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Indore News: इंदौर के इन पर्यटक स्थलों पर प्रतिबंध, कलेक्टर ने जारी किए आदेश, गए तो केस दर्ज होगा
Fri, 20 Jun 2025 08:27 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Fri, 20 Jun 2025 08:27 PM IST
सार
Indore News: प्रशासन ने पर्यटन स्थलों पर इन स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए ग्राम रक्षा समिति और पुलिस प्रशासन को सक्रिय किया है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे आदेशों का पालन करें और जोखिम से बचें। गए तो केस दर्ज होगा।
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पातालपानी में झरना बह निकला है। - फोटो जयेश मालवीय
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
मानसून के मौसम के साथ ही इंदौर और इसके आसपास के क्षेत्रीय पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की भीड़ बढ़ने लगी है। तिंछा फॉल, पातालपानी, सीतलामाता फॉल, कजलीगढ़, मोहाड़ी फॉल और हत्यारी खो जैसे 100 से अधिक पर्यटन स्थल पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। खासकर वीकेंड पर यह स्थल सैकड़ों पर्यटकों से भरे रहते हैं, जो इन स्थानों की हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने आते हैं लेकिन इन खूबसूरत स्थलों के साथ एक खतरनाक पहलू भी जुड़ा हुआ है, यानी इन स्थलों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजामों की कमी। इसी के मद्देनजर आज कलेक्टर आशीष सिंह ने कई पर्यटक स्थलों पर जाने का प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध तिंछा फॉल, चोरल फॉल, चोरल डेम, सीतलामाता फॉल, कजलीगढ़, मेहंदी कुण्ड, जामन्या कुण्ड, मोहाडी फॉल, रतबी वॉटरफॉल, लोहिया कुण्ड, जूनापानी, चिड़िया भड़क, बामनिया कुण्ड, जोगी भड़क, हत्यारी खो आदि जैसे जलप्रपातों एवं एकांत पर्यटन स्थलों पर लागू होगा। यदि कोई गया तो उस पर केस दर्ज किया जाएगा।
तिंछा फॉल में खतरनाक रास्ते
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
सुरक्षा की स्थिति चिंताजनक, पिछले एक साल में 15 दुर्घटनाएं
पिछले एक साल में इन पर्यटन स्थलों पर 15 से अधिक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कुछ लोगों की जान भी चली गई। बावजूद इसके, सुरक्षा इंतजामों में कोई विशेष बदलाव नजर नहीं आ रहे हैं। कई प्रमुख स्थानों पर फेंसिंग और बैरिकेडिंग तक नहीं की गई है, जबकि प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए पिछले साल गाइडलाइन जारी की थी। इन स्थानों पर दुर्घटनाओं के संकेतक बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं। हाल ही में डबलचौकी क्षेत्र में हुए दो डूबने के हादसों में दो लोगों की मौत हो गई थी।
पिछले एक साल में इन पर्यटन स्थलों पर 15 से अधिक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कुछ लोगों की जान भी चली गई। बावजूद इसके, सुरक्षा इंतजामों में कोई विशेष बदलाव नजर नहीं आ रहे हैं। कई प्रमुख स्थानों पर फेंसिंग और बैरिकेडिंग तक नहीं की गई है, जबकि प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए पिछले साल गाइडलाइन जारी की थी। इन स्थानों पर दुर्घटनाओं के संकेतक बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं। हाल ही में डबलचौकी क्षेत्र में हुए दो डूबने के हादसों में दो लोगों की मौत हो गई थी।
चोरल में नदी पूरे उफान पर
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
पुलिस प्रशासन ने लिया सख्त कदम
इंदौर के डीआईजी ग्रामीण निमिष अग्रवाल ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के खतरनाक पिकनिक स्थलों पर पुलिस बल की तैनाती करें। खासकर वीकेंड पर इन स्थानों की निगरानी जरूरी कर दी गई है। इसके अलावा, ग्राम रक्षा समिति को भी इस कार्य में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं। ग्राम रक्षा समिति के 100 से अधिक सदस्य स्थानीय इलाकों की जानकारी रखते हुए सुरक्षा में मदद करेंगे।
इंदौर के डीआईजी ग्रामीण निमिष अग्रवाल ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के खतरनाक पिकनिक स्थलों पर पुलिस बल की तैनाती करें। खासकर वीकेंड पर इन स्थानों की निगरानी जरूरी कर दी गई है। इसके अलावा, ग्राम रक्षा समिति को भी इस कार्य में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं। ग्राम रक्षा समिति के 100 से अधिक सदस्य स्थानीय इलाकों की जानकारी रखते हुए सुरक्षा में मदद करेंगे।
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तिंछा फॉल का झरना भी बह निकला है।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
पहले भी हो चुके हैं कई बड़े हादसे
इंदौर के प्रमुख पिकनिक स्थलों जैसे पातालपानी और तिंछा फॉल पर कई हादसे हो चुके हैं। 2021 में तिंछा फॉल पर फिसलने से तीन युवकों की मौत हो गई थी। पातालपानी जैसे प्रसिद्ध जलप्रपातों में जलस्तर बढ़ने और फिसलन के कारण कई बार हादसे हो चुके हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने पहले चेतावनी बोर्ड, रस्सियों और बैरिकेड्स लगाए थे, लेकिन पर्यटकों द्वारा इन सुरक्षा उपायों की अनदेखी की जाती है।
