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सावन सोमवार विशेष: सदियों पुराने हैं कनकेश्वर और चंद्रशेखर महादेव मंदिर, दोनों जूनी इंदौर क्षेत्र में

Mon, 28 Jul 2025 07:19 PM IST
Kamlesh Sen कमलेश सेन
Updated Mon, 28 Jul 2025 07:19 PM IST
सार

Sawan Somwar: जूनी इंदौर में नदियों के किनारे पुरानी छत्रियां और मंदिर अब भी देखने को मिल जाते हैं। इस क्षेत्र में दो शिव मंदिर बहुत ही प्राचीन होने का प्रमाण उपलब्ध है। कनकेश्वर और चंद्रशेखर महादेव नाम के दो शिवालय प्राचीन हैं।

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Sawan Somwar: Kanakeshwar and Chandreshwar Mahadev Temples in Juni Indore News in Hindi
श्री कन्केश्वर महादेव मंदिर - फोटो : अमर उजाला

इंदौर शहर के प्राचीन क्षेत्र में इंद्रेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना के बाद से यह इलाका जूनी इंदौर के नाम से जाना जाता है। जबकि राजबाड़ा के आसपास जो बसाहट हुई, वह इंदौर कहलाती है। प्राचीन बस्ती होने के कारण पुराने शहर को जूनी इंदौर नाम से संबोधित किया जाता है। इसी क्षेत्र में कान्ह और सरस्वती नदी का बहाव रहा है। चूंकि नदियों के किनारे मंदिरों के निर्माण की हमारी प्राचीन परंपरा है। इसलिए जूनी इंदौर में नदियों के किनारे पुरानी छत्रियां और मंदिर अब भी देखने को मिल जाते हैं। इस क्षेत्र में दो शिव मंदिर बहुत ही प्राचीन होने का प्रमाण उपलब्ध है। कनकेश्वर और चंद्रशेखर महादेव नाम के दो शिवालय प्राचीन हैं।


 

Sawan Somwar: Kanakeshwar and Chandreshwar Mahadev Temples in Juni Indore News in Hindi
सावन सोमवार - फोटो : अमर उजाला

मराठा काल से पहले का है कनकेश्वर महादेव मंदिर
जूनी इंदौर का मालीपुरा क्षेत्र, बाग-बगीचों में कार्य करने वाले माली समाज के लोगों की बस्ती थी। मालीपुरा में मुख्य मार्ग पर ही कनकेश्वर महादेव मंदिर अति प्राचीन है। यह मंदिर उत्तर मुखी है। इस मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश का मार्ग अन्य मंदिरों से अलग है। यह एक छोटी सी गुफा से होकर जाता है। मंदिर में शिवलिंग गर्भ गृह में है। चूंकि मराठा शैली के शिव मंदिरों में गर्भगृह का प्रचलन नहीं था, इसलिए ऐसा प्रतीत होता है कि यह मंदिर मराठा काल से भी पहले का होकर अति प्राचीन है। आरंभ के दिनों में मंदिर गर्भगृह में था बाद में जीर्णोद्धार कर इसका भराव कर दिया गया।

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Sawan Somwar: Kanakeshwar and Chandreshwar Mahadev Temples in Juni Indore News in Hindi
सावन सोमवार - फोटो : अमर उजाला

मल्हारराव ने दी पुजारी को दी थी जमीन
1829 में इंदौर के मराठा शासक मल्हारराव द्वितीय ने इस मंदिर के महंत को पूजा अर्चना आदि कार्य के लिए 15 बीघा भूमि प्रदान की थी। मंदिर में नंदी विराजित है। मंदिर का गुंबज छोटा और अलग आकार का है। इस मंदिर का पांडाल पत्थरों से निर्मित है। मंदिर में नियमित पूजा होती है। यह मंदिर 200 वर्षों से अधिक पुराना है।
 

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Sawan Somwar: Kanakeshwar and Chandreshwar Mahadev Temples in Juni Indore News in Hindi
सावन सोमवार - फोटो : अमर उजाला

18वीं सदी का है चंद्रशेखर या चंद्रेश्वर महादेव मंदिर
इंदौर नगर के इतिहास की पुस्तकों में इस मंदिर का उल्लेख मिलता है। यह भी जूनी इंदौर क्षेत्र में होने का जिक्र है, लेकिन वास्तविक स्थान का उल्लेख नहीं मिला। काफी खोजबीन के बाद जूनी इंदौर में रावजी बाजार में वर्तमान में पुलिस थाने के पीछे यह शिवालय होने के प्रमाण मिले। इस मंदिर के चारों ओर अतिक्रमण है और मंदिर का रास्ता भी संकीर्ण है। यह मंदिर 18वीं शताब्दी में निर्मित है।
 

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सावन सोमवार - फोटो : अमर उजाला

चंद्र कमजोर हो तो करें यहां जलाभिषेक
मंदिर के पुजारी इसे चंद्रेश्वर महादेव के नाम से संबोधित करते हैं। कहा जाता है कि ज्योतिष के अनुसार किसी व्यक्ति की कुंडली में उसका चंद्र कमजोर हो तो इस शिवलिंग पर जलाभिषेक करना शुभ रहता है। यह छोटा शिव मंदिर है। गर्भगृह में जलधारी पीतल की धातु से निर्मित है। मंदिर के समक्ष नंदी विराजित हैं। मंदिर का आवरण त्रिभुजाकार है। मंदिर का शिखर नहीं था वह बाद में निर्मित किया गया। मंदिर के सामने एक प्राचीन बावड़ी भी है। यह मंदिर करीब 250 से 300 वर्ष प्राचीन होना प्रतीत होता है। यह मंदिर मराठाकालीन है।

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जीर्णोद्धार की है दरकार
जूनी इंदौर क्षेत्र के प्राचीन शिवालय में सावन सोमवार को विशेष आयोजन होते हैं और भक्तों की भीड़ रहती है। आम लोगों को इन मंदिरों की जानकारी का अभाव होने से यहां आसपास के रहने वाले लोग ही आया करते हैं। पुरातत्व विभाग को इन मंदिरों का भी जीर्णोद्धार करवा कर इन्हें इंदौर के दर्शनीय स्थलों में शुमार करना चाहिए।

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