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एमपी: बुधनी में क्यों भड़के शिवराज सिंह चौहान? आदिवासियों के घर टूटने पर अपनी ही सरकार से नाराज, जानें मामला
Mon, 12 Oct 2026 11:02 AM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Mon, 12 Oct 2026 11:02 AM IST
सार
मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के बुधनी स्थित कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के मकान तोड़ने और फसलें नष्ट करने के मामले में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी ही सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। देर रात तक प्रभावित परिवारों के साथ धरने पर बैठे शिवराज ने नए पक्के मकान बनवाने का भरोसा दिया। वहीं, इस मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की बात कही हैं।
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केंद्रीय मंत्री शिवराज बैठे धरने पर
- फोटो : अमर उजाला
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह क्षेत्र बुधनी के कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। गांव में बारेला आदिवासी समुदाय के 12 परिवारों के मकान तोड़े जाने, खेतों में खड़ी फसल नष्ट होने और कुएं को मिट्टी से भर दिया गया। रविवार को गांव पहुंचे शिवराज सिंह चौहान ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और वन विकास निगम की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। वह कार्रवाई के विरोध में धरने पर भी बैठ गए। उन्होंने कहा कि उनके मना करने के बावजूद यह कार्रवाई हुई है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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शिवराज पीड़ित परिवारों से मिलते हुए
- फोटो : अमर उजाला
पीड़ितों के साथ देर रात तक बैठे धरने पर
शिवराज ने बताया कि गांव पहुंचने से पहले उन्होंने मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से फोन पर बात की थी। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं रुकने पर उन्होंने नाराजगी जताई। और मुख्यमंत्री से मुलाकात करने की बात कही। उन्होंने प्रभावित परिवारों को नए पक्के मकान बनवाने का भरोसा भी दिया। शिवराज लंबे समय तक बुधनी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। देर रात तक आदिवासी परिवारों के साथ धरने पर बैठने के बाद शिवराज सिंह चौहान भोपाल लौट आए। सोमवार सुबह पहले से तय बैठक में शामिल होने के लिए वह दिल्ली रवाना हो गए। जानकारी के अनुसार, शिवराज शाम तक भोपाल लौटेंगे। इसके बाद वह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर सकते हैं। हालांकि, अभी तक शिवराज के कार्यालय की ओर से मुख्यमंत्री कार्यालय से मुलाकात के लिए समय नहीं मांगा गया है।
ये भी पढ़ें- कोसमी का कुसूरवार कौन: आदिवासियों के टूटे घर और तबाह फसलें देख भड़के शिवराज, सीएस को फोन कर जताई नाराजगी
शिवराज ने बताया कि गांव पहुंचने से पहले उन्होंने मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से फोन पर बात की थी। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं रुकने पर उन्होंने नाराजगी जताई। और मुख्यमंत्री से मुलाकात करने की बात कही। उन्होंने प्रभावित परिवारों को नए पक्के मकान बनवाने का भरोसा भी दिया। शिवराज लंबे समय तक बुधनी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। देर रात तक आदिवासी परिवारों के साथ धरने पर बैठने के बाद शिवराज सिंह चौहान भोपाल लौट आए। सोमवार सुबह पहले से तय बैठक में शामिल होने के लिए वह दिल्ली रवाना हो गए। जानकारी के अनुसार, शिवराज शाम तक भोपाल लौटेंगे। इसके बाद वह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर सकते हैं। हालांकि, अभी तक शिवराज के कार्यालय की ओर से मुख्यमंत्री कार्यालय से मुलाकात के लिए समय नहीं मांगा गया है।
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पीड़ितों को ढांढस बंधाते शिवराज सिंह चौहान
- फोटो : अमर उजाला
सरकार का कहना है कि प्लांटेशन नष्ट कर बनाई झोपड़ी
राज्य वन विकास निगम के अधिकारियों का कहना है कि वन विकास निगम को विभाग की तरफ से संबंधित वन भूमि 2021 में आवंटित हुई थी, उस समय वहां पर कोई अतिक्रमण नहीं था। संबंधित 32 हैक्टेयर की भूमि पर राज्य वन विकास निगम ने प्लांटेशन कराया था। इस भूमि पर 2022 के बाद सिंहपुर के कुछ आदिवासी परिवारों ने प्लांटेशन को नष्ट कर खेती शुरू कर दी थी। और झोपड़ियां बना ली थी। इसके बाद उनको लगातार कब्जा हटाने के लिए कहा जा रहा था। जिसके बाद उन परिवारों के खिलाफ वन अपराध के मामले दर्ज किए गए थे और उन्हें बेदखली के नोटिस भी जारी किए गए। इसके बाद अवैध झोपड़ियों को हटाने की कार्रवाई की गई। वहां पर नियम और कानून के अनुसार कार्रवाई की गई। संबंधित कब्जाधारियों के दूसरी जगह पक्के दो मंजिला मकान तक बने हुए हैं।
ये भी पढ़ें- टीईटी आवेदन की आखिरी तारीख: करीब डेढ़ लाख शिक्षक,विरोध के बीच विभाग की बढ़ी चिंता,तीन बार बढ़ानी पड़ी तारीख
