राजधानी भोपाल में पहली बार मगरमच्छों की गिनती शुरू की गई है। भोपाल के कलियासोत डैम में 21, केरवा डैम में 1 मगरमच्छ मिला है। गिनती के दौराम 9 वयस्क मगरमच्छ मिले हैं। मगरमच्छों की लंबाई करीब 3 से 9 फीट है। मगरमच्छों के साथ ही डैम में 2 घड़ियाल और 103 प्रजाति के पक्षी भी मिले हैं।
केरवा और कलियासोत डैम में बड़ी संख्या में मगरमच्छ पाए जाते हैं। हालांकि इससे पहले कभी भी इन डैमों में मगरमच्छों की गिनती नहीं की गई। वन विभाग और बर्ड्स संस्था ने डैम के किनारों पर जाकर मगरमच्छों की गिनती की इस दौरान मगरमच्छों के साथ ही घड़ियाल भी मिले। करीब 15 मगरमच्छ किनारों पर धूप सेंकते पाए गए। मगरमच्छों की गिनती करने कि लिए 55 लोगों की टीम लगी थी, जिसने बोट के सहारे डैम के किनारों पर मगरमच्छों की गणना की।
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डैम के किनारे धूप सेंकता मगरमच्छ
- फोटो : अमर उजाला
9 वयस्क मगरमच्छ मिले
टीम को कलियासोत डैम में 21 और केरवा डैम में 1 मगरमच्छ मिला है। कुल 22 मगरमच्छों में 9 वयस्क, 12 सब अडल्ट और 1 जुवेनाइल मगरमच्छ है। वयस्क मगरमच्छ की लंबाई करीब 9 फीट, सबअडल्ट 6 फीट से कम और जुवेनाइल 3 फीट से कम लंबाई के हैं।
103 प्रजातियों के बर्ड मिले
मगरमच्छों की गणना के दौरान टीम को 103 प्रजातियों के बर्ड भी मिले हैं। इनमें पेंटेड स्टोर्क, वुल्ली नेक स्टोर्क, ब्रह्मिनी शेल्डक, स्पॉट बिल डक, रिवर लेपविंग, लार्ज कोर्मोरेंट, लिटिल कोर्मोरेंट, पिनटेल, लिटिल ग्रीब, रुफ्फ, ब्लैक विंग स्टिल्ट, लिटिल रिंग प्लोवर, ग्रे हेरॉन, व्हीट वैगटेल, रिवर टर्न, रेड क्रेस्टेड पोचार्ड, क्रेस्टेड सरपेंट ईगल, ओपन बिल स्टोर्क, कॉमन सैंडपाइपर, ब्रोंज विंग जकाना शामिल हैं।
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भोपाल में 103 प्रजाति के पक्षी मिले
- फोटो : अमर उजाला
वनकर्मियों और वालेंटियर्स का किया गया सम्मान
मगरमच्छों की गिनती में शामिल टीम का सम्मान किया गया। बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय भोपाल के कुलपति डॉ. आरजे राव, मुख्य वन संरक्षक भोपाल वृत्त रविंद्र सक्सेना, DFO आलोक पाठक, SDO आरएस भदौरिया समेत सरीसर्प विशेषज्ञ ग्वालियर ऋषिकेश शर्मा, डी जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया जबलपुर के वैज्ञानिक डॉ. प्रत्युष महापात्रा, बर्डस विशेषज्ञ मोहम्मद खालिक आदि मौजूद थे।