मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रविवार देर शाम को इंदौर पहुंचे। निजी यात्रा पर आए कमलनाथ अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हुए। हालांकि कमलनाथ की इस यात्रा के दौरान कांग्रेसियों ने अनुशासन नहीं रखा और आपस में ही लड़ने लगे। एसएएफ के जवान से भी उलझ गए।
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कांग्रेस नेता टंटू शर्मा के घर पहुंचे कमलनाथ
- फोटो : सोशल मीडिया
जानकारी के मुताबिक रविवार देर शाम को कमलनाथ इंदौर पहुंचे थे। शहर अध्यक्ष विनय बाकलीवाल की तबीयत खऱाब होने पर उनका हाल जानने उनके घर पहुंचे। कमलनाथ घर के अंदर गए ही थे कि बाहर कांग्रेसियों में विवाद हो गया। कुछ महिला नेत्रियों से भी धक्कामुक्की हुई। विनय बाकलीवाल के घर के बाहर 150 से 200 कांग्रेसी जुटे हुए थे, जिन्होंने जमकर शक्ति प्रदर्शन किया। बाकलीवाल से मुलाकात कर नाथ ने तबीयत के बारे में पूछा। उनकी माताजी और परिवार के अन्य लोगों से भी मिले। कमलनाथ के इस कार्यक्रम की रूपरेखा पहले ही तय हो गई थी। दो दिन पहले बाकलीवाल के घर बैठक भी हुई थी। इसमें तय किया था कि कमलनाथ के घर आने पर सिर्फ वे और बाकलीवाल ही कमरे में बैठ बात करेंगे। घर के बाहर व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी दूसरे नेताओं को दी गई। विवाद का कारण यही रहा कि जब कमलनाथ पहुंचे तो दूसरे नेता भी कमरे में जाने लगे, जिनको गार्ड ने रोक दिया। इस पर धक्कामुक्की हुई। एसएएफ के जवान से देवेंद्र यादव की धक्कामुक्की हुई। बताया गया कि देवेंद्र यादव के पास छड़ी थी जिसे जवान ने छीन लिया, जिसके चलते माहौल गर्माया। यादव ने कहा कि दुर्घटना में पैर में चोट आई थी जिसके बाद छड़ी का सहारा लेकर चलते हैं। इसे जवान ने छीन लिया।
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कांग्रेस नेता की जवान से हुई नोंकझोंक
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टंटू शर्मा के घर पहुंचकर व्यक्त की संवेदना
बाकलीवाल के घर से निकलकर कमलनाथ कांग्रेस नेता टंटू शर्मा के घर पहुंचे और पिताजी के निधन पर शोक व्यक्त किया। कमलनाथ ने कहा कि अभी कुछ महीनों पहले ही तो मैं तुम्हारे पिताजी को शादी की 50वीं सालगिरह की बधाई देने आया था और आज इस तरह आना पड़ा। उन्होंने टंटू के सिर पर हाथ रखते हुए और अपना पर्सनल मोबाइल नंबर देते हुए कहा कि जीवन में कभी भी पिताजी की कमी महसूस हो और कुछ जरूरत हो तो किसी भी समय मुझे फोन लगा लेना। बाद में वे कांग्रेस नेता पंकज संघवी के पुत्र के विवाह समारोह में शामिल हुए। मीडिया से चर्चा में कमलनाथ ने कहा कि हाल ही में जो घटनाएं हुई हैं, वे हमारे देश की संस्कृति के खिलाफ है क्योंकि हमारी संस्कृति जोड़ने की है। भाजपा समाज को बांटने का प्रयास कर रही है। मैंने अभी खरगोन आईजी से बात की है। उन्हें कहा है कि क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति व्यवस्था क़ायम हो। उन्होंने मुझे आश्वासन दिया है कि हम जल्द से जल्द शांति व्यवस्था बहाल करने के प्रयास कर रहे हैं। इस दौरान प्रमुख रूप से विधायक सज्जन सिंह वर्मा, विशाल पटेल, जिलाध्यक्ष सदाशिव यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष अर्चना जायसवाल, राजेश चौकसे, नरेंद्र सलूजा, शेख अलीम, अभय वर्मा और मोती सिंह पटेल आदि उपस्थित रहे।