राज्य वन विकास निगम के अधिकारियों का कहना है कि वन विकास निगम को विभाग की तरफ से संबंधित वन भूमि 2021 में आवंटित हुई थी, उस समय वहां पर कोई अतिक्रमण नहीं था। संबंधित 32 हैक्टेयर की भूमि पर राज्य वन विकास निगम ने प्लांटेशन कराया था। इस भूमि पर 2022 के बाद सिंहपुर के कुछ आदिवासी परिवारों ने प्लांटेशन को नष्ट कर खेती शुरू कर दी थी। और झोपड़ियां बना ली थी। इसके बाद उनको लगातार कब्जा हटाने के लिए कहा जा रहा था। जिसके बाद उन परिवारों के खिलाफ वन अपराध के मामले दर्ज किए गए थे और उन्हें बेदखली के नोटिस भी जारी किए गए। इसके बाद अवैध झोपड़ियों को हटाने की कार्रवाई की गई। वहां पर नियम और कानून के अनुसार कार्रवाई की गई। संबंधित कब्जाधारियों के दूसरी जगह पक्के दो मंजिला मकान तक बने हुए हैं।
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मिट्टी से भरे गए कुंआ देखते शिवराज
- फोटो : अमर उजाला
घर टूटे, फसलें भी हुईं प्रभावित
कोसमी गांव में हुई कार्रवाई के दौरान आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े गए। उनके पानी के कुएं को मिट्टी से भर दिया गया। जेसीबी मशीन से खेतों में खड़ी मक्का और तुअर की फसल भी नष्ट की गई। इसके अलावा पानी के इस्तेमाल वाले एक कुएं को मिट्टी से भर दिया गया। इससे प्रभावित परिवारों के सामने रहने, आजीविका और पानी की व्यवस्था को लेकर मुश्किलें खड़ी हो गईं। प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे लंबे समय से यहां रह रहे थे। गांव पहुंचे शिवराज सिंह चौहान ने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। शिवराज ने परिवारों को भरोसा दिया कि उनके लिए नए पक्के मकान बनवाए जाएंगे। मकान तैयार होने तक रहने और भोजन की व्यवस्था करने का आश्वासन भी दिया।
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कोसमी गांव में हुई कार्रवाई के दौरान आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े गए। उनके पानी के कुएं को मिट्टी से भर दिया गया। जेसीबी मशीन से खेतों में खड़ी मक्का और तुअर की फसल भी नष्ट की गई। इसके अलावा पानी के इस्तेमाल वाले एक कुएं को मिट्टी से भर दिया गया। इससे प्रभावित परिवारों के सामने रहने, आजीविका और पानी की व्यवस्था को लेकर मुश्किलें खड़ी हो गईं। प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे लंबे समय से यहां रह रहे थे। गांव पहुंचे शिवराज सिंह चौहान ने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। शिवराज ने परिवारों को भरोसा दिया कि उनके लिए नए पक्के मकान बनवाए जाएंगे। मकान तैयार होने तक रहने और भोजन की व्यवस्था करने का आश्वासन भी दिया।
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शिवराज सिंह चौहान
- फोटो : अमर उजाला
पहले भी आदिवासी परिवारों के मामले में किया था हस्तक्षेप
शिवराज सिंह चौहान ने कुछ महीने पहले देवास के खिवनी में आदिवासी परिवारों पर कार्रवाई को लेकर हस्तक्षेप किया था। उस समय उन्होंने अधिकारियों से बात कर आदिवासी परिवारों के घर नहीं गिराने के निर्देश दिए थे। अब अपने गृह क्षेत्र बुधनी में आदिवासियों के घर तोड़े जाने के मामले में उनकी नाराजगी सामने आई है। उन्होंने कहा कि उनके मना करने के बावजूद कार्रवाई हुई है।
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हीरालाल अलावा ने सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस विधायक हीरालाल अलावा ने कोसमी में आदिवासी परिवारों के घर तोड़े जाने को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव के समय आदिवासी कल्याण के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर आदिवासियों को उनके जल, जंगल और जमीन के अधिकारों से बेदखल किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उनके आवास के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
शिवराज सिंह चौहान ने कुछ महीने पहले देवास के खिवनी में आदिवासी परिवारों पर कार्रवाई को लेकर हस्तक्षेप किया था। उस समय उन्होंने अधिकारियों से बात कर आदिवासी परिवारों के घर नहीं गिराने के निर्देश दिए थे। अब अपने गृह क्षेत्र बुधनी में आदिवासियों के घर तोड़े जाने के मामले में उनकी नाराजगी सामने आई है। उन्होंने कहा कि उनके मना करने के बावजूद कार्रवाई हुई है।
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हीरालाल अलावा ने सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस विधायक हीरालाल अलावा ने कोसमी में आदिवासी परिवारों के घर तोड़े जाने को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव के समय आदिवासी कल्याण के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर आदिवासियों को उनके जल, जंगल और जमीन के अधिकारों से बेदखल किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उनके आवास के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
