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Ganesh Utsav: मध्यप्रदेश में है अष्टभुजा गणेश की इकलौती प्रतिमा, बेहद खास है 500 साल पुरानी मूर्ति की बनावट

Wed, 31 Aug 2022 09:41 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Wed, 31 Aug 2022 09:41 AM IST
सार

Ganesh Utsav: मध्यप्रदेश में है अष्टभुजा गणेश की इकलौती प्रतिमा, बेहद खास है 500 साल पुरानी मूर्ति की बनावट

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Ganesh Utsav: The only idol of octagonal Ganesh is in Madhya Pradesh, the idol is 500 years old
तेजगढ़ में स्थित अष्टभुजा गणेश प्रतिमा - फोटो : सोशल मीडिया
आपने भगवान गणेश के कई मंदिर देखे होंगे जहां भगवान की चार भुजाओं वाली प्रतिमा स्थापित होगी। कहा भी जाता है कि भगवान गणेश की चार भुजाएं हैं। लेकिन मध्यप्रदेश के दमोह जिले में गणेश जी की आठ भुजाओं वाली एक विलक्षण प्रतिमा स्थापित है। करीब 500 साल पुरानी इस प्रतिमा की बनावट भी बेहद खास है। देश में ऐसी विरली गणेश प्रतिमा शायद ही कोई दूसरी होगी, जिसमें भगवान गणेश अष्टभुजा स्वरूप में होंगे।


500 साल पुरानी है प्रतिमा
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक के तेजगढ़ गांव में भगवान गणेश 500 साल पुराना मंदिर स्थित है। गांव के लोगों का कहना है कि मंदिर काफी पुराना है इसलिए इसकी सटीक जानकारी उनके पास भी नहीं है। मंदिर के बारे में बुजुर्गों ने जो बताया उन्हें सिर्फ उतनी ही जानकारी है। ग्रामीणों का कहना है कि 500 साल पहले ओरछा के हरदोल का जन्म हुआ था और उसी समय तेजगढ़ के राजा तेजी सिंह का भी जन्म हुआ था। राजा तेजी सिंह के राज में ही अष्टभुजा गणेश की स्थापना की गई थी। मंदिर में पुराने रीति रिवाजों से पूजा होती है। जनवरी में तिलया गणेश के अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा होती है। 
 
Ganesh Utsav: The only idol of octagonal Ganesh is in Madhya Pradesh, the idol is 500 years old
500 साल पुरानी है प्रतिमा - फोटो : सोशल मीडिया
80 साल पहले नए मंदिर को दिया गया आकार 
गणेश प्रतिमा की स्थापना के बारे में गांव के किसी भी व्यक्ति को नहीं पता। लोगों का कहना है कि प्रतिमा की स्थापना की जानकारी ग्रंथों के माध्यम से मिली है, जिसमें स्थापना तेजी सिंह के द्वारा किए जाने की जानकारी मिलती है। करीब 80 साल पहले प्रतिमा मंदिर के नीचे की ओर धंसने लगी थी, तब फतेहपुर गांव के कोई संत यहां आए थे। इसके बाद प्रतिमा को बाहर निकाला गया प्रतिमा के ऊपर काफी बड़ी मात्रा में सिंदूर निकला था, जिसे नर्मदा नदी में बहाया गया था और फिर सभी के सहयोग से नए मंदिर का आकार दिया गया जो काफी विख्यात है। 
 
Ganesh Utsav: The only idol of octagonal Ganesh is in Madhya Pradesh, the idol is 500 years old
राजा तेजी सिंह ने स्थापित कराई थी प्रतिमा - फोटो : सोशल मीडिया
स्वयंभू मानी जाती है प्रतिमा
प्रतिमा के बारे में किसी को सटीक जानकारी नहीं है। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि प्रतिमा जमीन के नीचे से मिली थी। जिसे तेजगढ़ के राजा तेजी सिंह ने गणेश घाट के समीप स्थापित कराया था। उस समय से घाट का नाम भी गणेश घाट पड़ गया।  तेजगढ़ गांव को भी राजा तेजी सिंह ने ही बसाया था। गांव में स्थापित प्रतिमा बेहद दुर्लभ है, ऐसी प्रतिमा देश में कहीं और देखने को नहीं मिलती।
 
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