इंदौर के प्रमुख पिकनिक स्थलों जैसे पातालपानी और तिंछा फॉल पर कई हादसे हो चुके हैं। 2021 में तिंछा फॉल पर फिसलने से तीन युवकों की मौत हो गई थी। पातालपानी जैसे प्रसिद्ध जलप्रपातों में जलस्तर बढ़ने और फिसलन के कारण कई बार हादसे हो चुके हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने पहले चेतावनी बोर्ड, रस्सियों और बैरिकेड्स लगाए थे, लेकिन पर्यटकों द्वारा इन सुरक्षा उपायों की अनदेखी की जाती है।
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तिंछा फॉल पर खतरनाक रास्ते
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
प्रशासन की अपील
इंदौर पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें और चेतावनी बोर्ड और बैरिकेड्स का पालन करें। खासतौर पर युवा वर्ग से आग्रह किया गया है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल कंटेंट बनाने के चक्कर में खतरनाक हरकतें न करें। डीआईजी निमिष अग्रवाल ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति चेतावनी के बावजूद खतरनाक क्षेत्र में प्रवेश करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सेल्फी और स्टंट से बढ़ रहे हादसे
हाल ही में मोहाड़ी फॉल पर तीन युवकों ने सेल्फी लेने के चक्कर में 300 फीट गहरी खाई में उतरने का प्रयास किया और रास्ता भटक गए। मोबाइल नेटवर्क न होने के कारण वे किसी से सहायता भी नहीं ले पाए। बाद में पुलिस और परिजनों ने उन्हें ढूंढकर सुरक्षित बाहर निकाला। ऐसे घटनाएं दर्शाती हैं कि पर्यटन स्थलों पर सेल्फी और स्टंट की वजह से हादसे बढ़ रहे हैं।
इंदौर के पर्यटन स्थलों पर प्रतिबंध, कोई गया तो पुलिस केस होगा
कलेक्टर आशीष सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम 2023 की धारा 163 (1) (2) के अंतर्गत जन स्वास्थ्य एवं लोक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से कई पर्यटन स्थलों पर आमजन के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया है। यह प्रतिबंध तिंछा फॉल, चोरल फॉल, चोरल डेम, सीतलामाता फॉल, कजलीगढ़, मेहंदी कुण्ड, जामन्या कुण्ड, मोहाडी फॉल, रतबी वॉटरफॉल, लोहिया कुण्ड, जूनापानी, चिड़िया भड़क, बामनिया कुण्ड, जोगी भड़क, हत्यारी खो आदि जैसे जलप्रपातों एवं एकांत पर्यटन स्थलों पर लागू होगा। सिंह ने निर्देशित किया है कि संबंधित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी उक्त स्थलों पर सूचना बोर्ड लगाएं एवं जहाँ आवश्यक हो वहाँ भौतिक सीमाएं भी निर्धारित करें। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि संबंधित थाना प्रभारियों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराना होगा। यदि कोई व्यक्ति इस प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करता है तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत अपराधिक प्रकरण दर्ज कर अभियोजन की कार्रवाई की जाएगी। यह प्रतिबंध ड्यूटी पर नियुक्त पुलिस, प्रशासनिक व सुरक्षा कर्मियों पर लागू नहीं होगा तथा यह अन्य सभी लागू नियमों के अतिरिक्त प्रभावशील रहेगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
इंदौर पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें और चेतावनी बोर्ड और बैरिकेड्स का पालन करें। खासतौर पर युवा वर्ग से आग्रह किया गया है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल कंटेंट बनाने के चक्कर में खतरनाक हरकतें न करें। डीआईजी निमिष अग्रवाल ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति चेतावनी के बावजूद खतरनाक क्षेत्र में प्रवेश करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सेल्फी और स्टंट से बढ़ रहे हादसे
हाल ही में मोहाड़ी फॉल पर तीन युवकों ने सेल्फी लेने के चक्कर में 300 फीट गहरी खाई में उतरने का प्रयास किया और रास्ता भटक गए। मोबाइल नेटवर्क न होने के कारण वे किसी से सहायता भी नहीं ले पाए। बाद में पुलिस और परिजनों ने उन्हें ढूंढकर सुरक्षित बाहर निकाला। ऐसे घटनाएं दर्शाती हैं कि पर्यटन स्थलों पर सेल्फी और स्टंट की वजह से हादसे बढ़ रहे हैं।
इंदौर के पर्यटन स्थलों पर प्रतिबंध, कोई गया तो पुलिस केस होगा
कलेक्टर आशीष सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम 2023 की धारा 163 (1) (2) के अंतर्गत जन स्वास्थ्य एवं लोक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से कई पर्यटन स्थलों पर आमजन के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया है। यह प्रतिबंध तिंछा फॉल, चोरल फॉल, चोरल डेम, सीतलामाता फॉल, कजलीगढ़, मेहंदी कुण्ड, जामन्या कुण्ड, मोहाडी फॉल, रतबी वॉटरफॉल, लोहिया कुण्ड, जूनापानी, चिड़िया भड़क, बामनिया कुण्ड, जोगी भड़क, हत्यारी खो आदि जैसे जलप्रपातों एवं एकांत पर्यटन स्थलों पर लागू होगा। सिंह ने निर्देशित किया है कि संबंधित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी उक्त स्थलों पर सूचना बोर्ड लगाएं एवं जहाँ आवश्यक हो वहाँ भौतिक सीमाएं भी निर्धारित करें। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि संबंधित थाना प्रभारियों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराना होगा। यदि कोई व्यक्ति इस प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करता है तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत अपराधिक प्रकरण दर्ज कर अभियोजन की कार्रवाई की जाएगी। यह प्रतिबंध ड्यूटी पर नियुक्त पुलिस, प्रशासनिक व सुरक्षा कर्मियों पर लागू नहीं होगा तथा यह अन्य सभी लागू नियमों के अतिरिक्त प्रभावशील रहेगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
