शहडोल में अवैध खनन रोकने गए पटवारी की हत्या के मामले में पुलिस की कार्रवाई सवालों से घिर गई है। जिसे इस मामले में मुख्य आरोपी बनाया गया है, उसके परिजनों ने आरोप लगाया कि वह तो एक हजार रुपये के लालच में ट्रैक्टर थाने पहुंचाने गया था। पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए उसे ही मुख्य आरोपी बना दिया और जांच बंद कर दी। अब एसपी कुमार प्रतीक ने नए सिरे से जांच की बात कही है।
Exclusive: 1000 रुपये के लालच में थाने पहुंचाया ट्रैक्टर, उसे ही शहडोल पटवारी हत्याकांड का आरोपी बना दिया
Shahdol Patwari Murder: शहडोल में अवैध खनन रोकने गए पटवारी की हत्या के मामले में पुलिसिया कार्रवाई ही सवालों से घिर गई है। जिसे मुख्य आरोपी बनाया गया है, वह तो कथित तौर पर एक हजार रुपये के लालच में ट्रैक्टर थाने पहुंचाने गया था। पुलिस ने उसे ही गिरफ्तार कर जांच खत्म कर दी।
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शुभम की मां पप्पी विश्वकर्मा ने बताया कि घटना की रात शुभम घर पर ही था। उनका बेटा ट्रैक्टर चलाता है। वह रात में किसी की गाड़ी नहीं चलाता। घटना की सुबह उसे ट्रैक्टर मालिक का फोन आया और उसने ट्रैक्टर थाने पहुंचाने को कहा था। बेटा ड्राइवर है, इस वजह से वह खुद ट्रैक्टर चलाकर देवलोंद थाने पहुंचा। थाने में पुलिस ने उसे कुछ देर बैठने को कहा। थोड़ी देर बाद उठाकर लॉकअप में बंद कर दिया। शुभम के चाचा रामप्रसाद विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि उनका भतीजा रात में घर पर ही था। सुबह वह खुद ट्रैक्टर पहुंचाने थाने पहुंचा था। जब रात में इतनी बड़ी वारदात हो और हमारा भतीजा उसमे शामिल भी होता तो भला वह खुद ट्रैक्टर चलाकर थाना क्यों आता? उसके मोबाइल की लोकेशन की जांच की जाए। शुभम की मां का कहना है कि बेटा तो एक हजार रुपये के लालच में ट्रैक्टर थाने लेकर गया था।
एसपी ने कहा- शिकायत की जांच कराएंगे
इस मामले में जब अमर उजाला ने शहडोल एसपी कुमार प्रतीक से बात की तो उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर मालिक ने हमें जिस चालक का नाम बताया, उसे उठा लिया। आरोपी की मां और चाचा के आरोपों की जांच की जाएगी। जांच में यदि यह सामने आया कि शुभम बेकसूर था तो उसे छोड़ दिया जाएगा। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
पुलिस की कार्यवाही पर उठे सवाल
बहरहाल, पूरे मामले में पुलिसिया एक्शन अब सवालों के घेरे में है। ट्रैक्टर मालिक के कहने पर कथित ड्राइवर शुभम विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया। उसके मोबाइल लोकेशन की जांच नहीं की गई। न ही ट्रैक्टर मालिक के बयानों की पुष्टि की गई। यह भी हो सकता है कि ट्रैक्टर मालिक किसी को बचाने की खातिर ड्राइवर को फंसा रहा हो। पुलिस पर किस बात का दबाव था कि उसने जल्दबाजी में शुभम को गिरफ्तार कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने की घोषणा कर दी।
रिटायर्ड फौजी था प्रसन्न सिंह
अवैध खनन रोकने गए पटवारी प्रसन्न सिंह बघेल रिटायर्ड फौजी थे। 2018 में फौज की नौकरी से रिटायर होकर पटवारी बने थे। तब से शहडोल जिले में ही पोस्टेड थे। अपने घर के इकलौते चिराग थे। शुरुआती 24 घंटे में कलेक्टर वंदना वैद्य और एसपी कुमार प्रतीक घटनास्थल पर नहीं पहुंचे तो उन पर भी सवाल उठे थे।
माफिया के खिलाफ सख्त हुआ प्रशासन
पटवारी हत्याकांड के बाद पुलिस-प्रशासन अब अवैध खनन माफिया के खिलाफ सख्त हो गया है। एसपी कुमार प्रतीक के निर्देश पर विशेष टीमों ने अवैध खनन कर रेत का संग्रह करने वालों के खिलाफ छापामार कार्रवाई की। बड़ी मात्रा में अवैध रेत जब्त की गई है। पुलिस ने शहडोल और मैहर जिलों के बीच में सोन नदी से अवैध रेत का खनन करने वालों पर कार्रवाई की। पुलिस ने आठ हाइवा अवैध भंडारित रेत (120 घन मीटर) और दो ट्रैक्टर जब्त किए हैं। एसपी कुमार प्रतीक ने बताया कि कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
शहडोल से सादिक खान की रिपोर्ट
