फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ शोभना बिलैया और उनके परिवार और फाउंडेशन के सहयोग से तैयार की गई है। इको फ्रेंडली गणेश प्रतिमा को विसर्जित करने के लिए किसी घाट या कुंड पर जाने की जरूरत नहीं होगी।
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चित्रांगदा अग्रवाल ने बनाएं मिट्टी के गणेश
- फोटो : अमर उजाला
मिट्टी की प्रतिमा बनाकर दिया संदेश
जबलपुर के हनुमानताल निवासी चित्रांगदा अग्रवाल करीब 15 वर्षों से घर पर ही गणेश जी की मूर्ति का मिट्टी से निर्माण कर लोगों को गणपति बनाने की प्रेरणा दे रही हैं। अपने हुनर के चलते उन्हें समाज में एक नई पहचान भी मिली है। चित्रागंदा लोगों से अपील करती हैं कि वे घरों में मिट्टी से बनी प्रतिमा की स्थापना करें और प्रकृति संरक्षण में योगदान दें।
जबलपुर के हनुमानताल निवासी चित्रांगदा अग्रवाल करीब 15 वर्षों से घर पर ही गणेश जी की मूर्ति का मिट्टी से निर्माण कर लोगों को गणपति बनाने की प्रेरणा दे रही हैं। अपने हुनर के चलते उन्हें समाज में एक नई पहचान भी मिली है। चित्रागंदा लोगों से अपील करती हैं कि वे घरों में मिट्टी से बनी प्रतिमा की स्थापना करें और प्रकृति संरक्षण में योगदान दें।
