केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मप्र क्रिकेट एसोसिएशन के कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां एमपीसीए की वार्षिक साधारण सभा और सालाना पुरस्कार वितरण समारोह हुआ। इंदौर में नए क्रिकेट मैदान के लिए बजट पारित हुआ। क्रिकेटरों का सम्मान भी किया गया। इस दौरान सिंधिया ने कहा कि यह पैसे कमाने की संस्था नहीं है। यह क्रिकेट की संस्था है। पैसे के पीछे न भागें।
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निष्काम कर्मयोगी सम्मान प्रदान करते हुए सिंधिया
- फोटो : सोशल मीडिया
दरअसल, होटल ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में हुए मप्र क्रिकेट संगठन (एमपीसीए) के कार्यक्रम में सिंधिया ने कहा कि विकास की राह पर आगे बढ़ते इंदौर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मप्र क्रिकेट संगठन को अब नए मैदान की जरुरत है। शहर में नया मैदान खरीदने के लिए 70 करोड़ रुपये का बजट पारित किया गया है। ग्वालियर में बनने जा रहे अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये का बजट भी पारित किया गया है। इसके लिए प्रारंभिक किश्त के रूप में करीब 70 करोड़ रुपये पारित भी कर दिए गए।
प्रदेश के क्रिकेटरों को प्रोत्साहित करते हुए 90 लाख रुपये के नकद पुरस्कार शनिवार को मप्र क्रिकेट संगठन ने वितरित किए। पूर्व क्रिकेटर 91 साल के वामनराव जगताप को निष्काम कर्मयोगी सम्मान दिया गया। उनकी उम्र को देखते हुए सम्मान देने सिंधिया खुद मंच से नीचे उतरे और उनके पास पहुंचकर उनका सम्मान किया। पूर्व क्रिकेटर राम अत्रे को भी निष्काम कर्मयोगी सम्मान दिया गया। दिलीप चुडगर और नरेंद्र दुआ को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार दिए गए।
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क्रिकेटर आवेश खान के परिजनों ने लिया पुरस्कार
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मप्र के खिलाड़ियों का किया सम्मान
भारतीय टीम में शामिल इंदौर के आवेश खान और वेंकटेश अय्यर के अलावा महिला विश्व कप खेल रहीं शहडोल की पूजा वस्त्रकार को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। तीनों ही खिलाड़ी कार्यक्रम में नहीं आ सके। आवेश के परिजन ने सम्मान लिया। इंदौर टीम को एमवाय मेमोरियल टूर्नामेंट में संयुक्त विजेता, हीरालाल गायकवाड टूर्नामेंट में सफल प्रदर्शन, बालिका अंडर-19 टूर्नामेंट में विजेता होने पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष अभिलाष खांडेकर, सचिव संजीव राव, सह सचिव सिद्धियानी पाटनी, बीसीसीआई प्रतिनिधि राजूसिंह चौहान सहित बड़ी संख्या में पूर्व व वर्तमान क्रिकेटर मौजूद थे।
सिंधिया ने कहा कि आवेश को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बनाने में परिवार ने भी बहुत त्याग किया है। ऐसे में इनके सम्मान में सभी खड़े होकर तालियां बजाएं। सम्मान समारोह से पहले हुई एजीएम में खेल विकास के लिए बजट आवंटित किया गया। सिंधिया ने तल्ख लहजे में कहा कि यह क्रिकेट की संस्था है, यहां पैसे के पीछे न भागें। यह नौकरी पाने का जरिया नहीं है। पूर्व प्रशासक स्व. डॉ. एमके भार्गव के कार्यकाल में एक लाख 96 हजार रुपये के गबन का विवाद था, जिसे अब राइटऑफ कर दिया गया है। करीब दो दशक की कानूनी लड़ाई के बाद निचली अदालत में एमपीसीए यह केस हार गया था।