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इंदौर: स्टार्टअप संचालकों व निवेशकों के सम्मेलन में बोले मंत्री सकलेचा-आत्मनिर्भर भारत व मप्र की दिशा में बड़ा कदम होगी स्टार्टअप पॉलिसी
Mon, 09 May 2022 05:17 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Mon, 09 May 2022 05:17 PM IST
सार
इंदौर में स्टार्टअप निवेशकों व संचालकों का सम्मेलन हुआ। मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा ने कहा कि स्टार्टअप की नई पॉलिसी आत्मनिर्भर भारत तथा आत्मनिर्भर मप्र की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी। यह स्टार्टअप के प्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर तैयार की गई है।
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संबोधित करते मंत्री ओपी सकलेचा
- फोटो : सोशल मीडिया
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा ने कहा है कि 13 मई को इंदौर में स्टार्टअप की नई पॉलिसी लांच की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से इसे लांच करेंगे। इस अवसर पर इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। सकलेचा ने कहा कि स्टार्टअप की नई पॉलिसी आत्मनिर्भर भारत तथा आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी। इस पॉलिसी में स्टार्टअप को आगे बढ़ाने के लिए अनेक प्रावधान किए गए हैं। यह पॉलिसी स्टार्टअप के प्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर तैयार की गई है।
संबोधित करते सांसद लालवानी
- फोटो : सोशल मीडिया
सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि स्टार्टअप के क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के संकल्पों को साकार रूप देने के लिए इंदौर में पुरजोर प्रयास किए जा रहे हैं। हमने गत 26 जनवरी को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की विशेष उपस्थिति में स्टार्टअप कार्यक्रम कर संकल्पों को साकार करने की शुरुआत की थी। अल्प समय में ही स्टार्टअप के सुझावों को आधार बनाकर नई स्टार्टअप पॉलिसी तैयार की गई है। पॉलिसी को अमली रूप देने के प्रयास भी शुरू कर दिए गए हैं। स्टार्टअप में हम अग्रणी भूमिका निभाने में आगे बढ़ रहे हैं। फंडिंग की दिशा में भी तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर को स्टार्टअप हब बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
संबोधित करते पी. नरहरि
- फोटो : सोशल मीडिया
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम आयुक्त पी.नरहरि ने कहा है कि इंदौर के लिए आज का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है। इंदौर में ही गत 26 जनवरी को स्टार्टअप से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संवाद किया था। इसके बाद स्टार्टअप को स्थापित करने के लिए तेजी से काम शुरू किए गए। ईको सिस्टम डेवलप किया जा रहा है। नई स्टार्टअप पॉलिसी बनाई गई है। पॉलिसी के प्रावधानों को अमले रूप देने के लिए तेज गति से कार्य किए जा रहे हैं। इंदौर में ईको सिस्टम डेवलप हो रहा है। इसे और अधिक गति देना है। इंदौर को देश का स्टार्टअप केपिटल बनाया जाएगा। इंदौर में असंभव को संभव करने की क्षमता है। इंदौर में विकास एवं प्रगति की अपार संभावनाएं है। यहां सकारात्मक वातावरण है। ईको सिस्टम बेहतर है। हर क्षेत्र में चहुंमुखी उन्नति हो रही है। संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श कर उनके सुझाव के आधार पर स्टार्टअप पॉलिसी तैयार की गई है। इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी लांच करेंगे। नई स्टार्टअप पॉलिसी में अनेक विशेषताएं है। उन्होंने मुख्य विशेषताओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इंदौर में स्टार्टअप का कार्यालय स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इंदौर ने जिस तरह से स्वच्छता के क्षेत्र में देश में अपनी पहचान बनाई, इसी तरह स्टार्टअप में भी हम इंदौर की नई विशेष पहचान बनाएंगे। स्टार्टअप को अनुदान, वेंचर कैपिटल फण्ड सहित अन्य वित्तीय और तकनीकी मदद भी दी जाएगी।
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संबोधित करते कलेक्टर मनीष सिंह
- फोटो : सोशल मीडिया
कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा है कि इंदौर में 26 जनवरी को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में पहला कार्यक्रम हुआ था। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्टार्टअप के प्रतिनिधि मौजूद थे। इसके बाद उनके सुझावों के आधार पर अल्प समय में राज्य शासन द्वारा नीति तैयार की गई है। उनकी जरुरतों एवं मांग का आंकलन किया गया। इसके आधार पर उन्हें हर तरह की मदद एवं सुविधाएं देने का निर्णय लिया गया है। नई पॉलिसी से स्टार्टअप को बड़ी मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि 13 मई को होने वाला कार्यक्रम स्टार्टअप के लिए बड़ा अवसर है। आज एक अलग तरह की दुनिया है। इस दुनिया में युवा नई सोच एवं नई उत्साह से कार्य कर रहे है। इन्हें एक प्लेटफॉर्म पर लाने की आवश्यकता है। स्टार्टअप एवं निवेशकों के मध्य आपसी संबंध स्थापित करवाए जा रहे हैं। स्टार्टअप के लिए इंदौर में बेहतर ईको सिस्टम है। आईटी कंपनियां इंदौर की ओर आकर्षित हो रही है। आईटी सेक्टर बढ़ने से स्टार्टअप को भी मदद मिलेगी। इंदौर में औद्योगिक निवेश का बेहतर वातावरण निर्मित हुआ है। स्वच्छता में नंबर वन आने से इंदौर की नई ब्रांडिंग हुई है। स्टार्टअप की सहूलियत के लिए भण्डार क्रय नियमों में संशोधन पर भी विचार किया जा रहा है।
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कार्यक्रम में उपस्थित स्टार्टअप संचालक व निवेशक
- फोटो : सोशल मीडिया
इकानॉमिक कॉरिडोर पर 22 एकड़ का स्टार्टअप हब बनाया जाएगा
डॉ. निशांत खरे ने संबोधित करते हुए कहा है कि स्टार्टअप को आगे बढ़ाने की दिशा में राज्य शासन द्वारा कारगर प्रयास किए जा रहे हैं। परिणाममूलक प्रयास हो रहे हैं। स्टार्टअप को स्थापित करने के लिये अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लेकर उन्हें कार्य रूप में अमल में लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि जो नए स्टार्टअप लगे हैं वह आगे बढ़े और जो आगे बढ़ गए हैं वह स्थापित हो। इसके लिए स्थानीय स्तर पर इको सिस्टम डेवलप किया जा रहा है। स्टार्टअप को निवेश उपलब्ध कराने की दिशा में भी निरंतर प्रयास हो रहे हैं। इकानॉमिक कॉरिडोर पर 22 एकड़ का स्टार्टअप हब बनाया जाएगा। स्टार्टअप को हर संभव मदद दी जाएगी। उन्हें तकनीकी, वित्तीय तथा मार्केटिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। हर क्षेत्र में स्टार्टअप डेवलप किए जाएंगे।
समन्वय स्थापित करवाया
कार्यक्रम के दौरान स्टार्टअप के संचालकों तथा निवेशकों के मध्य समन्वय स्थापित कराया गया। स्टार्टअप से चर्चा के दौरान अनेक निवेशकों ने निवेश करने की रूचि प्रदर्शित की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से 9 स्टार्टअप कंपनियों में निवेश के लिए 28 निवेशकों ने अपनी रूचि जाहिर की। कार्यक्रम में 9 स्टार्टअप के प्रतिनिधियों ने अपने इनोवेशन, इनोवेटिव की जानकारी दी।
डॉ. निशांत खरे ने संबोधित करते हुए कहा है कि स्टार्टअप को आगे बढ़ाने की दिशा में राज्य शासन द्वारा कारगर प्रयास किए जा रहे हैं। परिणाममूलक प्रयास हो रहे हैं। स्टार्टअप को स्थापित करने के लिये अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लेकर उन्हें कार्य रूप में अमल में लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि जो नए स्टार्टअप लगे हैं वह आगे बढ़े और जो आगे बढ़ गए हैं वह स्थापित हो। इसके लिए स्थानीय स्तर पर इको सिस्टम डेवलप किया जा रहा है। स्टार्टअप को निवेश उपलब्ध कराने की दिशा में भी निरंतर प्रयास हो रहे हैं। इकानॉमिक कॉरिडोर पर 22 एकड़ का स्टार्टअप हब बनाया जाएगा। स्टार्टअप को हर संभव मदद दी जाएगी। उन्हें तकनीकी, वित्तीय तथा मार्केटिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। हर क्षेत्र में स्टार्टअप डेवलप किए जाएंगे।
समन्वय स्थापित करवाया
कार्यक्रम के दौरान स्टार्टअप के संचालकों तथा निवेशकों के मध्य समन्वय स्थापित कराया गया। स्टार्टअप से चर्चा के दौरान अनेक निवेशकों ने निवेश करने की रूचि प्रदर्शित की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से 9 स्टार्टअप कंपनियों में निवेश के लिए 28 निवेशकों ने अपनी रूचि जाहिर की। कार्यक्रम में 9 स्टार्टअप के प्रतिनिधियों ने अपने इनोवेशन, इनोवेटिव की जानकारी दी।
